Categories: National

आकाशवाणी ने विदेश मंत्रालय के तत्‍वावधान में नो इंडिया प्रोग्राम से संबंधित एक कार्यक्रम का आयोजन किया

आकाशवाणी ने नई दिल्‍ली में विदेश मंत्रालय के तत्‍वावधान में नो इंडिया प्रोग्राम-केआईपी से संबंधित एक कार्यक्रम का आयोजन किया। भारतीय मूल के लगभग 55 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भागीदारी की। भारतीय डायसपोरा से संपर्क साधने के लिए नो इंडिया प्रोग्राम-केआईपी विदेश मंत्रालय की एक महत्‍वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम के जरिये भारतीय मूल के युवाओं को उनके भारतीय मूल्‍यों से परिचय करवाया जाता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य विभिन्‍न क्षेत्रों में भारत की प्रगति और जीवन के विभिन्‍न पहलुओं पर जागरूकता को बढावा देना है।

 

केआईपी का 67वां संस्करण

28 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम नो इंडिया प्रोग्राम (केआईपी) के 67वें संस्करण का प्रतीक है, जो भारतीय प्रवासी युवाओं के साथ जुड़ने के लिए विदेश मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस कार्यक्रम के दौरान जी-20 और भारतीय इतिहास पर एक प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया है। विद्यार्थियों ने इसमें पूरे उत्‍साह से भागीदारी की।

 

कार्यक्रम में उत्साह और कृतज्ञता की आवाजें

गुयाना की रहने वाली छात्रा चंद्रानी सुखदेव ने भारत सरकार की पहल के लिए हार्दिक सराहना व्यक्त की, जिसने उन्हें अपने पूर्वजों की भूमि का पता लगाने का अद्भुत अवसर प्रदान किया है। उन्होंने भारत के ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करने और देश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव करने के अवसर के बारे में अपना उत्साह साझा किया।

सूरीनाम की एक अन्य प्रतिभागी शिवानी झागरो ने भारत को दूसरा घर बताया और अपनी पैतृक भूमि के दिल में गहराई से उतरने का अवसर देने के लिए आभार व्यक्त किया।

 

एक ज्ञानवर्धक घटना

इस कार्यक्रम में एक प्रश्नोत्तरी सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को जी20 की गतिशीलता और भारतीय इतिहास की उत्साही खोज में शामिल किया गया। छात्रों का उत्साह सीखने और भारत के साथ गहरे स्तर पर जुड़ने की उनकी उत्सुकता को दर्शाता है।

 

भारत को जानो कार्यक्रम क्या है?

8 जनवरी 2014 को लॉन्च किया गया नो इंडिया प्रोग्राम, 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग के बीच के भारतीय प्रवासियों के लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा एक सरकारी पहल है। भारत को जानें कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय मूल के युवाओं को उनकी जड़ों और समकालीन भारत से परिचित कराने में मदद करना और उन्हें उनके मूल देश के बारे में जानकारी प्रदान करना है।

 

Find More National News Here

 

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

2025 में महिलाओं के लिए सबसे अच्छा शहर रहा बेंगलुरु, जानें दूसरे नंबर पर कौन?

देश में महिला सुरक्षा के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई सबसे बेहतर शहरों के रूप…

44 mins ago

केयी पन्योर बना भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’

अरुणाचल प्रदेश का नवगठित जिला केयी पन्योर अब भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’ बनने जा…

1 hour ago

तमिलनाडु ने भारत की पहली डीपटेक स्टार्टअप पॉलिसी लॉन्च की

भारत के नवाचार पारितंत्र को बड़ी मजबूती देते हुए तमिलनाडु ने देश की पहली समर्पित…

2 hours ago

पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 94 साल की उम्र में निधन

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कबींद्र पुरकायस्थ का 07 जनवरी 2026 को…

16 hours ago

प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) 2026: तिथि, इतिहास, महत्व और मुख्य तथ्य

प्रवासी भारतीय दिवस (Pravasi Bharatiya Divas – PBD), जिसे अनिवासी भारतीय (NRI) दिवस भी कहा…

17 hours ago

आधार सेवाओं की जानकारी देने के लिए शुभंकर ‘उदय’ लॉन्च, जानें सबकुछ

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सार्वजनिक संचार को अधिक सरल, मानवीय और नागरिक-केंद्रित बनाने…

17 hours ago