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NSO ने नए MCP सर्वर के साथ सरकारी डेटा को AI के लिए तैयार किया

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने एक बड़ी डिजिटल पहल करते हुए eSankhyiki पोर्टल के लिए मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (MCP) सर्वर का बीटा संस्करण लॉन्च किया है। 06 फरवरी 2026 को घोषित इस पहल का उद्देश्य सरकारी आंकड़ों को AI-रेडी बनाना है। नई प्रणाली उपयोगकर्ताओं को भारी फाइलें डाउनलोड किए बिना, अपने AI टूल्स और एप्लिकेशन से आधिकारिक डेटासेट को सीधे जोड़ने की सुविधा देती है। यह पहल डेटा की पहुंच को बेहतर बनाने, विश्लेषण की गति बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है।

MCP सर्वर क्या है

  • MCP सर्वर एक नया तकनीकी ढांचा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के जरिए डेटासेट से सीधे प्रश्न (क्वेरी) करने की सुविधा देता है।
    अब उपयोगकर्ताओं को स्प्रेडशीट या PDF फाइलें मैन्युअली डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक ही डिजिटल कनेक्शन के माध्यम से लाइव सरकारी डेटा तक पहुंच संभव होगी।
    शोधकर्ताओं, विश्लेषकों, स्टार्टअप्स और नीति-निर्माताओं के लिए इसका मतलब है कि डेटा संभालने में कम समय लगेगा और इनसाइट्स निकालने पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा।
    आधिकारिक आंकड़ों को AI सिस्टम के अनुकूल बनाकर, NSO सार्वजनिक डेटा के उपयोग और उपभोग के तरीके को आधुनिक बना रहा है।

आधिकारिक सांख्यिकी में eSankhyiki पोर्टल की भूमिका

  • eSankhyiki पोर्टल भारत का राष्ट्रीय आधिकारिक सांख्यिकी मंच है।
  • इसे सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा प्रबंधित किया जाता है और इसमें प्रमाणित आर्थिक व सामाजिक डेटा उपलब्ध कराया जाता है।
  • MCP सर्वर के लॉन्च के साथ, eSankhyiki अब केवल डेटा संग्रहण पोर्टल न रहकर AI-एकीकृत डेटा सेवा में बदल गया है।
  • इस उन्नयन से नागरिकों, व्यवसायों और सरकारी विभागों सभी के लिए डेटा की पहुंच और उपयोग आसान हो गया है।

MCP सर्वर के बीटा संस्करण में शामिल डेटासेट

  • MCP सर्वर के वर्तमान बीटा संस्करण में सात प्रमुख डेटासेट शामिल किए गए हैं, जिनका उपयोग परीक्षाओं और नीति-निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है।
  • इनमें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI), वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण (ASI), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP), राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी (NAS), थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और पर्यावरणीय सांख्यिकी शामिल हैं।
  • ये डेटासेट रोजगार, महंगाई, औद्योगिक उत्पादन, GDP और सतत विकास संकेतकों को कवर करते हैं। आगे चलकर फीडबैक और तकनीकी तैयारी के आधार पर eSankhyiki पोर्टल के और भी डेटासेट जोड़े जाएंगे।

MCP सर्वर से उपयोगकर्ताओं को कैसे लाभ होगा

  • MCP सर्वर उपयोगकर्ताओं को रिपोर्ट ऑटोमेट करने, डैशबोर्ड में आधिकारिक डेटा को एकीकृत करने और एक ही इंटरफेस से कई डेटासेट तक पहुंचने की सुविधा देता है।
  • नीति-निर्माताओं के लिए यह रियल-टाइम और डेटा-आधारित निर्णय लेने में मददगार होगा।
  • व्यवसाय बाजार योजना के लिए अपडेटेड आंकड़ों का उपयोग कर सकेंगे, जबकि शोधकर्ता बिना मैन्युअल डेटा तैयारी के AI-आधारित विश्लेषण कर पाएंगे।
  • यह पहल डेटा बाधाओं को कम करती है और सरकारी आंकड़ों को तकनीक-अज्ञेय (technology-agnostic) बनाती है, ताकि वे पहले से इस्तेमाल हो रहे टूल्स में आसानी से फिट हो सकें।

विकसित भारत और AI इम्पैक्ट समिट से संबंध

  • MCP सर्वर ‘विकसित भारत’ के लिए डिजिटल डेटा अवसंरचना तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • 15–20 फरवरी 2026 को होने वाले AI इम्पैक्ट समिट से पहले इसका लॉन्च, AI गवर्नेंस के प्रति भारत के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
  • यह पहल डेमोक्रेटाइजिंग AI पर केंद्रित वर्किंग ग्रुप-6 के अनुरूप है, जिसकी अध्यक्षता डॉ. सौरभ गर्ग कर रहे हैं और जिसका उद्देश्य ओपन डेटा प्रणालियों के माध्यम से AI को अधिक सुलभ और समावेशी बनाना है।

NSO और भारत में डेटा नवाचार

  • राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय भारत में आधिकारिक आंकड़ों के संग्रह, संकलन और प्रकाशन के लिए जिम्मेदार है।
  • हाल के वर्षों में NSO ने डेटा नवाचार, ओपन एक्सेस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विशेष ध्यान दिया है।
  • eSankhyiki और अब MCP सर्वर जैसी पहलें स्थिर डेटा वितरण से हटकर इंटरएक्टिव, AI-सक्षम डेटा इकोसिस्टम की ओर बदलाव को दर्शाती हैं, जो पारदर्शिता और सहभागी शासन को मजबूत करती हैं।
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