भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अपनी वाणिज्यिक शाखा के जरिये वैश्विक ग्राहकों के लिए उपग्रहों को प्रक्षेपित करके 27.90 करोड़ डालर की विदेशी मुद्रा अर्जित की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams
इसरो ने अपने धु्रवीय उपग्रह प्रक्षेपण वाहन (पीएसएलवी) से 34 देशों के 345 विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक लांच किया है। विदेशी उपग्रहों के प्रक्षेपण के माध्यम से अर्जित कुल विदेशी राजस्व करीब 56 मिलियन अमेरिकी डालर (एक मिलियन =10 लाख) और 220 मिलियन यूरो है।
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:
धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…
शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…
भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…
भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…
रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…
भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…