डॉ. गीता वाणी रायसम ने एनआईएससीपीआर निदेशक का पदभार संभाला

डॉ. गीता वाणी रायसम ने 9 सितंबर, 2025 को आधिकारिक तौर पर सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान (एनआईएससीपीआर) के निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला है। अपने उद्घाटन भाषण में, उन्होंने ज्ञान अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करने के लिए विज्ञान संचार, चुस्त विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) नीतियों और वैश्विक साझेदारी के लिए भविष्य के लिए तैयार दृष्टिकोण पर जोर दिया।

परिवर्तनकारी NIScPR की दृष्टि

डॉ. रायसम ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और तीव्र वैश्विक परिवर्तनों के इस युग में भारत की विज्ञान-प्रौद्योगिकी-नवाचार (STI) प्रणाली को शीघ्रता से अनुकूल होना होगा। उन्होंने समय के साथ विकसित होने वाली लचीली और उत्तरदायी नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे NIScPR न केवल भारत बल्कि वैश्विक दक्षिण (Global South) के लिए भी एक विज्ञान नीति विचार–नेता के रूप में स्थापित हो सके।

मुख्य प्राथमिकताएँ

  • पारंपरिक विज्ञान नीति मॉडलों से आगे बढ़ना

  • विज्ञान संचार को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के साथ संरेखित करना

  • जन–पहुंच के लिए डिजिटल उपकरणों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सिटिजन साइंस का उपयोग करना

  • भारतीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं और विज्ञान–कला सहयोगों को बढ़ावा देना

  • जन–संपर्क को सशक्त बनाना और विज्ञान के प्रति विश्वास स्थापित करना

“कनेक्टिंग द अनकनेक्टेड”: ग्लोबल साउथ दृष्टिकोण

डॉ. रायसम ने “कनेक्टिंग द अनकनेक्टेड” विषय प्रस्तुत करते हुए कहा कि NIScPR को विशेष रूप से विकासशील देशों में वंचित वैज्ञानिक समुदायों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि संस्थान को समावेशी विज्ञान संचार का मार्गदर्शक बनना होगा, जो केवल अकादमिक क्षेत्र तक सीमित न रहकर समाज की दैनिक जीवन कथाओं में भी अपनी गहरी भूमिका निभाए।

उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना

डॉ. रायसम ने माना कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और डिजिटल मीडिया जैसी उभरती प्रौद्योगिकियाँ इस बात को बदल रही हैं कि विज्ञान किस तरह संप्रेषित और समझा जाता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाएँ, विश्वसनीय सामाजिक प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से जनता से जुड़ें और तकनीक का उपयोग कर विज्ञान और समाज के बीच की खाई को पाटें।

CSIR–NIScPR के बारे में

CSIR–राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं नीति अनुसंधान संस्थान (NIScPR), वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के अंतर्गत एक प्रमुख संस्थान है। यह भारत में विज्ञान संचार और नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसके मुख्य कार्य हैं –

  • भारतीय वैज्ञानिक पत्रिकाओं का प्रकाशन

  • विज्ञान–प्रौद्योगिकी–नवाचार (STI) नीति अनुसंधान का निर्माण

  • विज्ञान साक्षरता और जन–संपर्क को बढ़ावा देना

  • भारत के लिए साक्ष्य-आधारित नीति ढाँचे को सहयोग देना

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • नई नियुक्ति: डॉ. गीता वाणी रायसम, निदेशक CSIR–NIScPR

  • तिथि: 9 सितंबर 2025

  • मुख्य फोकस क्षेत्र: लचीली STI नीतियाँ, SDG संरेखण, विज्ञान–समाज संबंध

  • प्रमुख पहलें: SMCC, SVASTIK, वैश्विक सहयोग

  • मुख्य प्रौद्योगिकियाँ: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल मीडिया, सिटिजन साइंस

रूस के ज़ापद-2025 सैन्य अभ्यास में भारत शामिल

भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास “ज़ापद 2025” में भाग लेने के लिए रूस रवाना हो गई है, जो 10 से 16 सितंबर तक निज़नी के मुलिनो प्रशिक्षण मैदान में आयोजित होगा। यह अभ्यास सैन्य सहयोग को गहरा करने और वैश्विक साझेदारों के साथ रणनीतिक अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

भारतीय दल की संरचना

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में कुल 65 कर्मी शामिल हैं:

  • 57 भारतीय सेना से

  • 7 भारतीय वायुसेना से

  • 1 भारतीय नौसेना से

सेना का नेतृत्व कुमाऊँ रेजीमेंट की एक बटालियन कर रही है, जिसे विभिन्न हथियारों और सेवाओं से आए सैनिकों का सहयोग प्राप्त है। यह मिश्रण संतुलित परिचालन क्षमताओं को प्रदर्शित करता है।

उद्देश्य और रणनीतिक फोकस

अभ्यास ZAPAD 2025 का उद्देश्य है:

  • Interoperability और सैन्य समन्वय को मज़बूत करना

  • संयुक्त परिचालन तत्परता बढ़ाना

  • कंपनी-स्तर के संयुक्त अभियान

  • मिशन योजना और सामरिक अभ्यास

  • पारंपरिक युद्ध परिदृश्यों में समन्वय

  • आतंकवाद-रोधी तकनीकें

  • TTPs (Tactics, Techniques & Procedures) का आदान-प्रदान

  • युद्धक्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग

भू-राजनीतिक महत्व

ZAPAD 2025 में भारत की भागीदारी दर्शाती है कि भारत:

  • बहुपक्षीय सुरक्षा ढाँचों में अपनी भूमिका मज़बूत कर रहा है।

  • विविध भौगोलिक और सामरिक परिस्थितियों में संचालन का अनुभव हासिल कर रहा है।

  • अन्य सेनाओं के साथ संचार और समन्वय प्रोटोकॉल बेहतर कर रहा है।

  • सामूहिक सुरक्षा उपायों और आतंकवाद-रोधी रणनीतियों में योगदान दे रहा है।

प्रशिक्षण उद्देश्य

अभ्यास में उच्च-तीव्रता वाले संघर्ष परिदृश्यों का अनुकरण किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं:

  • वास्तविक युद्ध जैसी स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया रणनीतियाँ

  • विशेष हथियारों और उपकरणों का प्रयोग

  • अंतर-सेना और अंतर-सेवा एकीकरण

  • बहुराष्ट्रीय कमांड संरचनाओं का प्रबंधन

  • सेनाओं की अनुकूलन क्षमता और त्वरित तैनाती तत्परता

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • अभ्यास का नाम: ZAPAD 2025

  • स्थान: मुलिनो ट्रेनिंग ग्राउंड, निज़नी (रूस)

  • तिथियाँ: 10–16 सितम्बर 2025

  • भारतीय दल: 65 कर्मी (57 सेना, 7 वायुसेना, 1 नौसेना)

  • प्रमुख इकाई: कुमाऊँ रेजीमेंट की बटालियन

भारतीय नौसेना ने 11वां एसीटीसीएम बजरा एलएसएएम 25 लॉन्च किया

भारतीय नौसेना ने 8 सितम्बर 2025 को ठाणे स्थित एम/एस सूर्यदिप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में अपने 11वें एम्युनेशन कम टॉरपीडो कम मिसाइल (ACTCM) बार्ज – LSAM 25 (यार्ड 135) का जलावतरण किया। यह उपलब्धि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को और मज़बूत बनाती है।

जलावतरण समारोह

इस अवसर पर रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई, सहायक नौसैनिक सामग्री प्रमुख (योजना एवं प्रशासन), ने भाग लिया और भारतीय नौसेना की परिचालन लॉजिस्टिक्स को सुदृढ़ बनाने में स्वदेशी जहाज निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

पृष्ठभूमि और अनुबंध विवरण

  • भारतीय नौसेना ने 11 ACTCM बार्ज बनाने का अनुबंध 5 मार्च 2021 को एम/एस सूर्यदिप्ता प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (MSME शिपयार्ड) को दिया था।

  • ये बार्ज पूरी तरह स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए हैं, जिसमें एक घरेलू जहाज डिज़ाइन कंपनी और इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (IRS) का सहयोग रहा।

  • समुद्र योग्यता (Seaworthiness) का मॉडल परीक्षण नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी (NSTL), विशाखापट्टनम में किया गया।

विशेषताएँ और भूमिका

ACTCM बार्ज विशेष रूप से निम्नलिखित नौसैनिक शस्त्रों के परिवहन और संचालन के लिए बनाए गए हैं:

  • गोला-बारूद (Ammunition)

  • टॉरपीडो (Torpedoes)

  • मिसाइलें (Missiles)

इनका उपयोग नौसैनिक शस्त्रागार और युद्धपोतों के बीच लॉजिस्टिक समर्थन प्रदान करने में किया जाता है, जिससे मिशन की तैयारी और बेड़े की दक्षता में वृद्धि होती है।

रणनीतिक महत्व

  • मेक इन इंडिया की सफलता: ये बार्ज स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में आत्मनिर्भरता को दर्शाते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता घटती है।

  • आत्मनिर्भर भारत से मेल: MSME द्वारा निर्मित यह परियोजना दर्शाती है कि लघु उद्योग भी राष्ट्रीय सुरक्षा में योगदान दे रहे हैं।

  • परिचालन तत्परता: अब तक 10 बार्ज सफलतापूर्वक तैनात किए जा चुके हैं और नौसेना की लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • घटना: 11वें ACTCM बार्ज (LSAM 25) का जलावतरण

  • तिथि: 8 सितम्बर 2025

  • शिपयार्ड: एम/एस सूर्यदिप्ता प्रोजेक्ट्स प्रा. लि., ठाणे

  • अनुबंध तिथि: 5 मार्च 2021

  • संबद्ध संगठन: भारतीय नौसेना, NSTL विशाखापट्टनम, IRS

  • तकनीक: NSTL में मॉडल परीक्षण; IRS वर्गीकरण प्रमाणित

  • संबंधित पहल: मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत

  • उद्देश्य: गोला-बारूद, टॉरपीडो और मिसाइलों का सुरक्षित परिवहन

मूडीज: जीएसटी सुधार से खर्च बढ़ेगा, राजस्व पर दबाव पड़ेगा

मूडीज़ रेटिंग्स ने 9 सितम्बर 2025 को कहा कि भारत का नवीनतम वस्तु एवं सेवा कर (GST) सुधार घरेलू खपत को बढ़ाएगा और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देगा। हालांकि, एजेंसी ने चेतावनी दी कि यह कदम सरकारी राजस्व को कमजोर कर सकता है और पहले से ही ऊँचे कर्ज बोझ के बीच राजकोषीय एकीकरण (Fiscal Consolidation) की कोशिशों को और जटिल बना सकता है।

क्या बदल रहा है: नया दो-स्लैब जीएसटी ढांचा

  • जीएसटी परिषद ने कर प्रणाली को दो मुख्य स्लैब—5% और 18%—में पुनर्गठित करने का निर्णय लिया है, जबकि अत्यधिक विलासिता की वस्तुओं और तंबाकू पर विशेष 40% कर लगाया जाएगा।

  • नए जीएसटी दरें 22 सितम्बर 2025 से प्रभावी होंगी।

  • तंबाकू उत्पादों पर वर्तमान 28% जीएसटी + सेस व्यवस्था 31 दिसम्बर 2025 तक जारी रहेगी।

  • उद्देश्य: कर प्रणाली को सरल बनाना, अनुपालन का बोझ घटाना और उपभोग को सस्ता बनाना।

  • मूडीज़ के अनुसार, यह सुधार फरवरी 2025 में घोषित उच्च आयकर छूट सीमा का पूरक है, जिसने मध्यम आय वर्ग के कई लोगों को राहत दी।

महत्व क्यों है: खपत और मुद्रास्फीति पर असर

भारत के जीडीपी का 61% हिस्सा घरेलू खर्च से आता है। जीएसटी सुधार के प्रभाव:

  • अधिकांश वस्तुओं व सेवाओं पर प्रभावी जीएसटी दर कम होगी।

  • खुदरा कीमतों में कमी से मुद्रास्फीति के दबाव घटेंगे।

  • निजी खपत बढ़ेगी, विशेषकर मध्यम और निम्न आय वर्ग में।

  • यह कदम सरकार की उस व्यापक रणनीति से मेल खाता है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ता मांग बढ़ाकर वैश्विक सुस्ती के बीच अर्थव्यवस्था को गति देना है।

राजकोषीय प्रभाव: राजस्व में गिरावट और घाटे का जोखिम

सकारात्मक खपत प्रभाव के बावजूद, मूडीज़ ने चेताया कि जीएसटी सुधार से सरकार को बड़ा नुकसान होगा:

  • अनुमानित राजस्व हानि: ₹48,000 करोड़ (USD 5.4 बिलियन) FY 2025–26 में।

  • चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में सकल कर राजस्व वृद्धि सिर्फ 0.8% रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 21.3% थी।

  • सरकारी व्यय में 20.2% की वृद्धि, जिससे राजकोषीय घाटा ₹4.7 ट्रिलियन तक बढ़ा (पिछले वर्ष ₹2.8 ट्रिलियन)।

  • आँकड़े दिखाते हैं कि राजस्व और व्यय में संतुलन बिगड़ रहा है, जबकि सरकार कर कटौती और कल्याणकारी योजनाओं से घर-परिवारों को राहत देने की कोशिश कर रही है।

भारत का कर्ज बोझ: बढ़ती चिंता

मूडीज़ ने भारत की ऋण वहन-क्षमता (Debt Affordability) को निवेश-योग्य देशों में सबसे कमजोर बताया।

  • ब्याज भुगतान सरकार की कुल आय का 23% है।

  • जबकि अन्य Baa रेटिंग वाले देशों का औसत मात्र 8.3% है।

  • राजस्व घटाने वाली नीतियाँ (जैसे जीएसटी का सरलीकरण) यदि पूरक वित्तीय उपाय नहीं हुए तो कर्ज पर और दबाव डालेंगी।

  • मूडीज़ ने यह भी माना कि आने वाले महीनों में सरकार व्यय घटा सकती है ताकि घाटे को नियंत्रित किया जा सके, लेकिन बढ़ती कल्याणकारी अपेक्षाएँ और सीमित कर दायरा इस रास्ते को कठिन बनाते हैं।

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • जीएसटी सुधार लागू तिथि: 22 सितम्बर 2025

  • संरचना: दो मुख्य स्लैब (5% और 18%) + विशेष 40% (अत्यधिक विलासिता वस्तुएँ)

  • अनुमानित राजस्व हानि: ₹48,000 करोड़ (FY 2025–26)

  • राजकोषीय घाटा: ₹4.7 ट्रिलियन (पिछले वर्ष ₹2.8 ट्रिलियन)

  • ब्याज-से-राजस्व अनुपात: 23% (वैश्विक Baa औसत 8.3% की तुलना में)

  • लक्ष्य: खपत बढ़ाना, मुद्रास्फीति कम करना, लेकिन उच्च ऋण जोखिम

iDEX-DIO और EdCIL ने ASPIRE कार्यक्रम शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

नई दिल्ली में 9 सितम्बर 2025 को iDEX-DIO और EdCIL (India) Limited ने एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत दोनों मिलकर ASPIRE (Accelerating Strategic Progress in Research and Education) नामक नई पहल के अंतर्गत डुअल-यूज़ टेक्नोलॉजीज़ (रक्षा और नागरिक दोनों क्षेत्रों में उपयोगी तकनीकें) विकसित करेंगे। यह रणनीतिक सहयोग भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम को रक्षा नवाचार और शिक्षा-तकनीक से जोड़कर स्वदेशी क्षमताओं को मजबूत करेगा।

ASPIRE कार्यक्रम के उद्देश्य

  • iDEX इनोवेशन मॉडल को रक्षा क्षेत्र से बाहर तक विस्तारित करना

  • नागरिक एवं सैन्य तकनीकी अभिसरण (Civil-Military Convergence) को बढ़ावा देना

  • वास्तविक दुनिया के लिए स्केलेबल डुअल-यूज़ समाधान तैयार करना

  • स्टार्टअप्स, शिक्षा जगत और सरकार को जोड़कर नवाचार-आधारित विकास को प्रोत्साहित करना

iDEX की रक्षा नवाचार क्षमता और EdCIL की शैक्षणिक पहुँच व परियोजना क्रियान्वयन विशेषज्ञता को मिलाकर ASPIRE का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों का समाधान इनोवेशन-ड्रिवन एप्रोच से किया जाए।

MoU हस्ताक्षर और दृष्टिकोण

MoU पर हस्ताक्षर किए:

  • श्री अमित सतीजा – संयुक्त सचिव (Defence Innovation Promotion) एवं अतिरिक्त सीईओ, DIO

  • श्री गोविंद जायसवाल – संयुक्त सचिव (तकनीकी शिक्षा, शिक्षा मंत्रालय) एवं CMD, EdCIL

दोनों अधिकारियों ने इस साझेदारी को रक्षा अनुसंधान और नागरिक अनुप्रयोगों के बीच पुल (bridge) बनाने वाली पहल बताया, जो तकनीक-आधारित आत्मनिर्भरता की नींव रखेगी।

iDEX: रक्षा नवाचार का केंद्र

2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया iDEX (Innovations for Defence Excellence) भारत के रक्षा स्टार्टअप इकोसिस्टम में क्रांति ला चुका है:

  • 650+ स्टार्टअप्स और MSMEs के साथ साझेदारी

  • ₹3,250 करोड़ मूल्य के 50+ उत्पादों की खरीद स्वीकृत

  • ₹1,652 करोड़ के 36 उत्पादों के ऑर्डर जारी

  • स्टार्टअप्स, सशस्त्र बलों और DRDO लैब्स के बीच सह-निर्माण (co-creation) को बढ़ावा

इससे भारत की विदेशी सैन्य तकनीक पर निर्भरता में कमी आई है।

EdCIL: शिक्षा में नवाचार की अगुवाई

EdCIL (India) Limited, शिक्षा मंत्रालय के अधीन मिनी रत्न श्रेणी-I CPSE, एक लाभकारी और उच्च-विकासशील उद्यम है।

  • CAGR: FY 2014–15 से FY 2023–24 के बीच 24%

  • राजस्व वृद्धि: ₹74 करोड़ से बढ़कर ₹655 करोड़

  • विशेषज्ञता: EdTech सॉल्यूशंस, परियोजना परामर्श, अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा सहयोग

  • ASPIRE में EdCIL उभरती तकनीकों को शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म्स में एकीकृत करने में प्रबंधन और क्रियान्वयन क्षमता प्रदान करेगा।

MoU का रणनीतिक महत्व

यह समझौता डुअल-यूज़ तकनीक विकास की दिशा में अहम कदम है, जिसके लाभ होंगे:

  • रक्षा तैयारी और राष्ट्रीय सुरक्षा में मजबूती

  • 21वीं सदी के कौशल (skills) आधारित शिक्षा का प्रोत्साहन

  • नवाचार-आधारित रोजगार अवसरों का निर्माण

  • आयात पर निर्भरता में कमी और स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा

  • रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के बीच समन्वय से साझा राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना

परीक्षा हेतु मुख्य बिंदु

  • MoU पक्ष: iDEX-DIO और EdCIL (India) Ltd

  • तिथि: 9 सितम्बर 2025

  • केन्द्र: डुअल-यूज़ टेक्नोलॉजी (रक्षा + शिक्षा)
  • iDEX उपलब्धियाँ: ₹3,250 करोड़ की स्वीकृत खरीद, 650+ स्टार्टअप्स के साथ जुड़ाव

  • EdCIL प्रोफ़ाइल: मिनी रत्न CPSE, पिछले दशक में 24% CAGR

  • मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय

  • लक्ष्य: आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी तकनीक विकास

अभिमन्यु मिश्रा: विश्व चैंपियन गुकेश को हराने वाले सबसे युवा ग्रैंडमास्टर

अभिमन्यु मिश्रा, संयुक्त राज्य अमेरिका के 16 वर्षीय शतरंज के अद्भुत प्रतिभाशाली खिलाड़ी, ने वैश्विक शतरंज जगत में सनसनी मचा दी है। पहले ही इतिहास के सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर के रूप में मशहूर अभिमन्यु ने हाल ही में एक और बड़ा कीर्तिमान बना लिया, जब उन्होंने फाइड ग्रैंड स्विस 2025 में मौजूदा विश्व चैम्पियन डी. गुकेश को मात दी। यह जीत न केवल उनकी अपार प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि उनके असाधारण सफ़र और निरंतर समर्पण की गवाही भी देती है।

अभिमन्यु मिश्रा ने गुकेश को हराया

  • 8 सितम्बर 2025, समरकंद (उज़्बेकिस्तान): ग्रैंड स्विस के पाँचवें राउंड में अभिमन्यु ने 19 वर्षीय विश्व चैम्पियन डी. गुकेश को पराजित किया।

  • मैच 61 चालों तक चला और मिश्रा ने गुकेश की 12वीं चाल में हुई ग़लती का पूरा फायदा उठाया।

  • इसके साथ ही अभिमन्यु इतिहास में सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए, जिन्होंने किसी मौजूदा विश्व चैम्पियन को क्लासिकल शतरंज में हराया।

  • उन्होंने गाटा काम्स्की का 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 17 साल की उम्र में गैरी कास्पारोव को हराया था।

शुरुआती उपलब्धियाँ और रिकॉर्ड

  • सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल मास्टर (2019): 10 वर्ष, 9 माह, 20 दिन में हासिल किया।

  • सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर (2021): 12 वर्ष, 4 माह, 25 दिन की उम्र में बुडापेस्ट (हंगरी) में खिताब जीता। इससे उन्होंने सेर्गेई कार्याकिन का 19 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा।

  • सबसे कम उम्र में मौजूदा विश्व चैम्पियन को हराने वाले खिलाड़ी (2025): 16 वर्ष की उम्र में गुकेश को हराया।

व्यक्तिगत पृष्ठभूमि

  • जन्मतिथि: 5 फ़रवरी 2009

  • जन्मस्थान: न्यू जर्सी, अमेरिका

  • पिता: हेमंत मिश्रा (भोपाल से, एमटेक – माणित भोपाल)

  • माता: स्वाति मिश्रा (आगरा से)

  • भाई-बहन: रिधिमा नाम की बहन

शतरंज की यात्रा और प्रशिक्षण

  • 2 वर्ष 8 महीने की उम्र में शतरंज से परिचय, माता-पिता ने स्क्रीन की लत से बचाने के लिए प्रेरित किया।

  • 5 साल की उम्र से टूर्नामेंट खेलना शुरू किया।

  • प्रशिक्षक: भारतीय ग्रैंडमास्टर अरुण प्रसाद सुब्रमणियन औरmagesh चंद्रन ने उनके खेल को निखारा।

वर्तमान स्थिति

  • फाइड क्लासिकल रेटिंग: 2611

  • लाइव रेटिंग (ग्रैंड स्विस 2025): 2637.2

  • विश्व रैंकिंग (लाइव): 94वीं, पहली बार टॉप-100 में प्रवेश।

नेपाल में हिंसक प्रदर्शन, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दिया इस्तीफ़ा

नेपाल 9 सितम्बर 2025 को गहरे राजनीतिक संकट में चला गया जब प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। यह इस्तीफ़ा सरकार द्वारा लगाए गए विवादास्पद सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ जनरेशन-ज़ेड (Gen Z) के नेतृत्व में हुए विशाल प्रदर्शनों के बाद आया। प्रतिबंध हटाने के बावजूद विरोध और तेज़ हो गया, जिसमें अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है और 250 से अधिक घायल हुए हैं। बढ़ते असंतोष और हिंसा के बीच नेपाल सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री ओली को व्यवस्था बहाल करने के लिए पद छोड़ने की सलाह दी, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा सौंप दिया।

नेपाल में क्या हो रहा है?

सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद युवाओं में जबरदस्त गुस्सा फैल गया।

प्रदर्शन और मांगें

  • पूरे देश में प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनमें प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफ़े और सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई।

  • प्रतिबंध हटाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए।

इस्तीफ़े तक की प्रमुख घटनाएँ

  • 8 सितम्बर 2025: प्रदर्शन हिंसक हुए; 20 लोगों की मौत और 250 से अधिक घायल।

  • 9 सितम्बर 2025: ओली ने शांति की अपील की और सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की।

  • सेना का दबाव: नेपाल सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल ने ओली को इस्तीफ़े की सलाह दी और स्पष्ट किया कि राजनीतिक समाधान के बिना सैन्य कार्रवाई संभव नहीं।

  • इस्तीफ़ा: ओली ने पद छोड़ते हुए कहा कि वे “राजनीतिक समाधान को आसान बनाने” के लिए हट रहे हैं।

हिंसा का बढ़ना

  • सरकारी दफ़्तर खाली कराए गए: मंत्रियों को भैसेपाटी आवासीय परिसर से हेलिकॉप्टर द्वारा त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे ले जाया गया।

  • हवाई अड्डा बंद: प्रदर्शनकारियों द्वारा ड्रोन, पटाखों और लेज़र लाइट से हमले की धमकियों के चलते सभी उड़ानें रद्द कर दी गईं।

  • संसद में आगजनी: प्रदर्शनकारियों ने नेपाल की संसद को आग के हवाले कर दिया और प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति सहित शीर्ष नेताओं के घरों में तोड़फोड़ की।

  • सिंहदरबार पर हमला: महत्वपूर्ण मंत्रालयों और आवासीय दफ़्तरों पर धावा बोला गया।

संभावित परिणाम

  • सूत्रों का कहना है कि ओली दुबई में शरण ले सकते हैं।

  • नेपाल गंभीर राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है और अशांति पर काबू पाना सरकार के लिए चुनौती बन गया है।

  • नई राजनीतिक व्यवस्था बनने तक शासन स्थिर करने में सेना अहम भूमिका निभा सकती है।

सीपी राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति चुने गए

भारत के नए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृण्णन को चुन लिया गया है। उन्हें 452 वोट मिले हैं। इसी के साथ सीपी राधाकृष्णन भारत के 15वें उपराष्ट्रपति बन गए हैं। 67 वर्षीय राधाकृष्णन, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे हैं। अब वह उपराष्ट्रपति का पद संभालेंगे। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी (वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश) को पराजित किया। इस चुनाव में 98.3% की रिकॉर्ड मतदान प्रतिशतता दर्ज की गई, जो संसद सदस्यों की एकजुटता और सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

सीपी राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में हुआ। 17 साल की उम्र से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। बीजेपी के साथ उनका लंबा सफर रहा है। उनका राजनीतिक सफर 1998 में शुरू हुआ, जब वे कोयंबटूर से लोकसभा के लिए चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान वे 1998 और 1999 के आम चुनावों में लगातार दो बार सांसद बने।

चुनाव प्रक्रिया और मुख्य विवरण

  • चुनाव तिथि: 9 सितंबर 2025

  • मतदान प्रतिशत: 781 में से 767 सांसदों ने वोट डाले, जिनमें से 752 मान्य और 15 अमान्य पाए गए।

  • निर्वाचन मंडल की कुल शक्ति: 781 सांसद (लोकसभा + राज्यसभा)

  • एनडीए उम्मीदवार: सी. पी. राधाकृष्णन

  • विपक्षी उम्मीदवार: बी. सुदर्शन रेड्डी

  • परिणाम: सी. पी. राधाकृष्णन ने स्पष्ट बहुमत से जीत दर्ज की।

एनडीए की संख्या बल

  • एनडीए के पास कुल 425 सांसद, जिनमें से भाजपा के 342 सांसद थे।

  • विपक्षी खेमे के पास 324 सांसद, जिनमें से कांग्रेस के पास 126 सीटें थीं।

  • बीजेडी, बीआरएस और शिरोमणि अकाली दल जैसी क्षेत्रीय पार्टियों ने मतदान से दूरी बनाई, जिससे विपक्ष की संभावनाएँ कमजोर हो गईं।

दिन की मुख्य झलकियाँ

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह 10 बजे सबसे पहले वोट डाला।

  • दोपहर 3 बजे तक 96% मतदान दर्ज हुआ, जो बाद में बढ़कर 98.3% हो गया।

  • राधाकृष्णन के गृह नगर तिरुप्पुर में लोगों ने जश्न मनाया—भोजन स्टॉल लगाए गए, पटाखे फोड़े गए और विशेष प्रार्थनाएँ की गईं।

  • प्रमुख मतदाता: सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, अखिलेश यादव और देवगौड़ा ने मतदान किया।

  • इंजीनियर राशिद, जो बारामूला से जेल में बंद सांसद हैं, ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत वोट डाला।

चुनाव का महत्व

  • सी. पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से चुने जाने वाले दूसरे उपराष्ट्रपति बने, उनसे पहले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन यह पद संभाल चुके थे।

  • उनकी जीत एनडीए की संसद में मजबूत पकड़ और सहयोगी दलों, विशेषकर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के समर्थन को दर्शाती है।

  • उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं, जिससे राधाकृष्णन को संसदीय कार्यों में अहम भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

नेपाल में हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने हटाया सोशल मीडिया बैन

नेपाल सरकार ने फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया विवादास्पद प्रतिबंध आधिकारिक रूप से हटा दिया है। यह फैसला देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद लिया गया, जिनमें 19 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व मुख्य रूप से जेनरेशन ज़ेड (Gen Z) कार्यकर्ताओं ने किया था।

पृष्ठभूमि: सोशल मीडिया पर कार्रवाई

  • सरकार ने इन प्लेटफॉर्म्स पर यह कहते हुए रोक लगाई थी कि उन्होंने स्थानीय प्राधिकरणों के साथ पंजीकरण नहीं कराया और नेपाल के इंटरनेट नियमों का पालन नहीं किया।

  • अचानक लगाए गए इस प्रतिबंध ने युवाओं में आक्रोश फैला दिया, क्योंकि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सक्रियता के लिए वे डिजिटल माध्यम पर निर्भर हैं।

  • इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना गया, जिसके चलते सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।

विरोध और हिंसा

  • प्रदर्शन सबसे पहले काठमांडू से शुरू हुए और फिर अन्य शहरी क्षेत्रों तक फैल गए।

  • हजारों की संख्या में छात्र और युवा पेशेवर सड़कों पर उतर आए और डिजिटल एक्सेस बहाल करने की मांग की।

  • संसद भवन के पास प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच झड़पें हुईं।

  • इन झड़पों में 19 लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए।

  • यह आंदोलन नेपाल के हाल के इतिहास में सबसे तीव्र युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों में से एक बन गया।

सरकार की प्रतिक्रिया और प्रतिबंध हटाने का फैसला

आपातकालीन कैबिनेट बैठक के बाद संचार, सूचना और प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुङ ने घोषणा की कि,

  • सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया है।

  • सूचना मंत्रालय ने सभी एजेंसियों को तुरंत डिजिटल एक्सेस बहाल करने के निर्देश दिए।

  • सरकार ने युवाओं की चिंताओं को वैध मानते हुए संवाद के लिए अपनी तत्परता जताई।

गुरुङ ने यह भी अपील की कि जेनरेशन ज़ेड के विरोध समूह अपने अभियान को वापस लें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार डिजिटल नियामक ढांचे की समीक्षा सभी हितधारकों के साथ परामर्श करके करेगी।

भारत, इज़राइल ने द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किए

भारत और इज़राइल ने नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय निवेश समझौते (Bilateral Investment Agreement) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य आपसी निवेश को बढ़ावा देना, निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करना और प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा तथा वित्तीय नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। यह समझौता भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच द्वारा हस्ताक्षरित किया गया।

समझौते के प्रमुख उद्देश्य

  • द्विपक्षीय निवेश को बढ़ावा देना

  • निवेशकों को कानूनी निश्चितता प्रदान करना

  • अधिग्रहण (Expropriation) से सुरक्षा और पारदर्शी नियम सुनिश्चित करना

  • नुकसान की स्थिति में निष्पक्ष मुआवज़े की गारंटी

  • विवाद समाधान हेतु स्वतंत्र मध्यस्थता (Arbitration) व्यवस्था

  • पूंजी और लाभांश का सुगम हस्तांतरण

यह सभी प्रावधान भारत और इज़राइल के बीच निवेश माहौल को और मजबूत व पारदर्शी बनाएंगे।

वर्तमान निवेश स्थिति और विकास की संभावनाएँ

  • वर्तमान में भारत-इज़राइल के बीच निवेश का मूल्य लगभग 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।

  • समझौते से निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की संभावना है:

    • साइबर सुरक्षा

    • रक्षा तकनीक

    • फिनटेक और डिजिटल पेमेंट्स

    • नवाचार एवं हाई-टेक उद्योग

निर्मला सीतारमण ने दोनों देशों के उद्योग जगत से नए निवेश अवसर तलाशने का आह्वान किया।

रणनीतिक सहयोग और साझा दृष्टिकोण

इज़राइल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोट्रिच ने दोनों देशों की साझा लोकतांत्रिक एवं आर्थिक मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद भारत और इज़राइल ने उच्च आर्थिक विकास बनाए रखा है। सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:

  • साइबर डिफेंस

  • वित्तीय विनियमन

  • डिजिटल भुगतान संपर्क

  • अवसंरचना विकास

दोनों मंत्रियों ने प्रौद्योगिकी-आधारित सहयोग और आर्थिक लचीलापन बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

परीक्षा हेतु मुख्य तथ्य

  • घटना: भारत-इज़राइल द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर

  • स्थान: नई दिल्ली

  • तारीख: सितंबर 2025

  • हस्ताक्षरकर्ता: निर्मला सीतारमण (भारत), बेज़ालेल स्मोट्रिच (इज़राइल)

  • निवेश फोकस: फिनटेक, रक्षा, साइबर सुरक्षा, डिजिटल पेमेंट्स

  • वर्तमान निवेश मूल्य: 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर

  • प्रमुख विशेषताएँ: मध्यस्थता, निवेशक सुरक्षा, मुआवज़ा, पारदर्शिता

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