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बोंगोसागर-23: भारत-बांग्लादेश की नौसेना का सैन्य अभ्यास

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भारत-बांग्लादेश की नौसेना ने द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के चौथे संस्करण बोंगोसागर-23 व दोनों देशों की नौसेनाओं द्वारा समन्वित गश्ती का पांचवां संस्करण सात से नौ नवंबर तक बंगाल की खाड़ी में आयोजित किया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दोनों नौसेनाओं के जहाजों और विमानों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर संयुक्त गश्त की और बाद में समुद्री अभ्यास किया।

भारतीय नौसेना के जहाज आइएनएस कुठार और आइएनएस किल्टन और समुद्री गश्ती विमान (एमपीए) डोर्नियर ने बांग्लादेश नौसेना के जहाज अबू बक्र, अबू उबैदा और एमपीए के साथ अभ्यास में भाग लिया। दोनों नौसेनाओं ने कम्युनिकेशन ड्रिल, सामरिक युद्धाभ्यास तथा अन्य अभ्यास किए जो स्टीम पास्ट के साथ समाप्त हुए। दोनों नौसेनाओं के बीच पहला मानवीय सहायता और आपदा राहत अभ्यास भी हुआ।

 

नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बेहतर

दोनों नौसेनाओं ने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा के पास संयुक्त गश्त की। साथ ही अंतरसंचालनीयता बढ़ाने के लिए समुद्री अभ्यास किया। इसकी जानकारी भारतीय नौसेना ने दी। संयुक्त गश्ती करने से दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ बेहतर हुई और गैरकानूनी गतिविधियों के संचालन को रोकने के उपायों को लागू करने में तत्परता दिखाई गई।

 

क्या है बोंगोसागर-23

भारतीय नौसेना और बांग्लादेश नौसेना का द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है। जिसका उद्देश्य समुद्री अभ्यास और संचालन के एक व्यापक स्पेक्ट्रम के माध्यम से जंगी कार्रवाई का अंतर और संयुक्त परिचालन कौशल विकसित करना है। बोंगोसागर नौसैनिक अभ्यास का पहला संस्करण 2019 में आयोजित किया गया था।

 

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FAQs

संयुक्त सैन्य अभ्यास का उद्देश्य क्या है?

आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग के अलावा देशों के सहयोग के लिए संयुक्त सैन्य अभ्यास आवश्यक है। कारगिल के बाद भारतीय सशस्त्र बलों में सैन्य क्षेत्र में सहयोग को प्रेरणा मिली। संयुक्त सैन्य अभ्यास का सबसे महत्वपूर्ण लाभ 'रणनीतिक सिग्नलिंग' है।