भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने पेमेंट गेटवे बिलडेस्क की PayU को अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। PayU द्वारा बिलडेस्क का अधिग्रहण करने के सौदे के एक साल बाद भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने 4.7 अरब डॉलर के इस मर्जर को अपनी मंजूरी दे दी है। सीसीआई ने कहा है कि आयोग ने पेयू पेमेंट्स द्वारा बिलडेस्क की इक्विटी शेयर पूंजी के 100 प्रतिशत के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है।
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इस मेगा डील को अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक से अंतिम नियामकीय मंजूरी का इंतजार है। साल 2018 में वॉलमार्ट द्वारा ई-कॉमर्स प्रमुख फ्लिपकार्ट के अधिग्रहण के बाद भारतीय इंटरनेट सेवा क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी खरीद है। इसके अंतर्गत देश के दो सबसे बड़े पेमेंट गेटवे बिजनेस का विलय हो जाएगा। PayU और BillDesk के अतिरिक्त पेमेंट गेटवे बाजार में Razorpay, Pine Labs, Paytm, Infibeam Avenues, MSwipe आदि अन्य पेमेंट गेटवे मौजूद हैं।
बिलडेस्क से हुई सौदा PayU का चौथा भारतीय अधिग्रहण है। इसने साल 2016 में साइट्रस पे, साल 2019 में विबमो और साल 2020 में PaySense का अधिग्रहण किया था। बता दें कि बिलडेस्क को सरकारी लेन-देन के अतिरिक्त और बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई) सेक्टर में लगभग एकाधिकार हासिल है, जबकि पेयू इंटरनेट के माध्यम से बिल भुगतान स्वीकार करने वाली कंपनियों का पसंदीदा पेमेंट गेटवे है।
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