दक्षिण अफ्रीका के ईस्टर्न केप में 85 केप गिद्धों (Gyps coprotheres) का तीन दशकों के बाद देखा जाना संरक्षणवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष रूप से दक्षिणी अफ्रीका में पाए जाने वाले ये गिद्ध पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे मृत जीवों को खाकर बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। हालांकि संरक्षण प्रयासों से इनकी आबादी स्थिर हो रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर गिद्धों को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। यह पुनरुत्थान दर्शाता है कि निरंतर संरक्षण पहल कितनी महत्वपूर्ण हैं।
केप गिद्धों की हालिया वापसी इस बात का प्रमाण है कि सही संरक्षण प्रयासों से संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाया जा सकता है।
| संक्षिप्त विवरण | विवरण |
| क्यों चर्चा में? | दक्षिण अफ्रीका के ईस्टर्न केप में 30 वर्षों बाद केप गिद्ध देखे गए |
| प्रजाति | केप गिद्ध (Gyps coprotheres) |
| देखे जाने का स्थान | स्पिट्सकोप क्रैडॉक, माउंटेन ज़ेब्रा नेशनल पार्क के पास, दक्षिण अफ्रीका |
| ईस्टर्न केप में पिछली sighting | 30 वर्षों से अधिक समय पहले |
| वर्तमान जनसंख्या अनुमान (2021) | 9,600 – 12,800 वयस्क गिद्ध |
| खतरे | आवासीय क्षति, विषाक्तता, करंट लगना, भोजन की कमी |
| संरक्षण स्थिति | (IUCN) असुरक्षित (Vulnerable) |
| पारिस्थितिकीय भूमिका | सफाईकर्मी, बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं |
| संरक्षण प्रयास | विष मुक्ती उपाय, आवास पुनर्स्थापन, भोजन सुरक्षा पहल |
| इस खोज का महत्व | पुनरुत्थान का सकारात्मक संकेत, संरक्षण सफलता को दर्शाता है |
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