
एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत के आठ राज्यों के 100 शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता में सुधार के लिए 200 मिलियन डॉलर (लगभग 1,700 करोड़ रुपये) का ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है। यह वित्तपोषण स्वच्छ भारत मिशन 2.0 – भारतीय शहरों में व्यापक नगरपालिका अपशिष्ट प्रबंधन कार्यक्रम का हिस्सा है।
ऋण समझौते का विवरण
ऋण समझौते पर वित्त मंत्रालय की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी और एडीबी – इंडिया रेजिडेंट मिशन के कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम का उद्देश्य अपशिष्ट पृथक्करण, संग्रहण और निपटान के लिए बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर स्वच्छ भारत मिशन – शहरी 2.0 के लक्ष्यों का समर्थन करना है।
कार्यक्रम के उद्देश्य
- बुनियादी ढांचे का विकास: इस सहायता से ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा और स्थापित किया जाएगा, जिसमें बायो-मीथेनेशन संयंत्र, खाद बनाने वाले संयंत्र, प्रबंधित लैंडफिल, सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधाएं और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाएं शामिल हैं।
- स्वच्छता सुधार: कार्यक्रम सामुदायिक शौचालयों और मूत्रालयों के निर्माण के साथ-साथ सफाई उपकरणों की खरीद के लिए भी धन मुहैया कराएगा।
- जलवायु और आपदा लचीलापन: इस पहल में शहरी सेवाओं में जलवायु और आपदा-लचीलेपन की विशेषताएं, लैंगिक समानता और सामाजिक समावेशन-उत्तरदायी तत्व शामिल किए जाएंगे।
कार्यान्वयन और क्षमता निर्माण
- शहरी स्थानीय निकाय: कार्यक्रम का उद्देश्य प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता के लिए शहरी स्थानीय निकायों की क्षमता का निर्माण करना है।
- सहकर्मी शिक्षण और निजी क्षेत्र की भागीदारी: यह सहकर्मी शिक्षण और निजी क्षेत्र के साथ सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा।
- वार्षिक समीक्षा: इस पहल में शहर-व्यापी ठोस अपशिष्ट और स्वच्छता कार्य योजनाओं की वार्षिक समीक्षा और प्रगति अद्यतन शामिल होंगे।


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