सैमसंग ने भारत में अपने सीएसआर प्रोग्राम ’सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ को लॉन्च किया

 

सैमसंग ने भारत में अपने सीएसआर प्रोग्राम ’सैमसंग इनोवेशन कैंपस’ को लॉन्च किया है। यह प्रोग्राम युवाओं को भविष्य की तकनीक के क्षेत्र जैसे एआई, आईओटी, बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग के क्षेत्र के लिए खुद को तैयार करने में उनकी मदद करेगा। इसी के साथ सैमसंग भारत का एक मजबूत भागीदार होने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए देश के युवाओं और #PoweringDigitalIndia को सशक्त बनाने के अपने मिशन में सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।

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भारत के 3,000 पिछड़े छात्रों के पहले बैच को प्रशिक्षित करने के लिए सैमसंग और भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र कौशल परिषद (ESSCI) के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। सैमसंग इनोवेशन कैम्पस का लक्ष्य भविष्य की तकनीकों में 18-25 वर्ष की आयु के युवाओं को ट्रेनिंग प्रदान करना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी कौशल हैं।

 

ESSCI, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा अनुमोदित इकाई है। यह अपने अप्रूव्ड ट्रेनिंग एवं एजुकेशन पार्टनर के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से इस प्रोग्राम को क्रियान्वित करेगी। ESSCI भारत के ऐसे छोटे शहरों में लाभार्थियों तक कोर्स पहुंचाने की कोशिश करेगा, जहां के छात्रों के पास फिलहाल भविष्य की बेहतरीन तकनीकी शिक्षा तक आसान पहुंच नहीं है।

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आरईसी को मिला महारत्न कंपनी का दर्जा

 

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी आरईसी (REC Ltd.) को ‘महारत्न’ सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज (CPSE) का दर्जा मिल गया है। यह दर्जा मिलने से कंपनी को ज्यादा ऑपरेशनल और फाइनेंशियल ऑटोनॉमी मिलेगी। आरईसी महारत्न का खिताब पाने वाली 12वीं कंपनी है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले लोक उपक्रम विभाग ने इस बारे में आदेश जारी किया। आरईसी का गठन साल 1969 में हुआ था। यह गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) है जो देशभर में पावर सेक्टर के फाइनेंस और डेवलपमेंट पर केंद्रित है।

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कंपनी ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार ने उसे महारत्न का दर्जा दिया है। यह किसी सरकारी कंपनी को दिया जाने वाला सबसे बड़ा दर्जा है। इससे आरआईसी बोर्ड को वित्तीय फैसले लेने में ज्यादा अधिकार मिलेंगे। इससे पहले महारत्न का दर्जा पा चुकी कंपनियों में पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, कोल इंडिया, गेल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, एनटीपीसी लिमिटेड, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड शामिल हैं।

 

यह दर्जा किसे मिलता है?

महारत्न का दर्जा ऐसी कंपनियों को मिलता हैं जो स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड हो और जिसका सालाना टर्नओवर पिछले तीन साल में 25,000 करोड़ से अधिक हो। साथ ही पिछले तीन साल में इसकी औसत नेटवर्थ 15000 करोड़ रुपये से अधिक होनी चाहिए और औसत नेट प्रॉफिट 5000 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए। महारत्न का दर्जा मिलने के बाद आरईसी अब 5000 करोड़ रुपये या अपनी नेटवर्थ का 15 फीसदी तक किसी सिंगल प्रोजेक्ट में निवेश कर सकती है।

 

कंपनी को महारत्न का दर्जा ऐसे समय मिला है जब सरकार उसे डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) का दर्जा देने पर विचार कर रही है। इससे कंपनी देश में ग्लोबल क्लाइमेंट फंडिंग और नेट जीरो इनवेस्टमेंट पर फोकस कर सकती है। अभी यह कंपनी राज्य बिजली बोर्डों, राज्य सरकारों, केंद्र और राज्यों की बिजली कंपनियों, इंडिपेंडेंट पावर प्रॉड्यूसर्स, रूरल इलेक्ट्रिक कोऑपरेटिव्स और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को वित्तीय सहायता देती है।

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भारतीय लेखिका और कवयित्री मीना कंदासामी ने जीता जर्मन पेन पुरस्कार

 

भारतीय कार्यकर्ता-लेखक-कवि मीना कंडासामी को हरमन केस्टन पुरस्कार 2022 के प्राप्तकर्ता के रूप में घोषित किया गया है, जो जर्मनी के डार्मस्टेड में पेन सेंटर द्वारा दिया जाता है। पीड़ित लेखकों के अधिकारों के लिए उनके समर्थन के सम्मान और मान्यता में कंदासामी को यह पुरस्कार दिया जाता है। यह जाति, जातीय उत्पीड़न और लिंग के मुद्दों पर उनके कार्यों को भी पहचानता है।

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हरमन केस्टन पुरस्कार उनकी वेबसाइट के अनुसार “पेन इंटरनेशनल के चार्टर के सिद्धांतों के अनुसार सताए गए लेखकों के समर्थन में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए” दिया जाता है। साल 1985 में शुरू हुआ यह पुरस्कार शुरू में 1993 तक दो साल में एक बार दिया जाता था। बता दें यह पुरस्कार साल 1994 से सालाना दिया जा रहा है।

 

कंदासामी का जन्म साल 1984 में चेन्नई, भारत में हुआ था। उन्होंने पहले ‘द दलित’ पत्रिका के लिए काम किया, और बाद में एक पूर्णकालिक लेखक और कार्यकर्ता बन गईं। उनकी कुछ उल्लेखनीय पुस्तकें ‘टच’ (2006), ‘व्हेन आई हिट यू: ऑर, ए पोर्ट्रेट ऑफ द राइटर ऐज ए यंग वाइफ’ (2017) हैं। इससे पहले, उनके कार्यों को फिक्शन के लिए महिला पुरस्कार और अंतर्राष्ट्रीय डायलन थॉमस पुरस्कार के लिए चुना गया है। कंदासामी वरवर राव और जीएन साईबाबा सहित दमित भारतीय लेखकों के समर्थन के लिए भी मुखर रही हैं।

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National Cinema Day 2022: जानें इस दिवस के बारे में

 

देशभर में राष्ट्रीय सिनेमा दिवस (National Cinema Day) 23 सितंबर को मनाया गया। आपको बता दें कि पहले राष्ट्रीय सिनेमा दिवस को मनाने की तारीख पहले 16 सितंबर, 2022 को तय की गई थी, लेकिन फिर MIA ने इस तारीख को आगे बढ़ाकर 23 सितंबर कर दिया। पीवीआर, आईनॉक्स, सिनेपोलिस, कार्निवल और डेलाइट सहित देश भर के मल्टीप्लेक्स में 4,000 से अधिक स्क्रीनों ने राष्ट्रीय सिनेमा दिवस को चिह्नित करने के लिए 75 रुपये की “उत्सव प्रवेश कीमत” की पेशकश की है।

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राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को सिनेमाघर तक लाने की योजना है, इसलिए यह कदम उठाया जा रहा है। कोरोनाकाल के बाद से लोग सिनेमाघर में कम आने लगे हैं। सिने प्रेमियों को एक बार फिर सिनेमा हॉल तक लाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।

 

राष्ट्रीय सिनेमा दिवस क्यों मनाया जा रहा है?

कोरोना काल के दौरान लंबे समय तक सिनेमाघरों पर ताला लग गया था। इस कारण मूवी थिएटर का काफी नुकसान हुआ था। हालांकि अब धीरे-धीरे चीजें नॉर्मल हो रही हैं, तो सिनेमा हॉल्स सभी मूवी लवर्स को थिएटर्स तक वापस लाना चाहते हैं।

 

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रक्षा मंत्रालय ने BOB और HDFC से किया एमओयू साइन

 

रक्षा मंत्रालय का लक्ष्य सितंबर के अंत तक 32 लाख में से 17 लाख पेंशनर्स को वेब आधारित प्रणाली स्पर्श से जोड़ने का है। इस संबंध में रक्षा लेखा विभाग ने बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक के साथ एमओयू साइन किया है। रक्षा सचिव अजय कुमार, अन्य वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और दोनों बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एमओयू पर साइन किए गए। इसके तहत पूरे भारत में 14,000 से अधिक शाखाओं में पेंशनर्स को स्पर्श पहल के तहत सेवा केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि, स्पर्श पेंशन के तहत बिना किसी बाहरी मध्यस्थ के सीधे रक्षा पेंशनभोगियों के बैंक खातों में पेंशन जमा करने के लिए एक वेब-आधारित प्रणाली है। इसे एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से रक्षा पेंशनभोगियों को उनके पेंशन खाते का एक पारदर्शी दृश्य देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो पेंशन शुरू होने की तारीख से लेकर देय पेंशन की समाप्ति की तारीख तक पेंशनभोगियों की डिटेंल रखेगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इसका उद्देश्य सितंबर 2022 के अंत तक 17 लाख पेंशनभोगियों को स्पर्श से जोड़ना है।

 

डिजिटल इंडिया पहल को गति प्रदान करते हुए, स्पर्श ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 11,600 करोड़ रुपये से अधिक के वितरण के साथ तेजी से वृद्धि की है, जो 2020-21 में केवल 57 करोड़ रुपये से अधिक है। स्पर्श में सवार पेंशनभोगियों की कुल संख्या 11 लाख लाभार्थियों के साथ 10 लाख से अधिक हो गई है, जो भारत में कुल रक्षा पेंशनभोगियों का लगभग 33 प्रतिशत है। यह प्रणाली डीएडी द्वारा रक्षा लेखा के प्रधान नियंत्रक (पेंशन), प्रयागराज के माध्यम से प्रशासित की जाती है और तीनों सेवाओं और संबद्ध संगठनों को पूरा करती है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • रक्षा मंत्री, भारत सरकार: श्री राजनाथ सिंह
  • रक्षा सचिव, रक्षा मंत्रालय: डॉ अजय कुमार
  • एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष: अतनु चक्रवर्ती
  • बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) के अध्यक्ष: हसमुख अधिया

 

नौसेना को म‍िले 2 डाइविंग सपोर्ट वेसल

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार की उपस्थिति में विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के दो स्वदेशी डिजाइन और निर्मित डाइविंग सपोर्ट वेसल्स (डीएसवी) का नाम ‘निस्टार’ और ‘निपुण’ लॉन्च किया गया। डीएसवी अपनी तरह के पहले पोत हैं और इनका डिजाइन तथा निर्माण हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड,विशाखापत्तनम ने नौसेना के लिए किया है। नौसेना ने कहा कि पोत 118.4 मीटर लंबे, 22.8 मीटर चौड़े हैं तथा उनका वजन 9,350 टन है।

भारतीय नौसेना 2047 तक पूरी तरह से आत्‍मन‍िर्भर हो जाएगी। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने गुरुवार को कहा कि 2047 तक भारतीय नौसेना पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो जाएगी। नौसेना प्रमुख ने कहा कि इन बहुमुखी जहाजों से न केवल हमारी खोज और बचाव क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इनकी विशिष्ट क्षमताएं हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना की ताकत बढ़ाएंगी।

चीन में वैज्ञानिकों ने बनाया दुनिया का पहला क्लोन जंगली आर्कटिक भेड़िया ‘माया’

 

चीन के बीजिंग स्थित जीन फर्म की ओर से दुनिया में पहली बार एक जंगली आर्कटिक भेड़िया का सफलतापूर्वक क्लोन बनाया गया है। इसे आर्कटिक वुल्फ को व्हाइट वुल्फ या पोलर वुल्फ के रूप में भी जाना जाता है। ये कनाडा के क्वीन एलिजाबेथ द्वीप समूह के हाई आर्कटिक टुंड्रा का मूल निवासी है। हालांकि ये नया भेड़िया अब 100 दिन का हो चुका है। जीवित जीवों की क्लोनिंग बनाने की प्रक्रिया का उपयोग पहली बार 1996 में एक स्कॉटिश वैज्ञानिक द्वारा एक जानवर बनाने के लिए किया गया था। पहली बार एक डॉली नाम की भेड़ बनाई गई थी।

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तकनीक के माध्यम से इस जानवर की क्लोनिंग दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। वहीं ग्लोबल टाइम्स ने बीजिंग स्थित सिनोजीन बायोटेक्नोलॉजी कंपनी के महाप्रबंधक एमआई जिदोंग के हवाले से कहा कि लुप्तप्राय जानवर को बचाने के लिए हमने साल 2020 में आर्कटिक भेड़िये की क्लोनिंग पर हार्बिन पोलरलैंड के साथ रिसर्च शुरू की थी। दो साल की कड़ी कोशिशों के बाद आखिरकार आर्कटिक भेड़िये को सफलतापूर्वक क्लोन किया गया। साथ ही कहा कि ये दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है।

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Project "Saaras" for menstruation health launched by Israeli embassy in Ghaziabad_70.1

 

26 सितंबर को नासा का DART मिशन एक क्षुद्रग्रह से टकराएगा

 

26 सिंतबर पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों और खगोल विज्ञान में दिलचस्‍पी रखने वालों के लिए अहम होने वाला है। इसी दिन नासा का Double Asteroid Redirection Test यानी डार्ट मिशन होगा। ये मिशन अपने आप में बेहद दिलचस्‍प है। इस मिशन के तहत नासा धरती की तरफ बढ़ रहे एक उल्‍का पिंड से अपने यान को टकरा कर उसकी दिशा बदलने की कोशिश करने वाला है। यदि वो इसमें सफल रहा तो ये अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि होगी।

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ये एस्‍ट्रायड धरती से करीब कई करोड़ किमी दूर है। जिस यान को नासा इस एस्‍ट्रायड से टकराने वाला है वो लगभग 26 अरब रुपये की लागत से बनाया गया है। इस यान को खासतौर पर इससे टकराने के लिए ही डिजाइन किया गया है। नासा और विश्‍व का ये अपनी तरह का पहला मिशन है। इस मिशन में यदि नासा को सफलता हासिल होती है तो भविष्‍य में धरती की तरफ आने वाले विशाल एस्‍ट्रायड का रास्‍ता बदलने में मदद मिल सकेगी।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  • नासा मुख्यालय: वाशिंगटन, डी.सी., संयुक्त राज्य अमेरिका
  • नासा प्रशासक: बिल नेल्सन

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विदेश मंत्री जयशंकर ने तुर्किये के विदेश मंत्री से की साइप्रस मुद्दे पर चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने तुर्किये के विदेश मंत्री मेवलेट कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की। दरअसल तुर्किये के राष्ट्रपति ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया था जिसके बाद विदेश मंत्री ने कावुसोग्लू से साइप्रस के मुद्दे पर चर्चा की। दोनों विदेश मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से इतर मुलाकात की।

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साइप्रस समस्या 1974 में तब शुरु हुई जब तुर्किये ने सैन्य तख्तापलट के जवाब में देश के उत्तरी हिस्से पर आक्रमण किया। यूनान की सरकार ने तख्ता पलट को समर्थन दिया था। भारत संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के अनुरूप शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दोगन ने अपने संबोधन में कश्मीर का मुद्दा उठाया।

 

पाकिस्तान के करीबी एर्दोआन ने महासभा परिचर्चा के दौरान कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान 75 साल पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी अब तक आपस में शांति और एकजुटता कायम नहीं कर पाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम कश्मीर में स्थायी शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।’’

 

हाल के वर्षों में, एर्दोआन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्रों में संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दे का उल्लेख किया है, जिससे भारत और तुर्की के बीच संबंधों में तनाव पैदा हुआ है। भारत अतीत में उनकी टिप्पणी को “पूरी तरह से अस्वीकार्य” करार दे चुका है। भारत कहता रहा है कि तुर्की को अन्य देशों की संप्रभुता का सम्मान करना सीखना चाहिए और इसे अपनी नीतियों में अधिक गहराई से प्रतिबिंबित करना चाहिए।

 

 

राष्ट्र को तमिलनाडु में अपना पहला डुगोंग संरक्षण रिजर्व मिला

 

तमिलनाडु में देश के पहले ‘डुगोंग संरक्षण अभयारण्य’ को अधिसूचित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी।इस कदम का उद्देश्य लुप्तप्राय प्रजाति का संरक्षण करना है। इस कदम से समुद्री जीव के संरक्षण में मदद मिलेगी।  अभयारण्य को पाक की खाड़ी में अधिसूचित किया गया है।

 

बता दें राज्य सरकार ने सितंबर 2021 में विधानसभा में यह घोषणा की थी कि डुगोंग (समुद्री गाय) प्रजातियों और इसके समुद्री प्रवास के संरक्षण के लिए, तमिलनाडु के तट पर पाक की खाड़ी क्षेत्र में एक अभयारण्य स्थापित किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, डुगोंग सबसे बड़े शाकाहारी समुद्री स्तनधारी हैं। तमिलनाडु सरकार ने स्थानीय मछुआरों सहित तटीय समुदायों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद अधिसूचना जारी की।

 

डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व के बारे में:

इसे तमिलनाडु के तंजावुर और पुदुकोट्टई जिलों के तटीय क्षेत्र को शामिल करते हुए, पाक खाड़ी में इस रिजर्व को स्थापित किया गया है। डुगोंग कंजर्वेशन रिजर्व 448 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी पहल सितम्बर 2021 में की गयी थी।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • तमिलनाडु राजधानी: चेन्नई;
  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री: एमके स्टालिन;
  • तमिलनाडु के राज्यपाल: आरएन रवि।

 

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