Categories: National

कैबिनेट ने सौर सेल के लिए अतिरिक्त पीएलआई योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में सौर फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शन लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की दूसरी किश्त को मंजूरी दे दी। बता दें केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक प्रेस वार्ता में घोषणा की। पीएलआई योजना की दूसरी किश्त के साथ सरकार उम्मीद कर रही है कि देश में पूरी तरह से और आंशिक रूप से एकीकृत, सौर पीवी मॉड्यूल की लगभग 65GW प्रति वर्ष विनिर्माण क्षमता स्थापित की जाएगी।

पीएलआई योजना की दूसरी किश्त

“उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल’ पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए पीएलआई योजना की दूसरी किश्त को 19,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ अनुमोदित किया गया है। इसके माध्यम से हम भारत में सौर पीवी मॉड्यूल में गीगा वाट (जीडब्ल्यू) पैमाने की विनिर्माण क्षमता हासिल करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आयात निर्भरता कम हो सके। यह सरकार की आत्मानिर्भर भारत पहल को भी मजबूत करेगा और रोजगार पैदा करेगा।

2030 तक इतना बिजली क्षमता का लक्ष्य

भारत में वर्तमान में सोलर वेफर्स और पॉलीसिलिकॉन का कोई निर्माण नहीं है। इस योजना के माध्यम से, सरकार तीन श्रेणियों में सौर भागों के निर्माण पर जोर देगी, जिसमें मुख्य रूप से एकीकृत इकाइयों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, और अन्य दो को वेफर्स-पॉलीसिलिकॉन और सेल-मॉड्यूल के बीच समान रूप से विभाजित किया जाएगा। सरकार ने 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से 500GW स्थापित बिजली क्षमता का लक्ष्य भी निर्धारित किया है, जिसका मतलब लगभग 280-300GW सौर ऊर्जा की क्षमता होगी।

सौर पीवी मॉड्यूल पर राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य

उच्च दक्षता के सौर पीवी मॉड्यूल पर राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में उच्च दक्षता वाले सौर पीवी मॉड्यूल के विनिर्माण के लिए एक परिवेश तैयार करना और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आयात निर्भरता को कम करना है। साथ ही यह आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूत करेगा और रोजगार पैदा करेगा।

योजना से प्रत्यक्ष रोजगार

इसमें कहा गया है कि योजना से प्रत्यक्ष रूप से करीब 94,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। साथ ही ईवीए, सौर ग्लास आदि जैसी अन्य सामाग्रियों की विनिर्माण क्षमता सृजित होगी। इसके अलावा इससे प्रत्यक्ष रूप से 1,95,000 तथा परोक्ष रूप से 7,80,000 रोजगार सृजित होंगे। इससे लगभग 1.37 लाख करोड़ रुपये के आयात में कमी आने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त सौर पीवी मॉड्यूल में दक्षता में सुधार के लिए अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विश्व दिवस 2026

कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए विश्व दिवस 2026 हर साल 28 अप्रैल को…

19 minutes ago

जानें कौन हैं Sanjay Jamuar, जिन्हें बनाया गया दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल का पहला CEO

संजय जमुआर (Sanjay Jamuar) को दिल्ली मेट्रो इंटरनेशनल लिमिटेड (डीएमआईएल) का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी…

16 hours ago

नवजात शिशुओं के लिए पहली बार Malaria की खास दवा को मिली मंजूरी

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने बच्चों में मलेरिया के मामले और इससे मौत के जोखिमों…

16 hours ago

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का बड़ा ऐलान, मैं राजनीति छोड़ दूंगा; जानें वजह

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि वे साल 2027 में अपना दूसरा…

16 hours ago

आंध्र प्रदेश ने ₹13,000 करोड़ का विशाल मशरूम मिशन शुरू किया

आंध्र प्रदेश राज्य सरकार ने लगभग ₹13,000 करोड़ के निवेश के साथ पहले 'मशरूम मिशन'…

16 hours ago

केन्‍या के Sebastian Sawe ने 2 घंटे के अंदर पूरी की मैरानथन, बनाया वर्ल्‍ड रिकॉर्ड

केन्‍या के सेबास्टियन सावे (Sebastian Sawe) ने लंदन मैराथन में इतिहास रच दिया। सावे दुनिया…

17 hours ago