केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने सरकार द्वारा संचालित चार फिल्म और मीडिया इकाइयों-फिल्म डिवीजन, फिल्म समारोह निदेशालय, भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार, और बाल फिल्म सोसायटी का विलय राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (National Film Development Corporation) के साथ करने की मंजूरी दे दी है।
फिल्म मीडिया इकाइयों के एक निगम के अंतर्गत विलय से कार्यों और साधनों में एकरूपता आएगी तथा बेहतर समन्वय स्थापित होगा जिससे प्रत्येक मीडिया इकाई द्वाराआदेश पत्र हासिल करने में एकरूपता और कुशलता सुनिश्चित हो सकेगी। इससे कार्यों का दोहराव कम करने में मदद मिलेगी और खजाने की सीधे तौर पर बचत होगी।
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फिल्म्स डिवीजन के बारे में:
चार इकाइयों में से सबसे पुराने फिल्म डिवीजन की स्थापना 1948 में मुख्य रूप से सरकारी कार्यक्रमों और भारतीय इतिहास के चलचित्र संबंधी रिकॉर्ड के प्रचार के लिए वृत्तचित्र और न्यूज मैगजीन बनाने के लिए की गई थी।
भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार के बारे में:
भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार की स्थापना 1964 में मीडिया इकाई के रूप में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा से जुड़ीधरोहर को प्राप्त करना और उसे संरक्षित करना है।
फिल्म समारोह निदेशालय के बारे में:
फिल्म समारोह निदेशालय की स्थापनाभारतीय फिल्मों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए 1973 में की गई थी।
बाल फिल्म सोसायटी के बारे में:
एक स्वायत्तशासी संगठन, भारतीय बाल फिल्म सोसायटी की स्थापना सोसायटी कानून के अंतर्गत 1955 में की गई थी। इसका विशेष उद्देश्य फिल्मों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को मूल्य आधारित मनोरंजन प्रदान करना है।




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