मिस्र की एक प्रसिद्ध नारीवादी, मनोचिकित्सक और उपन्यासकार, नवल सादवी (Nawal Saadawi) जिनके लेखन ने दशकों से चली आ रही रूढ़िवादी समाज में विवाद को जन्म दिया, उनका निधन हो गया है. वह मिस्र और अरब दुनिया में महिला अधिकारों की एक उग्र वकील थीं.
2005 में, उन्हें यूरोप परिषद से उत्तर-दक्षिण पुरस्कार मिलने के एक साल बाद, बेल्जियम में इनाना अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार ( Inana International Prize) से सम्मानित किया गया था. 2020 में, टाइम मैगज़ीन ने उनका नाम 100 वूमेन ऑफ़ द ईयर सूची में रखा था. वह अरब महिला सॉलिडेरिटी एसोसिएशन की संस्थापक और अध्यक्ष थीं और अरब एसोसिएशन फॉर ह्यूमन राइट्स की सह-संस्थापक थीं.


TIME100 2026: दुनिया के सबसे प्रभावशाली ...
इस्लामाबाद की चाल: वैश्विक संघर्ष की कगा...
केंद्र सरकार ने 10000 करोड़ रुपये के 'स्...


