ब्राज़ील स्वतंत्रता दिवस, या दिया दा इंडेपनडेंसिया (Dia da Independência), हर साल 7 सितंबर को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2025 में देश अपनी स्वतंत्रता की घोषणा (1822) के 203 वर्ष पूरे कर रहा है, जब उसने पुर्तगाल से आज़ादी हासिल की थी। इस दिन को सैन्य परेड, नागरिक समारोह, पारंपरिक व्यंजन और सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से मनाया जाता है, जो राष्ट्र के स्थायी गौरव और एकता का प्रतीक हैं। ब्राज़ीलवासियों के लिए यह सिर्फ़ एक अवकाश नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, पहचान और संस्कृति का उत्सव है, जो उनकी उस ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाता है जो कई अन्य लैटिन अमेरिकी देशों से अलग रही है।
ब्राज़ील वर्ष 1500 से पुर्तगाल के अधीन रहा और यह साम्राज्य की दक्षिण अमेरिकी उपनिवेशों की रीढ़ था। वर्ष 1808 में नेपोलियन युद्धों के दौरान पुर्तगाली शाही परिवार रियो डी जनेरियो भाग आया और अस्थायी रूप से ब्राज़ील ही पुर्तगाली साम्राज्य की राजधानी बन गया। इस घटना ने ब्राज़ील की राजनीतिक स्थिति को मज़बूती प्रदान की।
7 सितंबर 1822 को प्रिंस पेद्रो प्रथम (Prince Pedro I) ने पुर्तगाली संसद कोर्टेस के आदेश को मानने से इंकार कर दिया कि वह लिस्बन लौट जाएं। साओ पाउलो के इपीरंगा नदी के किनारे उन्होंने घोषणा की — “Independência ou Morte!” (स्वतंत्रता या मृत्यु!)। यह ऐतिहासिक घोषणा, जिसे आज इपीरंगा की पुकार कहा जाता है, ब्राज़ील के पुर्तगाली शासन से औपचारिक अलगाव और स्वतंत्र राजशाही की शुरुआत का प्रतीक बनी, जो 1889 में गणराज्य की घोषणा तक चली।
अन्य लैटिन अमेरिकी देशों की तरह लम्बे युद्धों से गुज़रे बिना ब्राज़ील की स्वतंत्रता अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रही। 1825 में पुर्तगाल ने वार्ता के बाद इसे आधिकारिक मान्यता दी। यही कारण है कि इसे उपनिवेशोत्तर इतिहास में एक अनोखा उदाहरण माना जाता है।
तारीख़: रविवार, 7 सितंबर 2025
महत्व: 1822 में पुर्तगाल से स्वतंत्रता की घोषणा की याद
सार्वजनिक प्रभाव: राष्ट्रीय अवकाश; बैंक, स्कूल, सरकारी कार्यालय और कई व्यवसाय बंद रहते हैं
राजधानी ब्राज़ीलिया में एस्प्लानाडा डॉस मिनिस्तेरियोस (Esplanada dos Ministérios) पर सबसे भव्य सैन्य परेड होती है, जिसमें राष्ट्रपति शामिल होते हैं और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित किया जाता है।
शहरों और कस्बों में ध्वजारोहण, देशभक्ति भाषण और बैंड प्रस्तुतियां आयोजित होती हैं।
संग्रहालय और ऐतिहासिक स्थल नि:शुल्क खोले जाते हैं।
परिवार पारंपरिक व्यंजनों जैसे फेज़ोआदा (feijoada), पाओ डी आसुकर (pão de açúcar) और ब्रिगादेरो (brigadeiros) के साथ जश्न मनाते हैं।
समुदायों में संगीत और नृत्य प्रस्तुतियां होती हैं, जो ब्राज़ील की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।
ब्राज़ील का ध्वज:
हरा रंग – घने जंगल
पीला रंग – खनिज संपदा
नीला गोला और सितारे – ब्राज़ील के राज्य और राष्ट्रीय आदर्श वाक्य “Ordem e Progresso” (व्यवस्था और प्रगति)
राष्ट्रीय गान:
हिनो नासियोनाल ब्राज़िलेइरो (Hino Nacional Brasileiro) सभी बड़े समारोहों में गाया जाता है और स्कूलों में सिखाया जाता है। नागरिक इसे गर्व से गाते हैं।
साओ पाउलो:
इपीरंगा संग्रहालय (Ipiranga Museum) पर केंद्रित उत्सव, जहाँ स्वतंत्रता घोषणा हुई थी। पुन:अभिनय और ऐतिहासिक प्रदर्शनी आयोजित होती हैं।
रियो डी जनेरियो:
कोपाकबाना और इपानेमा समुद्र तटों पर अनौपचारिक समारोह और आतिशबाज़ी।
ब्राज़ीलिया:
मुख्य राष्ट्रीय परेड आयोजित होती है। सड़कों को ध्वजों से सजाया जाता है और सुरक्षा कड़ी होती है।
छोटे कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र:
स्थानीय परेड, स्कूल कार्यक्रम और सामुदायिक प्रस्तुतियां लोगों को उत्सव से जोड़ती हैं और राष्ट्रीय गौरव को मज़बूत करती हैं।
तारीख़: 7 सितंबर (प्रत्येक वर्ष निश्चित)
स्वतंत्रता वर्ष: 1822
प्रमुख व्यक्तित्व: प्रिंस पेद्रो प्रथम
मुख्य घटना: इपीरंगा की पुकार (Cry of Ipiranga)
2025: स्वतंत्रता की 203वीं वर्षगांठ
देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…
अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…
भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…
प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…