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क्या है आर्कटिक ब्लास्ट जिससे तबाह हो गए अमेरिका के कई इलाके?

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आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) ने अमेरिका पर Bomb Cyclone ला दिया है. अमेरिका में इस समय जो मौसम हैं, उसने जिंदगी रोक दी है। यातायात बंद है। संचार सेवा बाधित है। भयानक सर्दी पड़ रही है। पारा माइनस 57 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कई इलाकों में साढ़े तीन फीट मोटी बर्फ जमी है। हवाएं इतनी तेज और ठंडी हैं कि हड्डियों को जमा दें।

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उत्तरी ध्रुव यानी आर्कटिक की तरफ से ठंडी हवाएं अमेरिका की तरफ आ रही हैं। तापमान तेजी से गिर रहा है। ज्यादातर अमेरिका में तापमान औसत से बहुत नीचे है। दिन में कुछ स्थानों पर पारा 11 डिग्री सेल्सियस रह रहा है। जबकि कुछ जगहों पर रात में पारा माइनस 57 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मैदानी इलाकों जैसे ऊपरी मध्य-पश्चिम और ग्रेट लेक्स में बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। बर्फीली हवाएं चलेंगी।

 

इस मौसम की शुरुआत आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) से हुई है। यानी आर्कटिक ब्लास्ट की तरफ से आने वाली सर्द हवाओं की वजह से। आर्कटिक की तरफ से ठंडी जेट स्ट्रीम अमेरिका के ऊपरी वायुमंडल को ठंडा कर गई। जिसकी वजह से पूरे अमेरिका की हालत खराब हो गई। अमेरिका के ऊपर मौजूद नमी वाली गर्म हवा के ऊपर से ठंडी जेट स्ट्रीम निकली तो वह भी सर्द हो गई। इससे खतरनाक मौसम बन गया। बॉम्ब साइक्लोन पैदा हो गया। 24 घंटे में तापमान तेजी से नीचे गिरा।

 

क्या होता है Arctic Bomb?

 

आर्कटिक ब्लास्ट को ही आर्कटिक बॉम्ब (Arctic Bomb) कहते हैं। कुछ समय के लिए आर्कटिक इलाके से ठंडी हवा की झोंका गर्म इलाकों की तरफ तेजी से जाता है। इसकी वजह से 24 घंटे के अंदर तापमान माइनस में चला जाता है। चारों तरफ बर्फ जम जाती है। भयानक बर्फबारी होती है। ठंडी हवाएं चलती हैं। यह स्थिति ठंडी हवाओं के खत्म होने तक चलती रहती है। आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से अमेरिका में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

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