आयुष्मान भारत कैसे बनी दुनिया की नंबर 1 स्वास्थ्य योजना

भारत की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना — आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) अब दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना बन गई है। 23 सितम्बर 2018 को शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 12 करोड़ से अधिक निम्न-आय वर्ग की परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवरेज उपलब्ध कराया जा रहा है। 28 अक्टूबर 2025 तक योजना के अंतर्गत 42 करोड़ से अधिक ‘आयुष्मान कार्ड’ जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 86 लाख वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। यह उपलब्धि भारत के सर्वजन स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) के प्रयासों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।

आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) की मुख्य विशेषताएँ

  • प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवरेज

  • सरकारी एवं निजी दोनों अस्पतालों में द्वितीयक (secondary) एवं तृतीयक (tertiary) उपचार की सुविधा।

  • आर्थिक तंगी से बचाव, गुणवत्तापूर्ण उपचार तक समान पहुंच, और सर्वजन स्वास्थ्य समावेशन इसका प्रमुख लक्ष्य।

  • कुल 33,000+ अस्पताल सूचीबद्ध (empanelled) — जिनमें 17,685 सरकारी और 15,380 निजी अस्पताल शामिल हैं।

वास्तविक प्रभाव: वित्तीय व स्वास्थ्य सुरक्षा

  • आर्थिक सर्वेक्षण 2024–25 के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना ने लाभार्थियों को ₹1.52 लाख करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य खर्च की बचत कराई।

  • यह योजना स्वास्थ्य-जनित गरीबी को कम करने में निर्णायक साबित हुई है।

  • केंद्रीय बजट 2025–26 में इसके लिए ₹9,406 करोड़ आवंटित किए गए — जो अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक बजट है।

केंद्र–राज्य साझेदारी

  • यह योजना केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त फंडिंग से संचालित होती है।

  • 2022–23 से 2024–25 के बीच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने ₹5,000 करोड़ से अधिक खर्च कर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (Ayushman Arogya Mandirs) को विकसित किया।

  • इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित हुई हैं।

आयुष्मान भारत पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के चार स्तंभ

1. आयुष्मान आरोग्य मंदिर

पूर्व में स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र (Health & Wellness Centres) कहलाने वाले ये केंद्र अब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हैं।
सेवाएँ:

  • गैर-संचारी रोग उपचार (NCD care)

  • दंत, नेत्र और ईएनटी सेवाएँ

  • आपातकालीन व उपशामक देखभाल
    सितम्बर 2025 तक 39 करोड़ से अधिक टेली-परामर्श (teleconsultations) किए जा चुके हैं।

2. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)

यह मिशन एक संपूर्ण डिजिटल स्वास्थ्य इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।
मुख्य तत्व:

  • प्रत्येक नागरिक को ABHA ID (Ayushman Bharat Health Account) प्रदान की जा रही है।

  • स्वास्थ्य अभिलेख डिजिटली लिंक और पोर्टेबल (portable) हैं।
    अब तक 80 करोड़ ABHA ID जारी, और 6.7 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से लिंक किए जा चुके हैं।

3. प्रधानमंत्री–आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM–ABHIM)

25 अक्टूबर 2021 को शुरू किया गया यह ₹64,180 करोड़ का मिशन स्वास्थ्य ढाँचे को सुदृढ़ बनाने पर केंद्रित है।
उद्देश्य:

  • अस्पतालों और प्रयोगशालाओं की अवसंरचना मजबूत करना

  • आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देना
    ₹54,205 करोड़ राज्य परियोजनाओं हेतु और ₹9,340 करोड़ केंद्र सरकार कार्यक्रमों हेतु आवंटित हैं।

स्थिर तथ्य 

विषय विवरण
योजना का नाम आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY)
शुरुआत की तिथि 23 सितम्बर 2018
कवरेज ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष
पात्र परिवार 12 करोड़ से अधिक
सूचीबद्ध अस्पताल 33,065 (17,685 सरकारी + 15,380 निजी)
जारी आयुष्मान कार्ड 42 करोड़+
घोषणा स्थिति (अक्टूबर 2025) विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना

ईपीएफओ ने कर्मचारी नामांकन योजना 2025 शुरू की

सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ‘कर्मचारी नामांकन योजना – 2025 (Employees’ Enrolment Scheme – 2025)’ की शुरुआत की है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 1 नवम्बर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित ईपीएफओ के 73वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान की।

यह योजना 6 माह की अवधि (1 नवम्बर 2025 से 30 अप्रैल 2026) तक लागू रहेगी, जिसके तहत नियोक्ता स्वेच्छा से उन कर्मचारियों की घोषणा कर सकते हैं जो 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच ईपीएफ कवरेज से वंचित रह गए थे। यह पहल “सभी के लिए सामाजिक सुरक्षा (Social Security for All)” के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो स्वैच्छिक अनुपालन (voluntary compliance) को बढ़ावा देते हुए दंड माफी और सरलीकृत प्रक्रियाएँ प्रदान करती है।

कर्मचारी नामांकन योजना – 2025 क्या है?

इस योजना के अंतर्गत नियोक्ताओं को अवसर दिया गया है कि वे उन पात्र कर्मचारियों का नामांकन नियमित करें जिन्हें पहले ईपीएफ में शामिल नहीं किया गया था।
यदि कर्मचारियों का अंशदान पहले नहीं काटा गया था, तो उसका भुगतान करने से छूट (waiver) दी जाएगी।

मुख्य विशेषताएँ 

बिंदु विवरण
पात्रता अवधि (Eligibility Period) 1 जुलाई 2017 से 31 अक्टूबर 2025 तक नियुक्त कर्मचारी
योजना अवधि (Scheme Window) 1 नवम्बर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक (6 माह)
कौन आवेदन कर सकता है सभी प्रतिष्ठान (EPF पंजीकृत या अप्रतिष्ठित), EPFO पोर्टल के माध्यम से घोषणा कर सकते हैं
माफी (Waivers) यदि कर्मचारी अंशदान पहले नहीं काटा गया, तो वह माफ; नियोक्ता को केवल अपना हिस्सा + ब्याज (धारा 7Q), प्रशासनिक शुल्क और ₹100 का नाममात्र जुर्माना देना होगा
सरलीकृत अनुपालन (Simplified Compliance) ₹100 की एकमुश्त राशि सभी तीनों ईपीएफ योजनाओं पर क्षतिपूर्ति के रूप में लागू
जांचाधीन प्रतिष्ठान (Under Inquiry) धारा 7A, पैराग्राफ 26B या पैराग्राफ 8 (EPS-1995) के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठान भी पात्र होंगे
सुरक्षा प्रावधान इस अवधि में EPFO किसी भी नियोक्ता के विरुद्ध स्वतः कार्रवाई (suo motu action) प्रारंभ नहीं करेगा

योजना का महत्व क्यों है?

कर्मचारी नामांकन योजना – 2025 भारत के अनौपचारिक कार्यबल (informal workforce) को संगठित सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कई पात्र कर्मचारी, विशेषकर छोटे या अपंजीकृत प्रतिष्ठानों में कार्यरत, पहले ईपीएफ से वंचित रह गए थे।

यह योजना —

  • नियोक्ताओं पर आर्थिक बोझ घटाती है (penalty waivers के माध्यम से),

  • पारदर्शिता और स्वैच्छिक सुधार को प्रोत्साहित करती है,

  • ईपीएफ की सार्वभौमिक कवरेज के लक्ष्य को सशक्त बनाती है,

  • श्रम सुधारों के तहत औपचारिककरण (formalisation) को बढ़ावा देती है,

  • कर्मचारियों को दीर्घकालिक बचत, बीमा लाभ और पेंशन अधिकारों तक पहुंच प्रदान करती है।

स्थिर तथ्य 

विषय विवरण
योजना का नाम कर्मचारी नामांकन योजना – 2025 (Employees’ Enrolment Scheme – 2025)
घोषणा की गई द्वारा डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री
घोषणा तिथि 1 नवम्बर 2025
प्रभावी अवधि 1 नवम्बर 2025 – 30 अप्रैल 2026
पात्रता अवधि (कर्मचारियों के लिए) 1 जुलाई 2017 – 31 अक्टूबर 2025
कर्मचारी अंशदान यदि पहले नहीं काटा गया तो माफ
नियोक्ता अंशदान ब्याज सहित + प्रशासनिक शुल्क + ₹100 जुर्माना के साथ जमा
जुर्माना (Penalty) ₹100 प्रति प्रतिष्ठान (एकमुश्त)

समुद्री मत्स्य पालन जनगणना 2025 व्यास ऐप्स के साथ पूरी तरह से डिजिटल हो गई

भारत ने अपने समुद्री आंकड़ा तंत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए “मरीन फिशरीज जनगणना (MFC) 2025” की शुरुआत की है — जो अब पूरी तरह डिजिटल रूप में संचालित होगी। इस जनगणना का शुभारंभ 1 नवम्बर 2025 को केंद्रीय मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन द्वारा कोच्चि में किया गया।

“स्मार्ट जनगणना, स्मार्ट मत्स्य पालन (Smart Census, Smarter Fisheries)” के नारे के साथ यह पहल भारत की पाँचवीं समुद्री मत्स्य जनगणना है और पहली बार यह पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से आयोजित की जा रही है।

क्या बनाता है MFC 2025 को ऐतिहासिक?

पूर्ण डिजिटलीकरण — VYAS ऐप सूट के माध्यम से

पारंपरिक कागज़-आधारित सर्वेक्षण की जगह अब ICAR–सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) द्वारा विकसित बहुभाषी एंड्रॉयड ऐप्स का उपयोग किया जाएगा:

  • VYAS–NAV: मत्स्य ग्रामों और बंदरगाहों का सत्यापन

  • VYAS–BHARAT: मत्स्य परिवारों और बुनियादी ढांचे का सर्वेक्षण

  • VYAS–SUTRA: वास्तविक समय में पर्यवेक्षण और मॉनिटरिंग

इससे आंकड़ों की सटीकता, विश्लेषण की गति, और राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रीयल-टाइम डैशबोर्ड निगरानी में भारी सुधार होगा।

कवरेज और समय-सीमा

  • अवधि: 45 दिन (3 नवम्बर – 18 दिसम्बर 2025)

  • कवरेज: 12 लाख (1.2 मिलियन) मत्स्य परिवार

  • क्षेत्र: 13 तटीय राज्य और केंद्रशासित प्रदेश, जिनमें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल

  • लक्ष्य ग्राम: 5,000 से अधिक समुद्री मत्स्य ग्राम और बस्तियाँ

ड्रोन आधारित नौका सर्वेक्षण

पहली बार, इस जनगणना में ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है ताकि मछली पकड़ने वाले जहाज़ों का हवाई मानचित्रण (aerial mapping) किया जा सके — विशेष रूप से ट्रॉल प्रतिबंध अवधि के दौरान।

मुख्य बंदरगाह जैसे विशाखापत्तनम, काकीनाडा, तूतीकोरिन, मंगलुरु और बायपोर को सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।
यह डेटा भूमि-स्तर पर एकत्रित आंकड़ों के सत्यापन और जलवायु-संवेदनशील मत्स्य नियोजन के लिए सटीक आधार प्रदान करेगा।

संस्थागत ढांचा

मरीन फिशरीज जनगणना 2025 का संचालन निम्न संस्थानों द्वारा किया जा रहा है:

  • वित्तपोषण: मत्स्य विभाग, भारत सरकार

  • नोडल एजेंसी: ICAR–CMFRI (सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट)

  • सहयोगी संस्था: फिशरी सर्वे ऑफ इंडिया (FSI)

जनगणना से पूर्व आयोजित राष्ट्रीय कार्यशालाओं और कोस्टल स्टेट्स फिशरीज मीट 2025 ने राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया।
श्री कुरियन ने मछुआरों को राष्ट्रीय मत्स्य विकास पोर्टल (NFDP) पर पंजीकरण के लिए भी प्रोत्साहित किया ताकि वे योजनाओं, तकनीकी सहायता और सब्सिडियों का लाभ उठा सकें।

स्थिर तथ्य

विषय विवरण
जनगणना का नाम मरीन फिशरीज जनगणना (MFC) 2025
प्रारंभ तिथि 1 नवम्बर 2025
जनगणना अवधि 3 नवम्बर – 18 दिसम्बर 2025 (45 दिन)
कवरेज 12 लाख मत्स्य परिवार
क्षेत्र 13 तटीय राज्य/केंद्रशासित प्रदेश + अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप
नारा (Slogan) “स्मार्ट जनगणना, स्मार्ट मत्स्य पालन”
विकसित ऐप्स VYAS–NAV, VYAS–BHARAT, VYAS–SUTRA
नोडल एजेंसी ICAR–CMFRI
सहयोगी संस्था फिशरी सर्वे ऑफ इंडिया (FSI)

भारत ने 2025 एशियाई युवा खेलों में रिकॉर्ड 48 पदकों के साथ चमक बिखेरी

भारत ने युवा खेलों के इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए बहरीन के मनामा में आयोजित 2025 एशियाई युवा खेलों (Asian Youth Games 2025) में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। भारतीय दल ने कुल 48 पदक (13 स्वर्ण, 18 रजत और 17 कांस्य) जीतकर अब तक का नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने डकार (सेनेगल) में 2026 युवा ओलंपिक खेलों के लिए कई स्पर्धाओं में क्वालिफिकेशन स्लॉट्स भी सुनिश्चित किए।

222 सदस्यीय भारतीय दल (119 महिलाएँ और 103 पुरुष) ने कबड्डी, मुक्केबाज़ी, बीच रेसलिंग, एथलेटिक्स, वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों में दमदार प्रदर्शन किया और एशियाई मंच पर भारत की उभरती शक्ति का प्रदर्शन किया।

मुख्य उपलब्धियाँ और रिकॉर्डधारी खिलाड़ी

  • खुशी (15 वर्ष) ने लड़कियों की कुराश (70 किग्रा) में भारत का पहला पदक (कांस्य) जीता।

  • रंजना यादव ने महिला 5000 मीटर वॉक में रजत पदक जीतकर भारत का पहला एथलेटिक्स पदक दिलाया।

  • लड़कियों की कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।

  • प्रीतस्मिता भोई ने 44 किग्रा क्लीन एंड जर्क में विश्व युवा रिकॉर्ड बनाते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण जीता।

  • अंतिम दिन, भारत ने 15 पदक जीते — जिनमें 7 स्वर्ण शामिल थे (4 मुक्केबाज़ी और 3 बीच रेसलिंग में)।

ऐतिहासिक तुलना: भारत का पिछला प्रदर्शन

2009 एशियाई यूथ गेम्स (सिंगापुर): 11 पदक (5 स्वर्ण, 3 रजत, 3 कांस्य)

2013 एशियाई यूथ गेम्स (नानजिंग): 14 पदक (3 स्वर्ण, 4 रजत, 7 कांस्य)

(नोट: 2013 में भारत ने एनओसी निलंबन के कारण ओलंपिक ध्वज के तहत भाग लिया था)

2025 में 48 पदक जीतकर भारत ने न केवल पिछले सभी संस्करणों को पीछे छोड़ा, बल्कि एशियाई युवा खेलों में अपनी बढ़ती प्रभुत्वता भी साबित की।

भारत का पदक सारांश 

पदक संख्या
स्वर्ण  13
रजत  18
कांस्य  17
कुल  48

स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी/टीमें

खिलाड़ी / टीम स्पर्धा खेल पदक
अंजलि बालिका 55 किग्रा बीच रेसलिंग स्वर्ण
सानी फुलमाली बालक 60 किग्रा बीच रेसलिंग स्वर्ण
अर्जुन रूहिल बालक 90 किग्रा बीच रेसलिंग स्वर्ण
खुशी चंद बालिका 46 किग्रा मुक्केबाज़ी स्वर्ण
अहाना शर्मा बालिका 50 किग्रा मुक्केबाज़ी स्वर्ण
चंद्रिका पुजारी बालिका 54 किग्रा मुक्केबाज़ी स्वर्ण
अंशिका बालिका +80 किग्रा मुक्केबाज़ी स्वर्ण
भारत बालिका टीम कबड्डी स्वर्ण
भारत बालक टीम कबड्डी स्वर्ण
प्रीतिस्मिता भोई बालिका 44 किग्रा क्लीन एंड जर्क भारोत्तोलन स्वर्ण
मोनी बालिका फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती स्वर्ण
यशिता बालिका फ्रीस्टाइल 61 किग्रा कुश्ती स्वर्ण
जयवीर सिंह बालक फ्रीस्टाइल 55 किग्रा कुश्ती स्वर्ण
शौर्य अम्बुरे बालिका 100 मीटर बाधा दौड़ एथलेटिक्स रजत
एडविना जेसन बालिका 400 मीटर एथलेटिक्स रजत
रंजन यादव बालिका 5000 मीटर वॉक एथलेटिक्स रजत
ओशिन बालिका डिस्कस थ्रो एथलेटिक्स रजत
भारत बालिका मेडले रिले एथलेटिक्स रजत
सुजय नागनाथ तानपुरे बालक 70 किग्रा बीच रेसलिंग रजत
रविंदर बालक 80 किग्रा बीच रेसलिंग रजत
हरनूर कौर बालिका 66 किग्रा मुक्केबाज़ी रजत
लनचेनबा सिंह मोइबुंगखोंगबम बालक 50 किग्रा मुक्केबाज़ी रजत
मोनिका खुइंतेम बालिका -63 किग्रा जुडो रजत
कनिष्का बिधुरी बालिका 52 किग्रा कुराश रजत
श्रिया मिलिंद सतम बालिका 50 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स रजत
तिर्थांक पेगू बालक 200 मीटर बटरफ्लाई तैराकी रजत
प्रीतिस्मिता भोई बालिका 44 किग्रा स्नैच भारोत्तोलन रजत
महाराजन अरुमुगपंडियन बालक 60 किग्रा स्नैच भारोत्तोलन रजत
महाराजन अरुमुगपंडियन बालक 60 किग्रा क्लीन एंड जर्क भारोत्तोलन रजत
अश्विनी विश्नोई बालिका 69 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती रजत
गौरव पुनिया बालक फ्रीस्टाइल 65 किग्रा कुश्ती रजत
भूमि‍का नेहाते बालिका 200 मीटर एथलेटिक्स कांस्य
जैस्मिन कौर बालिका शॉट पुट एथलेटिक्स कांस्य
पलाश मंडल बालक 5000 मीटर वॉक एथलेटिक्स कांस्य
जुबिन गोहाइन बालक हाई जंप एथलेटिक्स कांस्य
अनंत देशमुख बालक 66 किग्रा मुक्केबाज़ी कांस्य
हर्षित बालक -73 किग्रा जुडो कांस्य
खुशी बालिका 70 किग्रा कुराश कांस्य
अरविंद बालक 83 किग्रा कुराश कांस्य
वीर भदु बालक 80 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स कांस्य
अल्फोंसा ज़िनिया व्रियांग बालिका वाई क्रू 16–17 मुआय कांस्य
सिन्द्रेला दास – सार्थक आर्य मिश्र युगल टेबल टेनिस कांस्य
देबाशीष दास बालक व्यक्तिगत पूमसे ताइक्वांडो कांस्य
शिवांशु पटेल / यशविनी सिंह मिश्र जोड़ी पूमसे ताइक्वांडो कांस्य
भारत मिश्र टीम ताइक्वांडो कांस्य
पर्व चौधरी बालक 94 किग्रा क्लीन एंड जर्क भारोत्तोलन कांस्य
रचना बालिका फ्रीस्टाइल 43 किग्रा कुश्ती कांस्य
कोमल वर्मा बालिका फ्रीस्टाइल 49 किग्रा कुश्ती कांस्य

2026 युवा ओलंपिक की राह

2025 एशियाई युवा खेलों का यह संस्करण युवा ओलंपिक 2026 (डकार, सेनेगल) के लिए क्वालीफिकेशन प्रतियोगिता भी था।
45 देशों के खिलाड़ियों ने 1,677 पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा की, और भारत के उत्कृष्ट प्रदर्शन से उसके कई खेलों में युवा ओलंपिक में प्रवेश की संभावना काफी बढ़ गई है।

स्थिर तथ्य 

तत्व विवरण
कार्यक्रम 2025 एशियाई युवा खेल
मेजबान देश बहरीन (मनामा)
आयोजन तिथि अक्टूबर 2025
भारतीय दल 222 खिलाड़ी (119 महिलाएँ, 103 पुरुष)
कुल पदक 48 (13 स्वर्ण, 18 रजत, 17 कांस्य)
मुख्य खेल मुक्केबाज़ी, बीच रेसलिंग, वेटलिफ्टिंग, कबड्डी
अगला प्रमुख आयोजन युवा ओलंपिक 2026, डकार (सेनेगल)

भारतीय सेना ने रेगिस्तानी क्षेत्र में वायु समन्वय-II का आयोजन किया

अगली पीढ़ी के युद्ध के परिदृश्य को अपनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम उठाते हुए, भारतीय सेना ने ‘वायु समन्वय–II (VAYU SAMANVAY–II)’ नामक एक प्रमुख ड्रोन और काउंटर-ड्रोन अभ्यास का आयोजन 28–29 अक्टूबर 2025 के दौरान दक्षिणी कमान के अंतर्गत अग्रिम रेगिस्तानी क्षेत्रों में किया।

यह व्यापक अभ्यास भारत की हवाई खतरों के विरुद्ध संचालनात्मक तैयारी (operational preparedness) में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है और यह दर्शाता है कि सेना अब तकनीक-संचालित, बहु-क्षेत्रीय युद्ध (multi-domain warfare) की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

अभ्यास का उद्देश्य और महत्व

वायु समन्वय–II का उद्देश्य युद्ध में ड्रोन के उपयोग और उनके निष्प्रभावीकरण से संबंधित सिद्धांतात्मक सिद्धांतों (doctrinal principles) को परखना था।
भारतीय सेना ने एक यथार्थवादी और इलेक्ट्रॉनिक रूप से चुनौतीपूर्ण युद्ध वातावरण में अपनी क्षमताओं का परीक्षण किया, जो भविष्य के उन युद्धक्षेत्रों का अनुकरण था जहाँ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, हवाई निगरानी और AI आधारित नियंत्रण तंत्र निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

इस अभ्यास का महत्व क्यों है

  • आधुनिक युद्धों में ड्रोन अब निगरानी, लक्ष्य साधने और पेलोड पहुंचाने के अग्रिम उपकरण बन चुके हैं।

  • इसके साथ ही, काउंटर-ड्रोन तकनीकें भी उतनी ही आवश्यक हैं ताकि शत्रु UAVs (मानवरहित हवाई यानों) से उत्पन्न खतरों को निष्प्रभावी किया जा सके — विशेषकर सीमा और रेगिस्तानी इलाकों में।

  • ऐसे अभ्यास भारत को तेजी से बदलते खतरे के परिदृश्य के अनुरूप ढालने में मदद करते हैं और स्वदेशी तकनीकों को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का अवसर देते हैं।

स्थान और भू-परिस्थितियों का लाभ

रेगिस्तानी भू-भाग और चुनौतीपूर्ण मौसम परिस्थितियों ने इस अभ्यास को ड्रोन तैनाती और प्रतिकार उपायों के परीक्षण के लिए आदर्श बनाया।
यह परीक्षण निम्नलिखित पहलुओं का आकलन करने में सहायक रहा —

  • ड्रोन प्रणालियों की सहनशक्ति (endurance) और प्रदर्शन

  • इलेक्ट्रॉनिक युद्ध वातावरण में सिग्नल की दृढ़ता (signal resilience)

  • भूमि बलों के बीच बहु-क्षेत्रीय समन्वय (multi-domain coordination)

तकनीकी फोकस और सिद्धांतगत विकास 

इस अभ्यास में हवाई और स्थलीय संपत्तियों के एकीकरण (fusion) का प्रदर्शन किया गया, जिसमें परीक्षण शामिल थे —

  • मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS) और स्वॉर्म ड्रोन संचालन

  • इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हस्तक्षेप (EMI) के परिदृश्य, ताकि शत्रु तकनीक का अनुकरण किया जा सके

  • AI-संचालित कमांड एंड कंट्रोल (C2) केंद्रों के माध्यम से वास्तविक समय निर्णय लेना

  • स्वदेशी ड्रोन और काउंटर-ड्रोन प्रणालियों का एकीकरण

ये घटक भारतीय सेना के उस परिवर्तन को दर्शाते हैं, जो संयुक्त बल क्षमताओं (joint force capabilities) और डिजिटाइज्ड युद्ध रणनीतियों की दिशा में एक भविष्य-तैयार सिद्धांत विकसित करने पर केंद्रित है।

सहक्रियाशीलता और स्वदेशी नवाचार 

वायु समन्वय–II ने सेना की विभिन्न शाखाओं के बीच सामूहिक संचालन और त्वरित संचार को और सुदृढ़ किया। इस दौरान सैनिकों ने —

  • ‘मेड-इन-इंडिया’ ड्रोन प्रणालियों का उपयोग और मूल्यांकन किया,

  • काउंटर-UAV जैमर, स्पूफर और डिटेक्शन रडार का परीक्षण किया,

  • तकनीक-सक्षम उपकरणों के माध्यम से हमला, रक्षा और निष्प्रभावीकरण (neutralisation) के सिमुलेशन में भाग लिया।

स्थिर तथ्य:

विषय विवरण
अभ्यास का नाम वायु समन्वय–II (VAYU SAMANVAY–II)
तिथियाँ 28–29 अक्टूबर 2025
स्थान रेगिस्तानी क्षेत्र, दक्षिणी कमान के अंतर्गत
उद्देश्य ड्रोन और काउंटर-ड्रोन युद्ध तैयारी का परीक्षण
पर्यावरण यथार्थवादी इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सिमुलेशन
नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, PVSM, AVSM
मुख्य विशेषताएँ हवाई और भूमि संसाधनों का एकीकरण, स्वदेशी तकनीक, AI-सक्षम C2 प्रणाली

भारतीय टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने संन्यास की घोषणा की

भारत के महानतम टेनिस खिलाड़ियों में से एक रोहन बोपन्ना ने आधिकारिक रूप से पेशेवर टेनिस से संन्यास की घोषणा कर दी है, जिससे उनके दो दशकों से अधिक लंबे शानदार करियर का समापन हुआ। अपनी दमदार सर्विस, विश्वस्तरीय डबल्स खेल और अटूट जज़्बे के लिए मशहूर बोपन्ना ने भारतीय टेनिस को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और नई पीढ़ी को प्रेरित किया।

अंतिम मैच — पेरिस मास्टर्स 2025

  • रोहन बोपन्ना ने अपना आख़िरी पेशेवर मैच पेरिस मास्टर्स 1000 में खेला, जहाँ उन्होंने कज़ाख़स्तान के अलेक्ज़ेंडर बब्लिक के साथ जोड़ी बनाई।
  • यह जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के जॉन पीयर्स और ब्रिटेन के जेम्स ट्रेसी से राउंड ऑफ़ 32 में पराजित हुई।
  • स्कोर: 5–7, 6–2, 10–8

रोहन बोपन्ना के प्रमुख उपलब्धियां

ग्रैंड स्लैम खिताब

  • 2017 फ्रेंच ओपन (मिक्स्ड डबल्स) — गैब्रिएला डैब्रोव्स्की (कनाडा) के साथ

  • 2024 ऑस्ट्रेलियन ओपन (मेंस डबल्स) — मैथ्यू एब्डेन (ऑस्ट्रेलिया) के साथ

ऐतिहासिक उपलब्धि

  • 2024 में 43 वर्ष की आयु में विश्व नंबर 1 डबल्स खिलाड़ी बने — यह उपलब्धि हासिल करने वाले अब तक के सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी

  • भारत के लिए डेविस कप और ओलंपिक खेलों में लगातार प्रतिनिधित्व किया।

  • कुल 5 ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे।

ग्रैंड स्लैम फाइनल्स का विवरण:

  • मेंस डबल्स — 2010 यूएस ओपन (ऐसाम-उल-हक के साथ), 2023 यूएस ओपन (एब्डेन के साथ)

  • मिक्स्ड डबल्स — 2017 फ्रेंच ओपन (जीते), 2018 ऑस्ट्रेलियन ओपन (टाइमिया बाबोस के साथ), 2023 ऑस्ट्रेलियन ओपन (सानिया मिर्ज़ा के साथ)

‘इंडो-पाक एक्सप्रेस’ की ऐतिहासिक जोड़ी

  • रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के ऐसाम-उल-हक कुरैशी की जोड़ी को दुनिया भर में ‘इंडो-पाक एक्सप्रेस’ के नाम से जाना गया।
  • उनकी साझेदारी ने खेल से परे जाकर शांति और एकता का संदेश दिया।
  • दोनों ने मिलकर 2010 यूएस ओपन फाइनल तक पहुंचकर एशियाई टेनिस को वैश्विक मंच पर स्थापित किया।

कोर्ट से परे योगदान

  • उत्कृष्ट नेट प्ले और रणनीतिक खेल के लिए जाने जाते हैं।

  • फिटनेस और स्पोर्ट्समैनशिप के प्रतीक, जिन्होंने 40 की उम्र के बाद भी विश्व स्तरीय खेल जारी रखा।

  • एटीपी और ग्रैंड स्लैम मंचों पर प्रदर्शन से भारत के युवा डबल्स खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने।

एक महान करियर को सलाम

  • भारत एक सच्चे टेनिस लीजेंड को विदाई दे रहा है।
  • रोहन बोपन्ना का योगदान न केवल ट्रॉफियों में, बल्कि उनकी प्रतिबद्धता, खेल भावना और प्रेरणादायक यात्रा में है।
  • उनका नाम हमेशा भारतीय टेनिस के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

स्थिर तथ्य 

  • खिलाड़ी: रोहन बोपन्ना

  • जन्म: 4 मार्च 1980, बेंगलुरु

  • प्रमुख खिताब: 2 ग्रैंड स्लैम

  • विश्व रैंकिंग: डबल्स विश्व नं. 1 (2024)

  • अंतिम टूर्नामेंट: पेरिस मास्टर्स 2025

  • साथी खिलाड़ी (अंतिम मैच): अलेक्ज़ेंडर बब्लिक

  • करियर अवधि: 2002–2025

विश्वजीत सहाय को रक्षा लेखा महानियंत्रक नियुक्त किया गया

श्री विश्वजीत सहाय — भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS) के वरिष्ठ अधिकारी — ने नए नियंत्रक जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (CGDA) का कार्यभार संभाल लिया है। यह महत्वपूर्ण नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब भारत का रक्षा क्षेत्र आधुनिकीकरण और वित्तीय विस्तार के दौर से गुजर रहा है। श्री सहाय तीन दशकों से अधिक के सार्वजनिक प्रशासन और रक्षा वित्त अनुभव के साथ इस जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं।

कौन हैं विश्वजीत सहाय?

श्री विश्वजीत सहाय 1990 बैच के IDAS अधिकारी हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन्स कॉलेज के पूर्व छात्र हैं।
उनका प्रशासनिक करियर वित्त, नीति-निर्माण और योजना से जुड़े कई अहम पदों पर रहा है।

सरकारी भूमिकाएँ

श्री सहाय ने कई केंद्रीय मंत्रालयों में उच्च वित्तीय सलाहकार भूमिकाएँ निभाई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग

  • संयुक्त सचिव, भारी उद्योग विभाग

  • वित्त प्रबंधक, अधिग्रहण विंग, रक्षा मंत्रालय

इन भूमिकाओं में उन्होंने वित्तीय निर्णय-निर्माण और नीतिगत क्रियान्वयन के बीच सेतु का कार्य किया — विशेष रूप से प्रोक्योरमेंट, पेंशन और रणनीतिक अधिग्रहण जैसे क्षेत्रों में।

रक्षा लेखा विभाग में योगदान

रक्षा लेखा विभाग (Defence Accounts Department) में श्री सहाय ने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जैसे:

  • प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (पेंशन्स), प्रयागराज – जहाँ उन्होंने लाखों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की पेंशन व्यवस्था का प्रबंधन किया।

  • संयुक्त CGDA – रक्षा लेखा के रणनीतिक पर्यवेक्षण में योगदान।

  • विशेष CGDA – उच्च-स्तरीय सुधार और विशेष पहल का नेतृत्व।

इन भूमिकाओं ने उन्हें रक्षा पेंशन, बजट प्रबंधन और सैन्य वित्तीय प्रणालियों की गहरी समझ प्रदान की है।

नियंत्रक जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (CGDA) की भूमिका

CGDA रक्षा मंत्रालय का मुख्य वित्तीय सलाहकार होता है। इसका दायित्व शामिल करता है:

  • थलसेना, नौसेना, वायुसेना और DRDO के बजट का प्रबंधन

  • 32 लाख से अधिक रक्षा पेंशनधारकों के भुगतान की निगरानी

  • सैन्य व्यय का लेखा परीक्षण और ऑडिट

  • बड़े पैमाने पर रक्षा खरीद में वित्तीय नियंत्रण

CGDA के रूप में, विश्वजीत सहाय रक्षा वित्तीय प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, वित्तीय अनुशासन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों के समर्थन में केंद्रीय भूमिका निभाएँगे।

स्थायी तथ्य (Static Facts)

  • नाम: श्री विश्वजीत सहाय

  • पद: नियंत्रक जनरल ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (CGDA)

  • नियुक्ति तिथि: 1 नवम्बर 2025

  • सेवा: 1990 बैच, भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAS)

यूआईडीएआई ने भविष्य की डिजिटल आईडी के लिए ‘आधार विजन 2032’ का अनावरण किया

भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली को भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम उठाते हुए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने ‘आधार विज़न 2032’ की शुरुआत की है। यह रूपांतरकारी रोडमैप आधार को अधिक सुरक्षित, बुद्धिमान और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने का लक्ष्य रखता है — जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), ब्लॉकचेन, क्वांटम कम्प्यूटिंग और अगली पीढ़ी की एन्क्रिप्शन तकनीकें शामिल हैं।

क्या है ‘आधार विज़न 2032’?

‘आधार विज़न 2032’ UIDAI की एक समग्र रूपरेखा है, जिसके माध्यम से वर्ष 2032 तक भारत की आधार प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत किया जाएगा। इसके प्रमुख फोकस क्षेत्र हैं —

  • AI आधारित स्मार्ट प्रमाणीकरण प्रणाली

  • ब्लॉकचेन के माध्यम से छेड़छाड़-रोधी सत्यापन और ऑडिटेबिलिटी

  • क्वांटम कम्प्यूटिंग के खतरों से निपटने की तैयारी

  • भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम के अनुरूप उन्नत एन्क्रिप्शन प्रणाली

इसका उद्देश्य एक मजबूत, सुरक्षित और समावेशी डिजिटल पहचान ढांचा विकसित करना है, जो नागरिकों के साथ-साथ देश की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी समर्थन दे सके।

कौन कर रहा है इस परिवर्तन का नेतृत्व?

इस तकनीकी परिवर्तन को दिशा देने के लिए UIDAI ने एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति (High-Level Expert Committee) का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता नीलकंठ मिश्रा, अध्यक्ष, UIDAI द्वारा की जा रही है। समिति में तकनीक, कानून, साइबर सुरक्षा और प्रशासन के क्षेत्र के शीर्ष विशेषज्ञ शामिल हैं।

प्रमुख सदस्य:

  • भुवनेश कुमार, CEO, UIDAI

  • विवेक राघवन, सह-संस्थापक, Sarvam AI

  • धीरज पांडे, संस्थापक, Nutanix

  • शशिकुमार गणेशन, हेड ऑफ इंजीनियरिंग, MOSIP

  • राहुल मथन, विधि विशेषज्ञ, Trilegal

  • नवीन बुढिराजा, CTO, Vianai Systems

  • प्रो. अनिल जैन, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी

  • प्रो. मयंक वत्सा, IIT जोधपुर

  • प्रो. प्रभाकरन पूर्णचंद्रन, अमृता यूनिवर्सिटी

  • अभिषेक कुमार सिंह, उप महानिदेशक, UIDAI

यह बहु-विषयक टीम आधार विज़न 2032 के आधिकारिक रूपरेखा दस्तावेज़ को तैयार करने की जिम्मेदारी निभा रही है।

‘आधार विज़न 2032’ के प्रमुख उद्देश्य:

  • ब्लॉकचेन आधारित डेटा ट्रेल्स से भरोसे में वृद्धि

  • AI द्वारा स्मार्ट सत्यापन प्रणाली

  • DPDP अधिनियम के अनुरूप गोपनीयता और अनुपालन की सुरक्षा

  • पोस्ट-क्वांटम युग के खतरों से पहचान प्रणाली की रक्षा

  • आधार की वैश्विक प्रतिस्पर्धा और पारस्परिकता (interoperability) को सुनिश्चित करना

स्थिर तथ्य 

विषय विवरण
लॉन्च करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI)
लॉन्च तिथि 1 नवंबर 2025
शामिल तकनीकें AI, ब्लॉकचेन, क्वांटम कम्प्यूटिंग, उन्नत एन्क्रिप्शन
विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार
उद्देश्य DPDP अधिनियम और वैश्विक मानकों के अनुरूप अगली पीढ़ी की आधार प्रणाली विकसित करना

भारत ने रचा इतिहास, भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 से हराकर जीता महिला वनडे विश्व कप 2025

भारतीय टीम आखिरकार 52 साल लंबे इंतजार के बाद पहली बार ODI वर्ल्ड चैंपियन बन गई है। भारत ने 2025 वर्ल्ड कप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 50 ओवर में सात विकेट पर 298 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 246 रन पर सिमट गई। 52 साल के महिला वनडे विश्व कप के इतिहास में यह भारत का पहला वनडे विश्व कप का खिताब है। पहला महिला वनडे विश्व कप 1973 में खेला गया था।

शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के अर्धशतक

भारत ने पहले बैटिंग करते हुए शेफाली वर्मा (78 गेंद में 87 रन) और दीप्ति शर्मा (58 रन) के अर्धशतक की बदौलत सात विकेट पर 298 रन बनाए। शेफाली ने वनडे में अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी के दौरान सात चौके और दो छक्के लगाए। दीप्ति ने 58 गेंद में तीन चौके और एक छक्का जड़ा। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 45 रन और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 34 रन का योगदान दिया।

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम दीप्ति शर्मा के पांच झटकों के सामने कप्तान लौरा वोलवार्ट (101 रन) के शतक के बावजूद 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई। दीप्ति ने 39 रन देकर पांच विकेट झटके। शेफाली वर्मा ने भी दो विकेट और श्री चरणी ने एक विकेट हासिल किया।

2005 में टीम इंडिया पहली बार फाइनल में

2005 में टीम इंडिया पहली बार फाइनल में पहुंची, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार गई। 2017 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ही सेमीफाइनल हराकर फाइनल में एंट्री की, लेकिन इंग्लैंड ने फाइनल हरा दिया। 2025 में टीम ने फिर एक बार ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल हराया, लेकिन इस बार फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर ट्रॉफी जीत ही ली।

पहली ICC ट्रॉफी

इंडिया विमेंस सीनियर टीम की यह किसी भी फॉर्मेट में पहली ICC ट्रॉफी रही। टीम एक बार टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी हार चुकी है। विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में 25 साल बाद नई टीम चैंपियन बनी। 2000 में आखिरी बार न्यूजीलैंड ने खिताब जीता था। इनके अलावा 7 बार ऑस्ट्रेलिया और 4 बार इंग्लैंड ही चैंपियन बनी।

भारत की प्लेइंग इलेवन- शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, राधा यादव, क्रांति गौड़, श्री चरणी, रेणुका सिंह ठाकुर।

साउथ अफ्रीका की प्लेइंग इलेवन- लौरा वोल्वार्ड्ट (कप्तान), तजमिन ब्रिट्स, एनेके बॉश, सुने लुस, मारिजान काप, सिनालो जाफ्टा (विकेटकीपर), एनेरी डर्कसन, क्लो ट्रायॉन, नादिन डी क्लार्क, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा।

विश्व कप जीतने के लिए भारतीय महिला टीम को मिलेगी पुरस्कार राशि?

भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम पन्ने में दर्ज होने वाला क्षण — भारत की महिला क्रिकेट टीम ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में आईसीसी महिला विश्व कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को रोमांचक मुकाबले में हराकर अपना पहला महिला विश्व कप खिताब जीता। यह जीत न केवल 2005 और 2017 की हार का बदला थी, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ इनामी राशि के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्ण युग की शुरुआत भी साबित हुई।

भारत द्वारा अर्जित कुल इनामी राशि

स्रोत राशि
आईसीसी (ICC) से विश्व कप विजेता राशि USD 4.48 मिलियन (~₹40 करोड़)
बीसीसीआई (BCCI) द्वारा घोषित बोनस ₹51 करोड़
कुल इनामी राशि ₹91 करोड़

यह किसी भी महिला क्रिकेट टीम को एक ही टूर्नामेंट में मिली अब तक की सबसे बड़ी इनामी राशि है — वैश्विक महिला खेलों के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर।

बीसीसीआई की ऐतिहासिक घोषणा 

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भारत की जीत के बाद कहा —

“बीसीसीआई हमारे विश्व चैंपियनों को ₹51 करोड़ का पुरस्कार देकर गर्व महसूस करता है। यह केवल धनराशि नहीं, बल्कि उनके संकल्प, परिश्रम और इतिहास रचने की भावना का सम्मान है।”

उन्होंने पूर्व बीसीसीआई सचिव और वर्तमान आईसीसी अध्यक्ष जय शाह को महिला क्रिकेट में वेतन समानता (pay parity) और वित्तीय सुधारों को आगे बढ़ाने का श्रेय भी दिया।

आईसीसी इनामी पूल में 300% वृद्धि 

जय शाह के नेतृत्व में आईसीसी ने महिला विश्व कप की कुल इनामी राशि 300% बढ़ाई, जो 2022 में $3.5 मिलियन (~₹31 करोड़) से बढ़कर 2025 में $13.88 मिलियन (~₹123 करोड़) हो गई।

स्थान टीम इनामी राशि
विजेता भारत $4.48 मिलियन (~₹40 करोड़)
रनर-अप दक्षिण अफ्रीका $2.24 मिलियन (~₹20 करोड़)
सेमीफाइनल हारने वाली टीमें $1.12 मिलियन (~₹10 करोड़) प्रत्येक

यह 2023 के पुरुष विश्व कप (Prize Pool: $10 मिलियन / ₹89 करोड़) से भी अधिक था।

भारत की विजयी यात्रा 

  • ग्रुप चरण में अपराजित प्रदर्शन, जिसमें शफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, और रेणुका सिंह ने शानदार खेल दिखाया।

  • सेमीफाइनल में इंग्लैंड पर जीत, जिसने टीम की गहराई और संतुलन को दर्शाया।

  • फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोमांचक मुकाबला, जहाँ हरमनप्रीत कौर के ऑल-राउंड प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाई।

यह जीत 2005 और 2017 के फाइनल की निराशा को मिटाते हुए भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में नए युग की शुरुआत है।

भारतीय महिला क्रिकेट पर प्रभाव 

यह ऐतिहासिक उपलब्धि और इनामी राशि —

  • देश में महिला क्रिकेट में निवेश को बढ़ावा देगी।

  • युवा लड़कियों को क्रिकेट अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

  • कॉर्पोरेट प्रायोजकों और मीडिया ध्यान को आकर्षित करेगी।

  • और भारत को वैश्विक महिला क्रिकेट की महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।

मुख्य तथ्य 

विवरण जानकारी
टूर्नामेंट आईसीसी महिला विश्व कप 2025
विजेता भारत 🇮🇳
रनर-अप दक्षिण अफ्रीका
भारत की कुल इनामी राशि ₹91 करोड़
आईसीसी हिस्सा ₹40 करोड़
बीसीसीआई बोनस ₹51 करोड़
कुल इनामी पूल (2025) $13.88 मिलियन (~₹123 करोड़)
पिछला विजेता (2022) ऑस्ट्रेलिया (₹12 करोड़ इनामी राशि)
आईसीसी अध्यक्ष जय शाह
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर

निष्कर्ष:

भारत की यह जीत न केवल ट्रॉफी हासिल करने की कहानी है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, खेल में समानता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाकर इतिहास रच दिया है।

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