सरकार ने बासमती चावल पर से न्यूनतम मूल्य हटाया

भारत के प्रमुख जीआई किस्म के चावल, बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाए गए एक महत्वपूर्ण कदम में, भारत सरकार ने बासमती चावल के निर्यात पर से न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) हटाने का निर्णय लिया है। भारत सरकार ने बासमती चावल पर 950 डॉलर प्रति टन न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) हटा दिया है। घरेलू धान की गिरती कीमतों और व्यापार दबावों के जवाब में किए गए इस निर्णय का उद्देश्य निर्यात के अवसरों को बढ़ाना और किसानों की आय का समर्थन करना है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) अब उचित मूल्य और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बिना किसी न्यूनतम मूल्य के बासमती चावल के निर्यात की निगरानी करेगा।

वर्तमान में जारी व्यापार संबंधी चिंताओं और चावल की पर्याप्त घरेलू उपलब्धता को ध्यान रखते हुए, भारत सरकार ने अब बासमती चावल के निर्यात पर से न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) को पूरी तरह से हटाने का फैसला किया है। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) बासमती चावल के किसी भी गैर-यथार्थवादी मूल्य निर्धारण को रोकने और निर्यात से जुड़ी कार्यप्रणालियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु निर्यात अनुबंधों की बारीकी से निगरानी करेगा।

पृष्ठभूमि

पृष्ठभूमि के रूप में, चावल की बेहद कम घरेलू आपूर्ति की स्थिति के कारण चावल की बढ़ती घरेलू कीमतों के जवाब में और गैर-बासमती सफेद चावल पर निर्यात प्रतिबंध के कारण, निर्यात के दौरान गैर-बासमती चावल को बासमती चावल के तौर पर रखने से संबंधित किसी भी संभावित गलत वर्गीकरण को रोकने के लिए एक अस्थायी उपाय के रूप में अगस्त 2023 में 1,200 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन (एमटी) का एक न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) पेश किया गया था। विभिन्न व्यापार निकायों एवं हितधारकों के अनुरोधों के बाद, सरकार ने अक्टूबर, 2023 में न्यूनतम मूल्य (फ्लोर प्राइस) को तर्कसंगत बनाकर 950 अमेरिकी डॉलर प्रति मीट्रिक टन कर दिया था।

भारत ने ब्राजील के कुइआबा में जी-20 कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर, ब्राजील में भारत के राजदूत सुरेश रेड्डी और संयुक्त सचिव (एनआरएम), कृषि एवं किसान कल्याण विभाग  फ्रैंकलिन एल. खोबंग, ने 12-14 सितंबर, 2024 को ब्राजील के कुइआबा में आयोजित जी-20 कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि सहयोग बढ़ाने और बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए कई वैश्विक साझेदारों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की।

जापान के साथ बैठकें

12 सितंबर को ठाकुर ने जापान के कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन मंत्री सकामोटो से मुलाकात की। उन्होंने कृषि प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज और स्थिरता को मजबूत करने पर चर्चा की। भारत ने भारतीय अनार और अंगूरों को तेजी से मंजूरी देने पर जोर दिया, जबकि जापान ने जापानी देवदार के लिए बाजार पहुंच की मांग की।

ब्राजील के साथ चर्चा

13 सितंबर को, ठाकुर और ब्राजील के कृषि और पशुधन मंत्री, मेजबान कार्लोस फेवरो ने अपने देशों के मजबूत संबंधों पर प्रकाश डाला और इथेनॉल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सहयोग को गहरा करने की योजना बनाई। उनका लक्ष्य जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले आईसीएआर इंडिया और एम्ब्रापा ब्राजील के बीच एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देना था। भारत ने विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच की मांग की, जबकि ब्राजील ने खट्टे फलों के लिए पहुंच का अनुरोध किया।

अमेरिकी भागीदारी

ठाकुर ने यूएसडीए और एमएएंडएफडब्लू संवाद पहलों के प्रति प्रतिबद्धताओं की पुष्टि करने के लिए अमेरिका के कृषि उप सचिव ज़ोचिटल टोरेस स्मॉल से मुलाकात की। उन्होंने जलवायु-स्मार्ट कृषि, नवाचार, उत्पादकता और फसल जोखिम संरक्षण में प्रगति का पता लगाया। अमेरिका ने फसल बीमा विशेषज्ञता साझा करने का वादा किया, जबकि भारत ने फलों और सब्जियों के लिए बाजार पहुंच के मुद्दों पर प्रकाश डाला और अल्फाल्फा घास के चारे के लिए त्वरित पहुंच पर चर्चा की।

जर्मनी के साथ बातचीत

जर्मनी की संसदीय राज्य सचिव ओफेलिया निक के साथ, ठाकुर ने खेती में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, छोटे किसानों के लिए समर्थन, कृषि पारिस्थितिकी और जैविक खेती पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत-जर्मन भागीदारी की समीक्षा की। जर्मनी ने ठाकुर को बर्लिन में खाद्य और कृषि के लिए वैश्विक मंच में आमंत्रित किया।

यूके के साथ सहभागिता

यूके के खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण मामलों के मंत्री डैनियल ज़ीचनर के साथ बैठक में, दोनों देशों ने कृषि को और अधिक टिकाऊ बनाने में रुचि दिखाई। उन्होंने सटीक प्रजनन, जीन संपादन और कृषि विस्तार सेवाओं पर चर्चा की, जिसमें यू.के. भारत के विस्तार मॉडल, विशेष रूप से केवीके और एटीएमए में रुचि रखता है।

स्पेन के साथ सहयोग

ठाकुर और स्पेन के कृषि, मत्स्य पालन और खाद्य मंत्री लुइस प्लानस ने प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, जल-उपयोग दक्षता और जलवायु-लचीला कृषि की खोज की। स्पेन ने डेयरी उत्पादों के लिए पशु चिकित्सा प्रमाणपत्र के भारत के अनुमोदन की सराहना की और विशेष रूप से मांस के लिए स्वच्छता प्रोटोकॉल पर आगे सहयोग की मांग की।

यूएई के साथ चर्चा

यूएई के पर्यावरण और जलवायु मंत्री डॉ. अमना अल दहक के साथ ठाकुर की बैठक में कृषि में व्यापार बढ़ाने और अनुसंधान और प्रौद्योगिकी पर सहयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। यू.ए.ई. ने ऊर्ध्वाधर खेती और उच्च उपज वाली प्रौद्योगिकियों में रुचि दिखाई, जबकि दोनों देशों ने टिकाऊ कृषि और लचीली खाद्य प्रणालियों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आवास पर नवजात बछड़े ‘दीपज्योति’ का स्वागत किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बार फिर से पशु प्रेम देखने को मिला है। नई दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग पर सरकारी आवास में वह उस गाय के बछड़े को चूमते-दुलारते नजर आए, जो कि उनके घर का नया मेहमान बना है। पीएम ने उसका नाम ‘दीपज्योति’ रखा है। एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि माथे पर रोशनी जैसा अनोखा निशान होने के कारण बछड़े का नाम ‘दीपज्योति’ रखा गया, जिसका मतलब है ‘दीपक की रोशनी’।

गायों के प्रति प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह

वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी बछड़े को सहलाते और खेलते हुए दिखाई दे रहे हैं, साथ ही उसके माथे को चूमकर गहरा स्नेह दिखा रहे हैं। बाद में उन्होंने अपने आवास के बगीचे में बछड़े के साथ सैर की। यह प्रधानमंत्री के गायों के प्रति स्नेह का एक और उदाहरण है, क्योंकि इससे पहले उन्हें मकर संक्रांति के दौरान पुंगनूर गायों को चारा खिलाते हुए देखा गया था।

‘दीपज्योति’ नाम का महत्व

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय शास्त्रों में गायों को शुभ और सभी खुशियों का स्रोत माना जाता है। बछड़े के माथे पर प्रकाश जैसा प्रतीक होने के कारण इसका सार्थक नाम ‘दीपज्योति’ रखा गया।

गायों के साथ पीएम मोदी का लगाव

पीएम मोदी द्वारा अपने आवास पर गायों के साथ बातचीत का यह पहला उदाहरण नहीं है। इस साल की शुरुआत में, उन्होंने मकर संक्रांति के दौरान एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने दक्षिण भारत के रायलसीमा क्षेत्र की मूल नस्ल पुंगनूर गायों को खाना खिलाया था। यह नस्ल दुनिया की सबसे छोटी कूबड़ वाली गायों में से एक है।

नाविका सागर परिक्रमा II

भारतीय नौसेना ने नौकायन परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं, जिसमें समुद्री विरासत को संरक्षित करने और नाविक कौशल को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया है। नौकायन प्रशिक्षण जहाजों आईएनएस तरंगिनी और आईएनएस सुदर्शिनी के अग्रणी प्रयासों और आईएनएसवी म्हादेई और तारिणी पर परिक्रमा के जरिए भारतीय नौसेना ने महासागर नौकायन अभियानों में प्रमुख स्थान हासिल किया है।

समुद्री कौशल और साहस की परंपरा को जारी रखते हुए भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी – लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के बहुत जल्द ही आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर दुनिया की परिक्रमा करने के विशेष अभियान – नाविका सागर परिक्रमा II पर रवाना होंगी। दोनों पिछले तीन वर्षों से इस अभियान के लिए खुद को तैयार कर रही हैं।

छह सदस्यीय चालक दल के हिस्से के रूप में इन दोनों अधिकारियों ने पिछले साल गोवा से केप टाउन होते हुए रियो डी जेनेरियो और वापस ट्रांस-ओशनिक अभियान में भाग लिया था। इसके बाद, इन महिला अधिकारियों ने गोवा से विजया पुरम (पहले पोर्ट ब्लेयर) और वापस डबल हैंडेड मोड में नौकायन अभियान चलाया। इसके अलावा, इस वर्ष की शुरुआत में दोनों ने गोवा से मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस तक सफल यात्रा की थी।

आईएनएसवी तारिणी की जलयात्रा

सागर परिक्रमा एक कठिन यात्रा होगी, जिसके लिए अत्यधिक कौशल, शारीरिक तंदुरुस्‍ती और मानसिक सतर्कता की आवश्यकता होगी। ये अधिकारी कठोर प्रशिक्षण ले रहे हैं और उन्होंने हजारों मील यात्रा का अनुभव प्राप्त किया है। उन्हें प्रसिद्ध जलयात्रा चालक और गोल्डन ग्लोब रेस के नायक कमांडर अभिलाष टॉमी (सेवानिवृत्त), केसी, एनएम के मार्गदर्शन में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। आईएनएसवी तारिणी की जलयात्रा भारत के समुद्री नौकायन उद्यम और समुद्री प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो वैश्विक समुद्री गतिविधियों में देश की बढ़ती प्रमुखता और खुले सागर में महिला-पुरुष समानता को प्रदर्शित करेगा।

‘लोगो’ का गर्व से अनावरण

समुद्री तारीख में इस ऐतिहासिक घटना के महत्व को दर्शाते हुए, भारतीय नौसेना ने अभियान के ‘लोगो’ का गर्व से अनावरण किया। इस ‘लोगो’ का अष्टकोणीय आकार भारतीय नौसेना को दर्शाता है, जबकि सूर्य एक खगोलीय पिंड और कम्पास चुनौतीपूर्ण समुद्र में नाविकों का मार्गदर्शन करता है। विशाल समुद्र में अपना रास्ता बनाती पाल वाली नाव यात्रियों की साहस और जीवटता की भावना का प्रतीक है। अभियान का यह पूरा महिला दल महिला-पुरुष समानता और उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

पृष्ठभूमि

नाविका सागर परिक्रमा I: 2017-2018 में पहले अभियान में सभी महिला चालक दल ने 254 दिनों की वैश्विक यात्रा पूरी की, जिसमें 21,600 समुद्री मील की दूरी तय की गई, जो 4 बंदरगाहों और 3 महासागरों से गुज़री, जिसमें नारी शक्ति और भारत की समुद्री शक्ति का प्रदर्शन किया गया।

उपलब्धियाँ: पहले चालक दल को इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को पूरा करने के लिए नारी शक्ति पुरस्कार और नौसेना पदक से सम्मानित किया गया, जो महिला सशक्तिकरण और भारत की “मेक इन इंडिया” पहल का प्रतिनिधित्व करता है।

 

DPIIT स्टार्टअप्स के लिए लॉन्च करेगा BHASKAR प्लेटफॉर्म

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) स्टार्टअप इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत भारत स्टार्टअप नॉलेज एक्सेस रजिस्ट्री (BHASKAR) नामक एक अभूतपूर्व डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप, निवेशकों, सलाहकारों, सेवा प्रदाताओं और सरकारी निकायों जैसे प्रमुख हितधारकों के बीच सहयोग को केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित करके भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। यह नवाचार और उद्यमिता में वैश्विक नेता बनने के भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जो स्टार्टअप आंदोलन के प्रति देश की प्रतिबद्धता को और बढ़ावा देता है।

भास्कर की मुख्य विशेषताएं

नेटवर्किंग और सहयोग

भास्कर स्टार्टअप्स, निवेशकों, सलाहकारों और हितधारकों के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा, जो विभिन्न क्षेत्रों में निर्बाध बातचीत को बढ़ावा देगा।

संसाधनों तक केंद्रीकृत पहुँच

यह प्लेटफ़ॉर्म महत्वपूर्ण उपकरणों और ज्ञान तक तत्काल पहुँच प्रदान करेगा, जिससे स्टार्टअप को तेज़ी से निर्णय लेने और कुशलतापूर्वक स्केल करने में मदद मिलेगी।

व्यक्तिगत पहचान

प्रत्येक हितधारक को एक अद्वितीय BHASKAR ID प्राप्त होगी, जो प्लेटफ़ॉर्म पर व्यक्तिगत अनुभव और कुशल सहयोग सुनिश्चित करेगी।

बेहतर खोज क्षमता

शक्तिशाली खोज सुविधाओं के साथ, उपयोगकर्ता आसानी से प्रासंगिक संसाधन, भागीदार और अवसर पा सकते हैं, जिससे निर्णय लेने में तेज़ी आएगी।

भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को आगे बढ़ाना

भास्कर सहयोग और ज्ञान-साझाकरण के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेगा, जिससे भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। प्रमुख संसाधनों और साझेदारियों तक पहुँच को सुविधाजनक बनाकर, यह प्लेटफ़ॉर्म विकास, रोज़गार सृजन और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। यह उद्यमिता में अग्रणी के रूप में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को भी बढ़ावा देगा, सीमा पार सहयोग को बढ़ावा देगा और भारत को स्टार्टअप और निवेशकों के लिए एक अधिक आकर्षक गंतव्य बनाएगा।

एमी अवॉर्ड्स 2024 के विनर्स की पूरी लिस्ट

75वां प्राइमटाइम एमी अवार्ड्स 16 जनवरी 2024 को लॉस एंजिल्स में आयोजित किया गया। एसएजी-एएफटीआरए हड़ताल की वजह से इस पुरस्कार समारोह को लगभग चार महीने के विलंबन से आयोजित किया गया। अवॉर्ड सेरेमनी का टेलीकास्ट डाउनटाउन लॉस एंजिल्स, कैलिफ़ोर्निया में पीकॉक थिएटर में किया गया। 75वें एमी अवॉर्ड में ‘द बियर’ और ‘सक्सेशन’ ने सर्वाधिक पुरस्कार अपने नाम किए हैं।

इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज 16 श्रेणियों में एमी पुरस्कार प्रदान करता है। नेशनल अकादमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज द्वारा आयोजित एमी का 75वां संस्करण लॉस एंजिल्स के पीकॉक थिएटर में पूरा हुआ। कॉमेडियन और अभिनेता एंथोनी एंडरसन ने शो की मेजबानी की।

लॉस एंजिल्स में हुई इस सेरेमनी में Shogun से लेकर ‘The Bear तक का नाम छाया हुआ है। Jeremy Allen White ने कॉमेडी सीरीज में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड अपने नाम किया है। Anna Sawai को ड्रामा सीरीज में बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। इसी सीरीज के एक्टर Hiroyuki Sanada ने बेस्ट एक्टर की कैटेगरी में बाजी मारी है।

एमी अवार्ड्स 2024 विजेताओं की पूरी सूची

Category Winner
Outstanding Drama Series Shogun
Outstanding Comedy Series Hacks
Outstanding Limited or Anthology Series Baby Reindeer
Lead Actor, Drama Hiroyuki Sanada, Shogun
Lead Actress, Drama Anna Sawai, Shogun
Lead Actor, Comedy Jeremy Allen White, The Bear
Lead Actress, Comedy Jean Smart, Hacks
Lead Actor, Limited Series or Movie Richard Gadd, Baby Reindeer
Lead Actress, Limited Series or Movie Jodie Foster, True Detective: Night Country
Supporting Actor, Drama Billy Crudup, The Morning Show
Supporting Actress, Drama Elizabeth Debicki, The Crown
Supporting Actor, Comedy Ebon Moss-Bachrach, The Bear
Supporting Actress, Comedy Liza Colon-Zayas, The Bear
Supporting Actor, Limited Series or Movie Lamorne Morris, Fargo
Supporting Actress, Limited Series or Movie Jessica Gunning, Baby Reindeer
Outstanding Reality or Competition Program Traitors
Best Scripted Variety Series Last Week Tonight With John Oliver
Outstanding Writing for a Variety Special Alex Edelman, Just for Us
Outstanding Directing for Limited Series or Movie Steven Zaillian, Ripley
Outstanding Writing, Comedy Hacks
Outstanding Talk Show The Daily Show
Outstanding Writing for a Drama Series Will Smith, Slow Horses
Best Writing, Limited Series Richard Gadd, Baby Reindeer
Outstanding Directing for Comedy Series Christopher Storer, The Bear
Best Directing for Drama Series Frederick E. O. Toye, Shogun

 

भारत के लोक सेवा प्रसारक: दूरदर्शन के 65 वर्ष पूरे होने का उत्सव

भारत का लोक सेवा प्रसारक दूरदर्शन इस वर्ष बेहद गर्व के साथ अपनी 65वीं वर्षगांठ मना रहा है। 15 सितंबर 1959 को अपनी स्थापना के बाद से ही दूरदर्शन भारतीय मीडिया का आधार रहा है, जो राष्ट्र की आवाज़ के रूप में सेवा प्रदान करते हुए एकता, संस्कृति और शिक्षा को बढ़ावा देता रहा है। दिल्ली में एक प्रायोगिक प्रसारण के साथ अपनी सादगीपूर्ण शुरुआत से लेकर दूरदर्शन आज दुनिया के सबसे बड़े प्रसारण संगठनों में से एक बन चुका है।

प्रसारण का विकास

यह लोक सेवा प्रसारण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से कायम रखते हुए प्रौद्योगिकी और दर्शकों की सहभागिता में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों का साक्षी रहा है। श्‍वेत-श्‍याम टेलीविज़न के दिनों से लेकर डिजिटल और उपग्रह प्रसारण के वर्तमान युग तक, दूरदर्शन अपने विविध दर्शकों की बदलती रुचियों और पसंद की कसौटी पर खरा उतरने के लिए लगातार खुद को विकसित करता आया है। श्‍वेत-श्‍याम प्रसारण के युग से लेकर अपने नेटवर्क में 35 चैनलों तक, अपने 6 राष्ट्रीय चैनलों, 28 क्षेत्रीय चैनलों और 1 अंतर्राष्ट्रीय चैनल के माध्यम से हर क्षेत्र को उसकी अपनी भाषा में अनुभव प्रदान करते हुए; दूरदर्शन अग्रणी लोक सेवा प्रसारक की प्रतिबद्धता के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए है।

भारतीय समाज पर प्रभाव

बीते 65 वर्षों में, दूरदर्शन ने भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पौराणिक महाकाव्यों “रामायण” और “महाभारत” से लेकर लोकप्रिय “चित्रहार”, “सुरभि” और “हम लोग” सरीखे कुछ बेहद प्रतिष्ठित टेलीविजन कार्यक्रमों का मंच रहा है, जिन्होंने कई पीढ़ियों को परिभाषित किया है। दूरदर्शन ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए स्थान प्रदान किया है, ग्रामीण और शहरी भारत को एक साथ करीब लाया है, और इसने विभिन्न शैक्षिक और सूचनाप्रद कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाई है।

विशेष वर्षगांठ कार्यक्रम

डीडी नेशनल इस उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम “दिल से दूरदर्शन, DD @65” को प्रसारित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह प्रसिद्ध मास्टर जयवीर बंसल और अनिल सिंह, वेंट्रिलोक्विस्ट द्वारा आयोजित एक भव्य कार्यक्रम है, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय जादूगर व मेंटलिस्ट और गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स धारक श्री प्रमोद कुमार जैसे प्रतिष्ठित कलाकार प्रस्‍तुति देंगे। उन्हें अनेक राज्य और राष्ट्रीय स्‍तर के पुरस्कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है। उनके अलावा देश की सबसे कुशल रेत कलाकारों में से एक और आईडीसी, आईआईटी बॉम्बे की पूर्व छात्रा सुश्री मनीषा स्वर्णकार (रेत कलाकार) हैं। वह बीते 13 वर्षों से रेत कला का प्रदर्शन कर रही हैं और भारत की पहली महिला रेत कलाकार हैं। दूरदर्शन की 65वीं वर्षगांठ पर डीडी नेशनल अपने दर्शकों को बेहतरीन प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस कार्यक्रम का प्रसारण 15 सितंबर को सुबह 10 बजे होगा और रात 8 बजे इसका दोबारा प्रसारण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में दूरदर्शन की समृद्ध विरासत का कीर्तिगान किया जाएगा।

नवीनीकृत प्रतिबद्धता

इस महत्वपूर्ण अवसर पर दूरदर्शन भारत के प्रत्येक नागरिक को विश्वसनीय, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करने के अपने मिशन के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। यह प्रसारक समाचार, मनोरंजन और सूचना का एक प्रासंगिक और विश्वसनीय स्रोत बना रहना सुनिश्चित करने के लिए सभी मंचों पर – टेलीविज़न से लेकर मोबाइल फ़ोन तक – दर्शकों तक पहुंच कायम करने के लिए तकनीकी प्रगति को अपनाना जारी रखे हुए है।

 

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम.सिंधिया ने ‘अष्टलक्ष्मी महोत्सव’ वेबसाइट लॉन्च की

केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री (डोनर) ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने बहुप्रतीक्षित अष्टलक्ष्मी महोत्सव के लिए आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। लॉन्च कार्यक्रम संचार भवन, नई दिल्ली में हुआ, जिसने राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर पूर्वोत्तर की विशाल क्षमता को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का अवलोकन

6 से 8 दिसंबर, 2024 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला अष्टलक्ष्मी महोत्सव एक ऐतिहासिक उत्सव होने वाला है। यह महोत्सव आठ पूर्वोत्तर राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा से प्रेरणा लेता है, जिन्हें सामूहिक रूप से “अष्टलक्ष्मी” के रूप में जाना जाता है, जो समृद्धि के आठ रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। वेबसाइट, www.ashtalakshmimahotsav.com, इवेंट अपडेट, शेड्यूल और भागीदारी विवरण के लिए वन-स्टॉप समाधान के रूप में काम करेगी, जिससे देश भर के भागीदारों के लिए सहज जुड़ाव सुनिश्चित होगा।

महोत्सव के उद्देश्य

शुभारंभ के अवसर पर बोलते हुए सिंधिया ने पूर्वोत्तर भारत और देश के बाकी हिस्सों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक अंतर को पाटने में इस आयोजन के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि अष्टलक्ष्मी महोत्सव न केवल पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करेगा, बल्कि आर्थिक विकास के लिए उत्प्रेरक का काम भी करेगा, जिससे क्षेत्र के कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं

  • फैशन और डिजाइन कॉन्क्लेव: इसमें पारंपरिक पूर्वोत्तर परिधानों की एक फैशन शो और क्षेत्रीय वस्त्रों पर प्रकाश डालने वाला एक डिजाइन कॉन्क्लेव शामिल है।
  • कारीगरी शिल्प और जीआई उत्पाद: इसमें मुगा और एरी सिल्क बुनाई का लाइव प्रदर्शन और भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों का प्रदर्शन शामिल है।
  • व्यापार और निवेश के अवसर: इसमें व्यापारिक सहयोग और निवेश को सुविधाजनक बनाने के लिए एक क्रेता-विक्रेता बैठक और एक निवेश गोलमेज सम्मेलन शामिल है।

विकास के लिए मंच

अष्टलक्ष्मी महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्रीय कारीगरों और उद्यमियों को नए व्यावसायिक अवसरों और निवेशों से जुड़ने के लिए एक मंच प्रदान करके दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान करना है।

 

इंडस-एक्स शिखर सम्मेलन का तीसरा संस्करण कैलिफोर्निया में संपन्न हुआ

इंडस-एक्स शिखर सम्मेलन का तीसरा संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका में संपन्न हुआ, जो भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका में संयुक्त रक्षा नवाचार इकोसिस्टम के विकास में हुई प्रगति का प्रतीक है। 9-10 सितंबर 2024 को यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित, यह शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक कार्यक्रम था।

मुख्य परिणाम

इस शिखर सम्मेलन के दौरान, रक्षा नवाचार में सहयोग बढ़ाने और विभिन्न हितधारकों के बीच उद्योग, अनुसंधान एवं निवेश संबंधी साझेदारी को सुविधाजनक बनाने के लिए सहयोग को घनिष्ठ बनाने हेतु आईडेक्स और अमेरिकी रक्षा विभाग के तहत डिफेंस इनोवेशन यूनिट (डीआईयू) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शिखर सम्मेलन के अन्य मुख्य आकर्षणों में इंडस-एक्स के तहत एक नई चुनौती की घोषणा, इंडस-एक्स के प्रभाव रिपोर्ट को जारी करना और आईडेक्स एवं डीआईयू वेबसाइटों पर आधिकारिक इंडस-एक्स वेबपेज का शुभारंभ शामिल था।

तकनीकी प्रदर्शन और विशेषज्ञ संवाद

यह शिखर सम्मेलन स्टार्टअप्स/एमएसएमई द्वारा अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों के संयुक्त प्रदर्शन के लिए एक मंच प्रदान करता है। यह इंडस-एक्स के तहत दो सलाहकार मंचों, वरिष्ठ सलाहकार समूह और वरिष्ठ नेता मंच के माध्यम से महत्वपूर्ण संवाद को भी सक्षम बनाता है। चर्चा में अन्य बातों के अलावा, भविष्य की प्रौद्योगिकी संबंधी रुझानों, स्टार्टअप्स की क्षमता निर्माण, रक्षा नवाचारों के लिए वित्त पोषण के अवसर और रक्षा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर ध्यान केन्द्रित किया गया। दोनों देशों के रक्षा उद्योग, निवेश फर्मों, स्टार्टअप, शिक्षा जगत के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों, विचारकों, उत्प्रेरकों, नीति निर्माताओं आदि ने भाग लिया।

नेतृत्व और प्रतिबद्धता

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संयुक्त सचिव (रक्षा उद्योग संवर्धन) अमित सतीजा ने कहा कि इंडस-एक्स शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण ने नवाचार और रणनीतिक सहयोग के माध्यम से रक्षा प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

इंडस-एक्स पहल का संचालन रक्षा मंत्रालय की ओर से इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडेक्स) एवं संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग (डीओडी) के तहत डिफेंस इनोवेशन यूनिट (डीआईयू) द्वारा किया जा रहा है। जून 2023 में प्रधानमंत्री की संयुक्त राज्य अमेरिका की राजकीय यात्रा के दौरान इंडस-एक्स के शुभारंभ के बाद से, यह पहल बेहद कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने में समर्थ रही है।

DRDO ने किया हल्के टैंक ‘जोरावर’ का सफल परीक्षण

भारतीय लाइट टैंक ‘ज़ोरावर’ का शुरुआती ऑटोमोटिव परीक्षण किया गया है। भारतीय लाइट टैंक के डेवलपमेंटल फील्ड फायरिंग ट्रायल का पहला चरण सफल रहा। फील्ड ट्रायल ने रेगिस्तानी इलाकों में इच्छित उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। टेस्ट के दौरान टैंक ने तय टारगेट पर अपेक्षित सटीकता से निशाना साध। यह टेस्ट रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सफलतापूर्वक किया।

पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए सक्षम

जोरावर टैंक उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे कि पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए सक्षम है। पहाड़ी इलाकों में तैनाती के लिए जोरावर को एक अत्यधिक बहुमुखी प्लेटफॉर्म माना जा रहा है। लेकिन, यह न केवल पहाड़ी इलाकों के लिए एक बेहतरीन टैंक है, बल्कि रेगिस्तानी इलाके में भी इसने अपना प्रभाव दिखाया है। रेगिस्तान में किए गए फील्ड परीक्षणों के दौरान, इस भारतीय लाइट टैंक ने सभी इच्छित उद्देश्यों को कुशलतापूर्वक पूरा किया। यहां ट्रायल के दौरान जोरावर टैंक ने असाधारण प्रदर्शन किया है।

फायरिंग प्रदर्शन का कठोरता से मूल्यांकन

प्रारंभिक चरण में, जोरावर टैंक की फायरिंग प्रदर्शन का कठोरता से मूल्यांकन किया गया है। इस मूल्यांकन के दौरान टैंक ने निर्धारित लक्ष्यों पर सटीकता से प्रहार क‍िया। जोरावर को लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड के सहयोग से डीआरडीओ की एक इकाई, लड़ाकू वाहन अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (सीवीआरडीई) द्वारा सफलतापूर्वक विकसित किया गया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों सहित कई भारतीय उद्योग (एमएसएमई) ने देश के भीतर स्वदेशी रक्षा विनिर्माण क्षमताओं की ताकत का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न उप-प्रणालियों के विकास में योगदान दिया है।

सामरिक महत्व

मंत्रालय ने बताया कि भारतीय सेना 350 से अधिक हल्के टैंक की तैनाती पर विचार कर रही है, जिनमें से अधिकतर को पहाड़ी सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा।

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