रोजगार के लिहाज से दक्षिण भारत के शहर महिलाओं के लिए बेहतर हैं। इस मामले में चेन्नई नंबर 1 पर है। इसके बाद पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई लिस्ट में है। ये आंकड़ा अवतार (Avatar) की एक रिपोर्ट में सामने आया है। अवतार, वर्कप्लेस को लेकर गणना करती है। इस रिपोर्ट में भारत के 111 शहरों की लिस्ट दी गई है, जो महिलाओं के रोजगार के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के मापदंडों पर खरे उतरते हैं। दस लाख से अधिक आबादी वाले टॉप 10 शहरों की लिस्ट में अहमदाबाद, विशाखापट्टनम, कोलकाता, कोयंबटूर और मदुरै शामिल हैं।
अवतार ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष- सौंदर्य राजेश ने कहा कि दक्षिण और पश्चिम क्षेत्र के राजनीतिक-ऐतिहासिक संदर्भ को देखते हुए यहां पर महिलाओं के लिए रोजगार की अनुकूल स्थिति होना कोई आश्चर्य की बात नहीं है। हुबली, नागपुर, अहमदाबाद और कोयम्बटूर जैसे शहरों में पनपती इंडस्ट्री के कारण महिलाओं के रोजगार के लिए सकारात्मक और आशाजनक सेंटर के रूप में विकसित होना बहुत खुशी की बात है। दिल्ली और कोलकाता जैसे महानगर सामाजिक समावेशन के मामले में सुरक्षा के कमजोर मानकों और महिलाओं के रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए खराब क्षमताओं के कारण पिछड़ गए हैं।
इस अध्ययन में इंडेक्स स्कोर के अलावा, पिछले एक साल के दौरान महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए राज्यों और शहरों द्वारा उठाए गए कदमों को भी शामिल किया गया है, जिसमें महिलाओं की कार्यबल भागीदारी बढ़ाने के लिए उठाए गए जरूरी कदमों पर भी प्रकाश डाला गया है।
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