बजट 2025: केंद्रीय बजट के बारे में 10 रोचक तथ्य

केंद्रीय बजट, जिसे संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) भी कहा जाता है, अगली वित्तीय वर्ष के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किया जाता है। इसमें सरकार के नियोजित व्यय, अपेक्षित राजस्व और आर्थिक नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की जाती है। बजट 1 फरवरी को पेश किया जाता है और 1 अप्रैल से लागू होता है। 2016 से पहले, इसे फरवरी के अंतिम कार्यदिवस पर प्रस्तुत किया जाता था। इसका मसौदा तैयार करने की ज़िम्मेदारी आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) के बजट प्रभाग की होती है।

केंद्रीय बजट से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करने जा रही हैं। यहां केंद्रीय बजट से जुड़ी 10 रोचक जानकारियां दी गई हैं:

  • प्रस्तुति की तिथि में बदलाव: 2016 तक, केंद्रीय बजट परंपरागत रूप से फरवरी के अंतिम कार्य दिवस पर पेश किया जाता था। हालांकि, अब इसे 1 फरवरी को पेश किया जाता है।
  • घोषणा समय में परिवर्तन: 1999 तक, केंद्रीय बजट की घोषणा शाम 5:00 बजे की जाती थी, जो औपनिवेशिक परंपरा का हिस्सा थी। वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 2001 से इसे सुबह 11:00 बजे करना शुरू किया।
  • हलवा समारोह परंपरा: बजट प्रस्तुत करने से एक सप्ताह पहले, वित्त मंत्री मंत्रालय के अधिकारियों को ‘हलवा’ वितरित करते हैं, जो ‘लॉक-इन’ अवधि की शुरुआत का प्रतीक है।
  • डिजिटल परिवर्तन: डिजिटल तरीकों को अपनाने के साथ ही लॉक-इन अवधि को दो सप्ताह से घटाकर पांच दिन कर दिया गया है।
  • ब्रिफकेस परंपरा समाप्ति: 2018 तक वित्त मंत्री बजट को चमड़े के ब्रिफकेस में लेकर आते थे, लेकिन अब यह परंपरा समाप्त कर दी गई है।
  • पेपरलेस बजट: 1 फरवरी 2021 को, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल टैबलेट का उपयोग करते हुए पहला पेपरलेस बजट पेश किया।
  • केंद्रीय बजट के दो भाग:
    1. वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement): इसमें सरकार की अनुमानित आय और व्यय का सारांश होता है।
    2. अनुदान मांग (Demand for Grants): इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अनुमानित खर्च का विवरण होता है।
  • संसदीय प्रक्रिया: वित्त मंत्री लोकसभा में बजट भाषण प्रस्तुत करते हैं, जिसके बाद उस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया होती है।
  • मध्यावधि समीक्षा: सरकार की वित्तीय स्थिति का विश्लेषण करने के लिए ‘मध्यावधि समीक्षा’ या ‘अर्धवार्षिक रिपोर्ट’ प्रकाशित की जाती है।
  • राष्ट्रपति की स्वीकृति परंपरा: बजट प्रस्तुत करने से पहले, वित्त मंत्री राष्ट्रपति से भेंट कर उनकी स्वीकृति प्राप्त करते हैं। बजट भाषण के बाद, वित्त मंत्री अन्य मंत्रियों और हितधारकों के साथ चर्चा करते हैं।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

विंटर ओलंपिक्स 2026 – पूरी मेडल टेबल और हाइलाइट्स

शीतकालीन ओलंपिक 2026, जिन्हें आधिकारिक रूप से 2026 Winter Olympics (XXV ओलंपिक विंटर गेम्स) कहा…

32 mins ago

BAFTA Awards 2026: देखें पूरी बाफ्टा अवार्ड्स विनर्स की लिस्ट

79वें ब्रिटिश अकादमी फिल्म अवॉर्ड्स (BAFTA 2026) का आयोजन 22 फरवरी को लंदन के रॉयल…

2 hours ago

विश्व शांति और समझदारी दिवस 2026

विश्व शांति और समझ दिवस 2026 (World Peace and Understanding Day 2026), हर साल 23…

2 hours ago

व्यापार सूचकांकों का आधार वर्ष बदलकर 2022-23 किया गया

भारत सरकार ने भारत के मर्चेंडाइज ट्रेड इंडेक्स (Merchandise Trade Indices) का आधार वर्ष 2012-13…

2 days ago

कौन हैं आशा शर्मा? जो संभालेंगी Microsoft Gaming की कमान

माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के तहत भारतीय मूल की अधिकारी आशा…

2 days ago

हरशरण कौर त्रेहन PSPCL की पहली महिला डायरेक्टर (कमर्शियल) बनीं

हरशरण कौर त्रेहन को पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (PSPCL) में निदेशक (वाणिज्यिक) नियुक्त किया…

2 days ago