कैबिनेट ने पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र को दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3,435.33 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों (PTA) द्वारा ई-बसों की खरीद और संचालन के लिए “पीएम-ई-बस सेवा-भुगतान सुरक्षा तंत्र (PSM) योजना” को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत 3,435 करोड़ रुपये से अधिक के परिव्यय के साथ 38,000 से अधिक ई-बसों की तैनाती होगी। यह योजना प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण की रक्षा करने में बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहन देकर ई-बसों को अपनाने में सहूलियत प्रदान करना है। इस योजना से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी और जीवाश्म ईंधन की खपत भी कम होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने पीएसएम योजना को मंजूरी दी है। दरअसल वर्तमान में, सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरणों द्वारा संचालित अधिकांश बसें डीजल और सीएनजी पर चलती हैं, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। दूसरी ओर, ई-बसें पर्यावरण के अनुकूल हैं और उनकी परिचालन लागत भी कम है। हालांकि, ऐसा अनुमान लगाया गया था कि पीटीए को ऊंची अग्रिम लागत और संचालन से राजस्व की कम प्राप्ति के कारण ई-बसों की खरीद और संचालन करना चुनौतीपूर्ण लगेगा।

योजना का विवरण

ई-बसों की ऊंची पूंजी लागत का समाधान निकालने के लिए, सार्वजनिक परिवहन प्राधिकरण सकल लागत अनुबंध (जीसीसी) मॉडल पर सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से इन बसों को शामिल करते हैं। जीसीसी मॉडल के तहत पीटीए को बस की अग्रिम लागत का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है, इसके बजाय ओईएम/ऑपरेटर मासिक भुगतान के साथ पीटीए के लिए ई-बसों की खरीद और संचालन करते हैं। हालांकि, भुगतान में संभावित चूक से जुड़ी चिंताओं के कारण ओईएम/ऑपरेटर इस मॉडल को अपनाने में संकोच करते हैं।

भुगतान सुरक्षा

यह योजना एक समर्पित कोष के माध्यम से ओईएम/ऑपरेटरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करके इस चिंता का समाधान करती है। पीटीए द्वारा भुगतान में चूक के मामले में, कार्यान्वयन एजेंसी सीईएसएल योजना निधि से आवश्यक भुगतान करेगी, जिस रकम को बाद में पीटीए/राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा आगे काट लिया जाएगा।

पर्यावरणीय और परिचालन लाभ

प्रभाव: डीजल/सीएनजी बसों से ई-बसों में बदलाव से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और जीवाश्म ईंधन की खपत में कमी आएगी, जो प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

475 वर्ष पुराना वसई कैथेड्रल को यूनेस्को पुरस्कार: सामुदायिक संरक्षण को मिला वैश्विक सम्मान

महाराष्ट्र के वसई (पापडी गांव) में स्थित 475 वर्ष पुराना अवर लेडी ऑफ़ ग्रेस कैथेड्रल…

14 hours ago

UGC ने पूरे भारत में 32 फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान की, यह राज्य लिस्ट में सबसे ऊपर

यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एक बार फिर देश में चल रही फर्जी यूनिवर्सिटीज की…

14 hours ago

राष्ट्रपति भवन में लुटियंस की जगह लगाई गई राजाजी की प्रतिमा

राष्ट्रपति भवन में 23 फरवरी 2026 को पहले भारतीय गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के जीवन…

15 hours ago

पंजाब सरकार ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत 40 लाख परिवारों को खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएगी

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मेरी रसोई’ योजना शुरु करने की 23 फरवरी 2026…

15 hours ago

शशि थरूर को सेंट जेवियर विश्वविद्यालय, कोलकाता ने मानद डीलिट की उपाधि दी

लोकसभा MP शशि थरूर को 21 फरवरी 2026 को कोलकाता स्थित सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय के…

15 hours ago

भारत-अमेरिका वज्र प्रहार 2026: हिमाचल में 16वें संयुक्त अभ्यास के लिए विशेष बल तैयार

भारत और अमेरिका 23 फरवरी से 15 मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित…

15 hours ago