रूस-यूक्रेन के मानवाधिकार संगठनों और बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता को नोबेल शांति पुरस्कार

about – Page 1721_3.1

नोबेल शांति पुरस्कार का घोषणा कर दिया गया। यह पुरस्कार इस साल विश्व के सबसे अशांत क्षेत्र के नाम रहा, जिसके विजेता जेल में बंद बेलारूस के मानवाधिकार कार्यकर्ता एलेस बियालियात्स्की, रूसी मानवाधिकार संगठन ‘मेमोरियल’ और यूक्रेनी संगठन ‘सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज’ बने हैं। इससे पहले साहित्य के क्षेत्र में फ्रांस की लेखिका को नोबेल से सम्मानित किया गया था। पहली बार 1901 में इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

तीनों नामों की घोषणा करते हुए नॉर्वेजियन नोबेल समिति की अध्यक्ष बेरिट रीज-एंडरसन ने कहा, इस बार का शांति पुरस्कार मानवाधिकार, लोकतंत्र और पड़ोसी देशों बेलारूस, रूस व यूक्रेन में शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पैरोकारों को सम्मानित करने के लिए दिया गया है।

 

नोबेल शांति पुरस्कार

 

नोबेल शांति पुरस्कार ऐसे व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है, जिन्होंने विश्व में शांति स्थापित करने या शांति को बढ़ावा देने के लिए बेहतरीन काम किया है। इन्हीं में एक बियालियात्स्की हैं, जो बेलारूस में साल 1980 के मध्य से ही लोकतांत्रिक आंदोलन के प्रमुख नेतृत्वकर्ता रहे हैं। तमाम दबावों के बावजूद वह अधिनायकवादी देश में मानवाधिकार, नागरिक अधिकारों के लिए खुलकर काम करते आए हैं।

 

नोबेल पुरस्कार दूसरा विजेता संगठन मेमोरियल सोवियत संघ के दौर में 1987 में बना था, जिसका कार्य साम्यवादी दमन के पीड़ितों की यादें सुनिश्चित रखना था। संघ के विघटन के बाद भी इसने रूस में मानवाधिकार के दमन की जानकारी जुटाना जारी रखा और राजनीतिक बंदियों के हाल पर भी नजर रखी।

 

सेंटर फॉर सिविल लिबर्टीज की स्थापना यूक्रेन में 2007 के दौरान जारी उथल-पुथल के बीच मानवाधिकार और लोकतंत्र के लिए हुई थी। तब से संगठन यूक्रेनी नागरिक समाज को मजबूत करने और सरकार पर देश को पूर्ण लोकंतत्र बनाने के लिए दबाव बनाता रहा है। फरवरी में रूसी आक्रमण के बाद से यह यूक्रेनी नागरिकों पर रूसी सेना के अपराधों को दस्तावेजों में दर्ज कर रहा है।

 

Find More Awards News HereThe SASTRA Ramanujan Prize for 2022 will be awarded to Yunqing Tang_80.1

 

 

धर्म बदलने वालों के SC दर्जे पर होगा विचार, पूर्व CJI की अगुवाई में आयोग गठित

about – Page 1721_6.1

केंद्र सरकार ने पूर्व चीफ जस्टिस केजी बालकृष्णन की अध्यक्षता में एक आयोग गठित किया है। यह आयोग उन लोगों को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा देने पर विचार करेगा, जिनका ऐतिहासिक रूप से अनुसूचित जाति से ताल्लुक है लेकिन उन्होंने दूसरा धर्म अपना लिया है। संविधान में कहा गया है कि हिंदू या सिख धर्म या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानने वाले व्यक्ति को अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता है।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की तरफ जारी अधिसूचना के अनुसार, तीन सदस्यीय आयोग में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. रविंदर कुमार जैन और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की सदस्य प्रोफेसर सुषमा यादव भी शामिल हैं। आयोग यह भी तय करेगा कि अगर उन्हें एससी का दर्जा दिया जाता है तो मौजूदा अनुसूचित जातियों पर इसका क्या असर पड़ेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इन लोगों के अन्य धर्मों में परिवर्तित होने के बाद, रीति-रिवाजों, परंपराओं और सामाजिक भेदभाव और अभाव की स्थिति में कैसा बदलाव आया। आयोग किसी भी अन्य संबंधित प्रश्नों पर भी मंथन कर सकता है।

 

केजी बालकृष्णन सुप्रीम कोर्ट ने पहले दलित चीफ जस्टिस थे। वह मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। अधिसूचना में कहा गया है कि यह मुद्दा मौलिक और ऐतिहासिक रूप से जटिल सामाजिक और संवैधानिक है। निश्चित रूप से यह सार्वजनिक महत्व का एक मामला है। इसकी संवेदनशीलता और प्रभाव को देखते हुए विस्तृत अध्ययन जरूरी है।

 

Find More Appointments Here

Kishore Kumar Poludasu appointed as new MD and CEO of SBI General Insurance_80.1

सरकार ने आईडीबीआई बैंक की विनिवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाया

about – Page 1721_9.1

सरकार ने एक और बैंक को बेचने की तैयारी तेज कर दी है। दरअसल, आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को लेकर नया अपडेट सामने आया है। सरकार ने आगे बढ़ते हुए बोलियां आमंत्रित की हैं। इस प्राइवेटाइजेशन प्रोसेस के तहत सरकार और देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC बैंक में कुल 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) में केंद्र सरकार और एलआईसी (LIC) की कुल हिस्सेदारी 94.72 फीसदी है। जहां केंद्र का हिस्सा 45.48 फीसदी है, तो वहीं एलआईसी का हिस्सा 49.24 फीसदी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया के तहत इसमें से सरकार 30.48 फीसदी और एलआईसी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी।

 

गौरतलब है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में विनिवेश से 65,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 24,544 करोड़ रुपये वह पहले ही जुटा चुकी है। निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, आईडीबीआई बैंक के लिए ईओआई (Expression of Interest) जमा करने की अंतिम तारीख 16 दिसंबर है और सभी ईओआई 180 दिनों के लिए वैध होंगे और इसे 180 दिनों के लिए और बढ़ाया जाने का संभावना भी जताई गई है।

Find More News Related to Banking

RBI introduces Internal Ombudsman Mechanism for Credit Information Companies(CICs)_70.1

 

आरबीआई डिजिटल रुपये के लिए एक पायलट कार्यक्रम शुरू करेगा

about – Page 1721_12.1

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि वह जल्द ही विशेष उपयोग के मामलों के लिए डिजिटल रुपये के प्रतिबंधित परीक्षण लॉन्च की शुरुआत करेगा। यह कॉन्सेप्ट नोट लोगों में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से जारी किया गया है, जिससे डिजिटल करेंसी के सही तरीके से इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके। इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही भुगतान प्रणाली को अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा। इसका एक और मकसद धन शोधन या मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को रोकने में मदद करना भी है।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

आरबीआई कुछ समय के लिए सीबीडीसी के फायदे और नुकसान के बारे में आकलन करेगा। इस आधार पर इसके डिजाइन और अन्य मामलों में बदलाव किया जाएगा। बैंकों के जरिये इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। ई-रूपया आ जाने से लोगों को नगद रुपये रखने की जरूरत नहीं होगी। ये भी मोबाइल वॉलेट की तरह काम करेगी। यह एक कानूनी मुद्रा होगी।

 

मुख्य बिंदु

 

  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के चीफ जनरल मैनेजर योगेश दयाल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि पायलट प्रोजेक्ट का स्कोप जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, आरबीआई E-Rupee से जुड़े फीचर्स और फायदे साझा करता रहेगा।
  • रिजर्व बैंक की ओर से लोगों के बीच सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए एक कॉन्सेप्ट नोट जारी किया गया है।
  • देश में आरबीआई की डिजिटल करेंसी (E-Rupee) आने के बाद आपको अपने पास कैश रखने की जरूरत नहीं होगी। इसे आप अपने मोबाइल वॉलेट में रख सकेंगे और इस डिजिटल करेंसी के सर्कुलेशन पर पूरी तरह से रिजर्व बैंक का नियंत्रण रहेगा।
  • गौरतलब है कि इस साल पेश किए गए बजट के दौरान वित्त मंत्री ने कहा था कि RBI इसी वित्त वर्ष में ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित डिजिटल करेंसी CBDC को पेश करेगा।

 

महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर: शक्तिकांत दास
  • भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मुख्यालय: मुंबई

Find More News Related to BankingGovt Pushes IDBI Bank Disinvestment Process_70.1

 

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की 5वीं सभा नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी

about – Page 1721_15.1

केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने 17-20 अक्टूबर, 2022 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की पांचवी सभा और साथ होने वाले अन्य कार्यक्रमों पर से पर्दा उठाया। भारत के पास आईएसए सभा के अध्यक्ष का पद है। 109 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों के मंत्री, मिशन और प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे। सभा की अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह करेंगे।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मुख्य बिंदु

 

  • आर के सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में ऊर्जा पारगमन की गति दुनिया में सबसे तेज है। अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन हमारे ग्रह के ऊर्जा पारगमन के लक्ष्य के लिए नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सोलर पावर ऊर्जा का सबसे सस्ता स्रोत है, इसलिए सौर ऊर्जा और मिनी ग्रिड से दुनिया में सभी तक ऊर्जा पहुंचाई जा सकती है।
  • सभा आईएसए का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, जिसमें प्रत्येक सदस्य देश का प्रतिनिधित्व होता है। यह निकाय आईएसए के द्वारा तय समझौते के कार्यान्वयन से संबंधित निर्णय लेता है और अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए समन्वित कार्रवाई करता है।
  • आईएसए की बैठक में मंत्रिस्तरीय स्तर पर सालाना सभा आयोजित होती है। यह सौर ऊर्जा के इस्तेमाल, प्रदर्शन, विश्वसनीयता, लागत और वित्त के पैमाने के संदर्भ में कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के समग्र प्रभाव का आकलन करती है।
  • आईएसए की पांचवीं सभा ऊर्जा तक पहुंच, ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा पारगमन के तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर आईएसए की प्रमुख पहलों पर विचार करेगी।
  • आईएसए सदस्य देशों के विश्व नेता एलडीसी और एसआईडीएस सदस्य देशों के लिए तय कार्यक्रम के अनुसार समर्थन , सभी विकासशील सदस्य देशों को क्षमता निर्माण में मदद, और सभी सदस्य देशों को एनालिटिक्स और एडवोकेसी समर्थन पर आईएसए की रणनीतिक योजना पर भी चर्चा करेंगे।
  • 5वीं सभा में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए देशों के बीच आम सहमति बनने की उम्मीद है। जलवायु को लेकर कार्रवाइयों के इस महत्वपूर्ण दशक में पहले से अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग ऊर्जा पारगमन, निवेश को बढ़ावा देने और लाखों नए हरित रोजगार पैदा करने का आधार होगा।
  • आईएसए सचिवालय ने 19 अक्टूबर, 2022 को साझेदार संगठनों के सहयोग से आईएसए की विभिन्न रणनीतिक पहलों पर तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला और सौर और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर तकनीकी सत्रों की योजना बनाई है।

 

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन के बारे में

 

  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन 109 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देशों का एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है। यह दुनिया भर में ऊर्जा की पहुंच और सुरक्षा में सुधार के लिए सरकारों के साथ काम करता है और पर्यावरण अनुकूल भविष्य में पहुंचने के एक स्थायी तरीके के रूप में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देता है।
  • आईएसए के मिशन 2030 में सौर ऊर्जा में 1 लाख करोड़ डॉलर का निवेश करना है, जबकि प्रौद्योगिकी और इसके वित्तपोषण की लागत कम करना है। यह कृषि, स्वास्थ्य, परिवहन और बिजली उत्पादन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • आईएसए के सदस्य देश नीतियों और नियमों को लागू करके, सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को साझा करके, साझा मानकों पर सहमत होकर और निवेश जुटाकर बदलाव ला रहे हैं।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • केंद्रीय बिजली और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री: श्री आरके सिंह
  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन का मुख्यालय: गुरुग्राम, हरियाणा, भारत

Find More News related to Summits and ConferencesSC-ST hub conclave hosted by Ministry of MSME in Gujarat_70.1

 

भारत और न्यूजीलैंड के मध्य ‘व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज’ समझौता

about – Page 1721_18.1

भारतीय नौसेना ने हाल ही में समुद्री क्षेत्रों में अधिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए न्यूजीलैंड की रॉयल नेवी के साथ व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए है। इस बात की घोषणा रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कही है। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हाल ही में न्यूजीलैंड का दौरा किया था। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार को रॉयल न्यूज़ीलैंड नेवी द्वारा ते तौआ मोआना मारा में आयोजित पारंपरिक पोहिरी समारोह में गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया था।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

क्या होता है व्हाइट शिपिंग एग्रीमेंट?

व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज एक तकनीकी शब्द है। यह दो देशों के समुद्री क्षेत्रों के अंतर्गत वाणिज्यिक जहाजों से सम्बंधित सूचना का नौसेनाओं के बीच विनिमय समझौते से संबंधित है। व्हाइट शिपिंग जानकारी वाणिज्यिक गैर-सैन्य व्यापारी जहाजों की आवाजाही और पहचान पर पूर्व सूचना के आदान-प्रदान को संदर्भित करती है।

यह एक सूचना नेटवर्क प्रोटोकॉल स्थापित करता है जो दोनों देशों की नौसेनाओं को अपने समुद्री क्षेत्रों में जहाजों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान करने की अनुमति देता है। भारत व्हाइट शिपिंग इंफॉर्मेशन एक्सचेंज अमेरिका के साथ भी कर चुका है।

 

व्हाइट शिपिंग एग्रीमेंट क्यों किया जाता है?

व्हाइट शिपिंग एग्रीमेंट किसी देश की समुद्री सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण भाग है, इस एग्रीमेंट की सहायता से कोई देश अपनी सुरक्षा को मजबूत कर सकता है। क्योंकि इसके अंतर्गत किसी समुद्री जहाज के उसके तट पर आने से पहले उसकी पूरी जानकारी उस देश की नौसेना के पास मौजूद रहेगी।

Find More News Related to AgreementsHistoric MoU Signed to launch India's Rupay debit card in Oman_80.1

विदेशी चीतों के निगरानी के लिए 9 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन

about – Page 1721_21.1

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को बसाए जाने की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय कार्यबल का गठन किया है। पिछले महीने अपने मासिक रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कार्यबल तय करेगा कि लोग राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को कब देख सकते हैं।

 

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) “चीता कार्य बल” के कामकाज को सुविधाजनक बनाएगा और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। दो साल की अवधि के लिए गठित कार्यबल नियमित रूप से चीतों के क्षेत्र का दौरा करने के लिए एक उपसमिति बना सकता है।

 

टास्क फोर्स में ये लोग हैं शामिल

 

कार्यबल के सदस्यों में मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव (वन), मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव (पर्यटन), मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन, मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन आलोक कुमार, राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिरीक्षक डॉ. अमित मलिक, देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रिया, मध्य प्रदेश के नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (एनबीडब्ल्यूएल) के सदस्य अभिलाष खांडेकर और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) के सुभरंजन सेन शामिल हैं।

 

आठ चीतों के पहले समूह

 

प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के पहले समूह को 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। साल 1952 में भारत में चीतों को विलुप्त घोषित किए जाने के 70 साल बाद देश में इनकी वापसी हुई है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • एनटीसीए के महानिरीक्षक: डॉ अमित मल्लिक
  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री: भूपेंद्र यादव

Find More News Related to Schemes & CommitteesGoI named Delhi HC Judge Justice Dinesh Kumar Sharma as Presiding Officer Of UAPA Tribunal_80.1

 

विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस 2022: थीम, इतिहास और महत्व

about – Page 1721_24.1

6 अक्टूबर को पूरी दुनिया में ‘विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। सेरेब्रल पाल्सी को अधिकतर सीपी के नाम से पहचाना जाता है। ये मांसपेशियों से जुड़ी एक तरह की बीमारी है, जो पीड़ित व्यक्ति के शारीरिक संतुलन को प्रभावित करने के साथ-साथ मस्तिष्क के विकास में बाधा उत्पन्न करती है। सेरेब्रल पाल्सी को विकलांगता की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये रोग पीड़ित को दिमाग और शरीर से विकलांग बनाकर देखने, सुनने, बोलने और सीखने की क्षमता को खत्म कर देता है।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

सेरेब्रल पाल्सी क्या है?

सेरेब्रल पाल्सी एक गंभीर बीमारी है जिससे हर साल पूरे विश्व में लगभग 70 लाख से भी ज्यादा लोग पीड़ित होते हैं। सेरेब्रल पाल्सी के पीड़ितों में अलग-अलग तरह के लक्षण और परेशानियां नजर आती हैं, जिसके चलते इसे मॉनिटर करना काफी कठिन होता है।

 

सेरेब्रल पाल्सी दिवस का महत्व

सेरेब्रल पाल्सी एक बेहद गंभीर बीमारी है जिसके प्रति लोग बहुत ज्यादा जागरूक नहीं है। इसीलिए हर साल 6 अक्टूबर को सेरेब्रल पाल्सी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक विशेष योजना बनाई गई है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति को सेरेब्रल पाल्सी के लक्षणों और उपचार के विषय में जानकारी देने और पीड़ित व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाता है।

 

Find More Important Days HereBreast Cancer Awareness Month 2022: 01st to 31st October_90.1

मोहित भाटिया बने बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड के सीईओ

about – Page 1721_27.1

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने मोहित भाटिया को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इनकी नियुक्ति 04 अक्तूबर से प्रभावी है। इससे पहले वे केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी के साथ बतौर बिक्री और विपणन प्रमुख (सेल्स-मार्केटिंग हेड) जुड़े थे। बिक्री और वितरण, टीम विकास, विपणन और ब्रांडिंग और डिजिटल इको-सिस्टम के निर्माण के क्षेत्र में, भाटिया के पास 26 से अधिक वर्षों की पेशेवर विशेषज्ञता है।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

मोहित भाटिया: एक नजर में

 

  • मोहित भाटिया के कार्यकाल के दौरान फंड हाउस की प्रबंधन अधीन सम्पत्ति (एयूएम) 50,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गयी थी। केनरा रोबेको में आने से पहले वे फ्रैंकलिन टेम्पलटन एएमसी में खुदरा सलाहकार सेवाओं के प्रमुख रहे थे।
  • डीएसपी मेरिल लिंच इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स में उन्होंने प्रमुख, उत्तर भारत और बाद में समूचे भारत के बैंकिंग चैनल प्रमुख का भी कार्यभार संभाला। उनके 26 साल लंबे कार्यकाल में वे एलायंस कैपिटल एएमसी में भी रहे।
  • मोहित भाटिया मैकेनिकल इंजीनियरिंग से स्नातक और गुरुग्राम के मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट से एमबीए हैं। बैंक ऑफ इंडिया इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट कंपनी का जुलाई से सितंबर तिमाही के बीच औसत एयूएम 3054.36 करोड़ रुपये रहा है। यह बैंक ऑफ इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।

Find More Appointments HereEx-CJI K.G. Balakrishnan to head Commission to inquire into demand for SC status to non-Hindu Dalits_70.1

 

World Cotton Day: जानें कब और क्यों मनाया जाता है विश्व कपास दिवस?

about – Page 1721_30.1

विश्व कपास दिवस (World Cotton Day) 7 अक्टूबर को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय दिवस का उद्देश्य कपास के लाभों का जश्न मनाना है, जिसमें प्राकृतिक फाइबर के रूप में इसके गुणों से लेकर लोगों को इसके उत्पादन, परिवर्तन, व्यापार और उपभोग से प्राप्त होने वाले लाभ शामिल हैं। पुराने समय से कॉटन के कपड़ो से लेकर कपास को कई अन्य तरह से भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। कपास का प्रोडक्शन ना केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में बड़े पैमाने पर किया जाता है, इसीलिए कपास का उत्पादन हर साल काफी लोगों जरूरतमंद लोगों को रोजगार देता है।

Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks

विश्व कपास दिवस का उद्देश्य

विश्व कपास दिवस का उद्देश्य कपास उत्पादन के लिए सभी जरूरी बदलाव करना, कपास प्रोडक्शन की तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना, इस काम से जुड़े सभी लोगों को एक साथ जोड़े रखना और ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर प्रदान करना है।

 

विश्व कपास दिवस का इतिहास

 

सबसे पहला कपास दिवस 07 अक्टूबर, 2019 को मनाया गया था। जिसकी पहल बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और माली इन चार देशों ने की थी। इन्होंने साल 2019 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व कपास दिवस की स्थापना का आधिकारिक प्रस्ताव दिया था। साल 2019 के बाद से हर साल यह दिन सेलिब्रेट किया जाने लगा।

 

विश्व कपास दिवस का महत्व

 

कॉटन उद्योग महज कपड़े बनाने का ही काम नहीं करता बल्कि कई लोगों के रोजगार का भी बहुत बड़ा जरिया है। तो कॉटन का महत्व बताना ही इस दिवस को मनाने का खास उद्देश्य है।

 

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

 

  • विश्व व्यापार संगठन मुख्यालय: जिनेवा, स्विट्जरलैंड।
  • विश्व व्यापार संगठन की स्थापना: 1 जनवरी 1995।
  • विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक: न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला.

Find More Important Days HereBreast Cancer Awareness Month 2022: 01st to 31st October_90.1

Recent Posts

The Hindu Review of April Month 2026
Most Important Questions and Answer PDF