Home   »   आंध्र प्रदेश SIPB ने 53,922 करोड़...

आंध्र प्रदेश SIPB ने 53,922 करोड़ रुपये के निवेश और 83,000 से अधिक नौकरियों को मंजूरी दी

आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB), जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने की, ने अपनी 10वीं बैठक (28 अगस्त 2025) में ₹53,922 करोड़ के कुल 30 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं से राज्य में 83,437 नई नौकरियों के सृजन की उम्मीद है। इससे आंध्र प्रदेश एक औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत करेगा।

मुख्य निवेश स्वीकृतियाँ

निवेश परियोजनाएँ नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और हरित प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हुई हैं। कुछ प्रमुख प्रस्ताव —

  • HFCL (हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशन्स लिमिटेड) – मदाकसीरा में ₹1,197 करोड़ का निवेश

  • अपोलो टायर्स – चित्तूर ज़िले में ₹1,100 करोड़ की परियोजना

  • धीरूभाई अंबानी ग्रीन टेक पार्क – कृष्णपट्टनम में ₹1,843 करोड़ का निवेश

  • सेरेंटिका रिन्यूएबल्स ऑफ इंडिया – अनंतपुर में ₹2,000 करोड़ की परियोजना

इन बड़े निवेशों से न केवल रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य का औद्योगिक ढांचा भी मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री नायडू की प्राथमिकताएँ

सीएम नायडू ने कहा कि वे परियोजनाओं के क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे ताकि उनका समय पर समापन सुनिश्चित हो सके। उनकी प्रमुख प्राथमिकताएँ —

  • ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस : निवेशकों के लिए त्वरित मंज़ूरी और अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाना।

  • विद्युत गतिशीलता (Electric Mobility) : आंध्र प्रदेश में महिंद्रा ईवी संयंत्र लाने के प्रयास जारी।

  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग :

    • चित्तूर और रायलसीमा में बागवानी (Horticulture) को बढ़ावा।

    • चित्तूर ज़िले में आम प्रसंस्करण (Mango Processing) पर विशेष बल।

  • MSME विकास : हर विधानसभा क्षेत्र में MSME पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव, ताकि स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन मिले।

आर्थिक और रोज़गार प्रभाव

मंजूर की गई परियोजनाओं से —

  • आंध्र प्रदेश के युवाओं के लिए 83,437 नौकरियाँ सृजित होंगी।

  • नवीकरणीय ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी क्षमता मजबूत होगी।

  • ऑटोमोबाइल, टायर, दूरसंचार और ईवी क्षेत्र में विनिर्माण क्षमताएँ बढ़ेंगी।

  • खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी उद्योगों के ज़रिए किसानों को दीर्घकालिक सहारा मिलेगा।

prime_image
QR Code