हैदराबाद में खुलेगा वित्तीय ऑडिट के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) हैदराबाद में वित्तीय लेखा परीक्षा के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence for Financial Audit) स्थापित कर रहा है। यह एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है, जिसका उद्देश्य लेखा परीक्षा (ऑडिट) प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना, पेशेवर कौशल को बढ़ाना और भारत की ऑडिट प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाना है। सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था की बढ़ती जटिलताओं को देखते हुए यह केंद्र देश के लेखा परीक्षा तंत्र को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

केंद्र के प्रमुख उद्देश्य

यह नया केंद्र एक राष्ट्रीय उत्कृष्टता हब होगा, जिसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण कार्य होंगे—

  • अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाते हुए, उन्हें भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालना।

  • अनुसंधान और पेशेवर विकास पर ध्यान देना, ताकि ऑडिटरों में उच्च-स्तरीय कौशल विकसित हो सके।

  • पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए, उच्च-गुणवत्ता वाले वित्तीय ऑडिट मानकों का मानकीकरण करना।

  • डेटा-एनालिटिक्स और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को ऑडिट प्रक्रिया में शामिल करना — यानी सैंपल-आधारित ऑडिट से पूरे डेटा-सेट के विश्लेषण की ओर बढ़ना।

  • लेखा परीक्षा में ESG (पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन) मानकों को शामिल करना, जो आधुनिक जवाबदेही की वैश्विक अपेक्षाओं के अनुरूप है।

संस्थागत बदलाव और उसका महत्व

यह पहल भारत की ऑडिट प्रणाली में एक रणनीतिक बदलाव का संकेत है। परंपरागत रूप से ऑडिट मुख्य रूप से सैंपलों और नियमित समीक्षा पर आधारित रहा है, लेकिन यह केंद्र निम्न बदलावों की ओर इशारा करता है—

  • ऑडिट और लेखा कार्यों के बीच की दूरी कम करना, और लेखा कार्यालयों को वित्तीय डेटा के “सोने की खान” के रूप में देखना (वाउचर, स्वीकृतियाँ, चालान आदि)।

  • AI-आधारित विश्लेषण का उपयोग करके अधिक सटीक, प्रमाण-आधारित ऑडिट परिणाम प्राप्त करना।

  • स्थिरता (Sustainability) और ESG पहलुओं को ऑडिट दायरे में शामिल करना, जो अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप है।

ये परिवर्तन संस्थागत ढाँचे के आधुनिकीकरण और वित्तीय निगरानी तंत्र को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

मुख्य तथ्य

  • संस्था : भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)

  • पहल : वित्तीय लेखा परीक्षा के लिए उत्कृष्टता केंद्र (Hyderabad)

  • मुख्य फोकस : नवाचार, अनुसंधान और पेशेवर कौशल विकास

  • पद्धति में बदलाव : सैंपल-आधारित ऑडिट से AI और डेटा-एनालिटिक्स आधारित संपूर्ण डेटा-सेट ऑडिट

  • अतिरिक्त फोकस : ESG मानकों का एकीकरण

  • घोषणा की तिथि : 19 नवंबर 2025

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vikash

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