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2025 में महिलाओं के लिए सबसे अच्छा शहर रहा बेंगलुरु, जानें दूसरे नंबर पर कौन?

देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप में सामने आए हैं। वर्क प्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI) के चौथे संस्करण में यह बात सामने आई है कि इस रिपोर्ट में 125 शहरों की महिलाओं की भागीदारी रही। इन महिलाओं से सुरक्षा और करियर ग्रोथ के बारे में जानकारी ली गई। इसी आधार पर बेंगलुरु ने 53.29 के स्कोर के साथ पहला स्थान हासिल किया है।

अध्ययन के निष्कर्ष और शहर समावेशन स्कोर

यह अध्ययन चेन्नई स्थित कार्यस्थल समावेशन फर्म ‘अवतार (Avtar)’ द्वारा जारी किया गया, जिसमें भारत के 125 शहरों का आकलन किया गया।

शीर्ष पाँच शहर (2025 रैंकिंग)

  • बेंगलुरु – 53.29
  • चेन्नई – 49.86
  • पुणे – 46.27
  • हैदराबाद – 46.04
  • मुंबई – 44.49

इन परिणामों से स्पष्ट होता है कि महिला-अनुकूल शहरी वातावरण के निर्माण में दक्षिणी और पश्चिमी महानगरीय क्षेत्रों का वर्चस्व बना हुआ है।

समावेशन के लिए दो-स्तंभ (Two-Pillar) ढांचा

सिटी इन्क्लूज़न इंडेक्स दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

1. सामाजिक समावेशन स्कोर (Social Inclusion Score)

इस स्तंभ के अंतर्गत निम्न पहलुओं का मूल्यांकन किया जाता है:

  • सुरक्षा और संरक्षा
  • स्वास्थ्य और शिक्षा तक पहुँच
  • आवागमन और परिवहन सुविधाएँ
  • समग्र जीवन-योग्यता (Liveability)

2. औद्योगिक समावेशन स्कोर (Industrial Inclusion Score)

इस स्तंभ के तहत निम्न मानकों को परखा जाता है:

  • औपचारिक रोजगार की उपलब्धता
  • कौशल विकास और उन्नयन (Skilling & Upskilling) के अवसर
  • कॉर्पोरेट विविधता और समावेशन (Diversity & Inclusion) की प्रथाएँ
  • महिला कार्यबल की भागीदारी

जो शहर इन दोनों स्तंभों पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, वे महिलाओं के लिए टिकाऊ, सुरक्षित और लचीले करियर अवसर प्रदान करने में अधिक सक्षम पाए गए हैं।

औद्योगिक समावेशन में बेंगलुरु की बढ़त

जहाँ सामाजिक समावेशन के मामले में मज़बूत सार्वजनिक सेवाओं और बेहतर सुरक्षा ढाँचे के कारण चेन्नई शीर्ष पर रहा, वहीं औद्योगिक समावेशन में बेंगलुरु स्पष्ट रूप से अग्रणी बनकर उभरा।

बेंगलुरु की प्रमुख मजबूती

  • सुदृढ़ और विकसित कॉरपोरेट इकोसिस्टम
  • औपचारिक क्षेत्र की नौकरियों की उच्च उपलब्धता
  • प्रौद्योगिकी और सेवा उद्योगों की मज़बूत मौजूदगी
  • विविधता और समावेशन (Diversity & Inclusion) नीतियों का व्यापक अपनाव

इस बीच, पुणे और हैदराबाद ने सामाजिक और औद्योगिक—दोनों संकेतकों में संतुलित प्रदर्शन किया, जो महिलाओं की कार्यबल भागीदारी के लिए स्थिर और सकारात्मक संभावनाओं को दर्शाता है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • सिटी इन्क्लूज़न स्कोर महिलाओं के समावेशन को सामाजिक और औद्योगिक दोनों मानकों पर मापता है
  • 2025 में बेंगलुरु 125 भारतीय शहरों में प्रथम स्थान पर रहा
  • सामाजिक समावेशन में सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-योग्यता शामिल है
  • औद्योगिक समावेशन औपचारिक रोजगार, कौशल विकास और कार्यबल भागीदारी पर केंद्रित है
  • दक्षिण भारत ने क्षेत्रीय स्तर पर सबसे अधिक औसत स्कोर दर्ज किया

क्षेत्रीय रुझान और शीर्ष शहर

क्षेत्रवार विश्लेषण से निम्न प्रवृत्तियाँ सामने आईं:

  • दक्षिण भारत अधिकांश संकेतकों में अग्रणी रहा
  • पश्चिमी भारत औद्योगिक मजबूती के कारण क़रीबी प्रतिस्पर्धी के रूप में उभरा
  • मध्य और पूर्वी भारत में सामाजिक अवसंरचना में सुधार के बावजूद औद्योगिक समावेशन अपेक्षाकृत पीछे रहा

शीर्ष दस शहर

बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, मुंबई, गुरुग्राम, कोलकाता, अहमदाबाद, तिरुवनंतपुरम और कोयंबटूर।

ये निष्कर्ष दर्शाते हैं कि महिलाओं की करियर-लचीलापन (career resilience) और शहरी कल्याण सुनिश्चित करने के लिए मज़बूत सामाजिक प्रणालियों के साथ-साथ समावेशी उद्योगों का एकीकृत विकास अत्यंत आवश्यक है।

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