जाने-माने भारतीय कवि-गीतकार गुलज़ार के जीवन पर लिखी गई “बोसकीयाना” नई हिंदी पुस्तक राधाकृष्ण प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है। यह पुस्तक उनकी फिल्मों, कविता, दर्शन, जीवन शैली, पसंद और नापसंद के माध्यम से गुलज़ार के जीवन को चित्रित करती है। 228 पृष्ठ वाली पुस्तक को यशवंत व्यास द्वारा संपादित और संकलित किया गया है। “बोसकीयाना” मुंबई में स्थित गुलज़ार के घर का नाम है।
किताब के बारे में:
इस पुस्तक में विस्तृत बातचीत के माध्यम से गुलज़ार के व्यक्तित्व को व्यक्त किया गया है, जिससे उनके विचारों और दुनिया को देखने का पता चलता है। यह पिछले 30 वर्षों से गुलज़ार के सबसे अधिक परिभाषित साक्षात्कार और वार्तालापों का संकलन है। यशवंत व्यास को इसका संकलन करने में 6 साल लगे।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारत ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक…
भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने…
असम राज्य ने अपने चाय बागान समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाते हुए…
उत्तराखंड, जो अपनी पहाड़ियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, ने नागरिक…
एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक…
भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…