भारत के आयकर विभाग ने ‘कर साथी’ नाम से एक नया प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है। इसे टैक्स फ़ाइल करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और यूज़र अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पहल के तहत एक AI-पावर्ड असिस्टेंट पेश किया गया है, जो टैक्स देने वालों को 24*7 मार्गदर्शन देता है। जैसे-जैसे भारत आने वाले आयकर अधिनियम, 2025 के तहत एक आधुनिक टैक्स प्रणाली की ओर बढ़ रहा है, यह प्लेटफ़ॉर्म देश भर में लाखों यूज़र्स के लिए टैक्स नियमों का पालन करना आसान, तेज़ और ज़्यादा सुलभ बनाने का लक्ष्य रखता है।
‘कर साथी’ क्या है?
- ‘कर साथी’ प्लेटफॉर्म मूल रूप से डायरेक्ट टैक्स से जुड़ी सभी सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल समाधान है। यह जानकारी, टूल्स और सहायता को एक ही यूज़र-फ्रेंडली इंटरफ़ेस में जोड़ता है।
- यह प्लेटफ़ॉर्म एक AI-संचालित चैटबॉट सहायक, कर संसाधनों के लिए एक केंद्रीय केंद्र और फ़ाइलिंग तथा अनुपालन के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है।
- यह पहल कराधान प्रणाली को सरल, अधिक पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को प्रदर्शित करती है।
CBDT और PRARAMBH पहल की भूमिका
‘कर साथी’ की शुरुआत एक व्यापक सुधार एजेंडा का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) कर रहा है।
CBDT के चेयरमैन रवि अग्रवाल ने ‘प्रारंभ’ (PRARAMBH) के शुभारंभ के दौरान इस पहल पर प्रकाश डाला। ‘प्रारंभ’ एक आउटरीच कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य नई कर व्यवस्था में सुचारू रूप से बदलाव सुनिश्चित करना है।
‘प्रारंभ’ (मिशन विकसित भारत के लिए नीति सुधार और जिम्मेदार कार्रवाई) मुख्य रूप से इन बातों पर केंद्रित है:
- कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना
- कर प्रशासन में डिजिटल माध्यमों को अपनाने को बढ़ावा देना
- और करदाताओं के बीच जागरूकता और अनुपालन को बढ़ाना
नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत सरलीकरण
सुधार प्रक्रिया की मुख्य बात इसकी जटिलता में की गई भारी कमी है।
मुख्य बदलावों में शामिल हैं:
- नियमों की संख्या 510 से घटाकर 333 कर दी गई।
- फॉर्मों की संख्या 399 से घटाकर 190 कर दी गई।
- इसके अतिरिक्त, 6 करोड़ से अधिक लेन-देनों के लिए अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को समाप्त किए जाने की उम्मीद है।
इस सरलीकरण से कागज़ी कार्यवाही में कमी आने के साथ-साथ कर अनुपालन को लेकर होने वाली भ्रांतियों के भी कम होने की आशा है।
‘कर साथी’ से टैक्सपेयर्स को कैसे फ़ायदा होता है
- यह प्लेटफ़ॉर्म टैक्सपेयर्स के यूज़र अनुभव को कई तरीकों से सीधे बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- AI गाइडेंस उपलब्ध होने के कारण, यूज़र्स को अब अपनी बेसिक सवालों के लिए टैक्स कंसल्टेंट्स से बार-बार मदद लेने की ज़रूरत नहीं पड़ सकती है।
- साथ ही, रियल-टाइम मदद से गलतियाँ कम करने में मदद मिलेगी, टैक्स नियमों की समझ बेहतर होगी और फ़ाइलिंग की प्रक्रिया तेज़ होगी।
- यह प्लेटफ़ॉर्म पहली बार टैक्स भरने वालों, दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों और छोटे बिज़नेस मालिकों के लिए भी टैक्स सेवाओं को आसान बनाता है।
करदाताओं को कैसे मिलेगी सहूलियत?
इनकम टैक्स विभाग की यह नई वेबसाइट करदाताओं की सहूलियत की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव है। एआई असिस्टेंट ‘कर साथी’ की मदद से 24 घंटे मिलने वाली सहायता और स्मार्ट नेविगेशन न केवल आम जनता के लिए टैक्स अनुपालन को आसान बनाएंगे।


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