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जन विश्वास संशोधन विधेयक 2026 पारित: 784 प्रावधानों में बड़ा बदलाव

लोकसभा ने 1 अप्रैल, 2026 को जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। यह विधेयक कुछ अधिनियमों में संशोधन करके अपराधों को निर्दिष्ट श्रेणी से निकालने और तर्कसंगत बनाने का प्रयास करता है। इसे जीवन तथा व्यापार में सुगमता लाने के लिए विश्वास आधारित शासन को और मजबूत करने के उद्देश्य से लाया गया है।

विधेयक में छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और जुर्माने तथा दंड को अपराध के अनुपात में संशोधित करने के उपाय शामिल हैं। इसमें 23 मंत्रालयों द्वारा प्रशासित 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन का प्रस्ताव है। कुल 784 प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित है। इनमें 717 प्रावधानों को व्यापार में सुगमता लाने और 67 प्रावधानों को जीवन में सुगमता लाने के लिए इस संशोधन में प्रस्‍तावित किया गया है।

जन विश्वास संशोधन विधेयक 2026

जन विश्वास विधेयक 2026 लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो गया, और इसके साथ ही यह एक महत्वपूर्ण विधायी सुधार का प्रतीक बन गया है।

इस विधेयक पर हुई बहस के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह विधेयक:

  • व्यक्तियों और व्यवसायों पर कानूनी बोझ को कम करेगा
  • MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) और नए उद्यमियों को भी सहायता प्रदान करेगा
  • भारत के विनियामक वातावरण में सुधार लाएगा

यह विधेयक सरकार की ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ (Minimum Government, Maximum Governance) की व्यापक पहल का भी एक हिस्सा है।

यह बिल क्या बदलाव लाता है?

इस सुधार का असर काफी अहम है और यह कई मंत्रालयों और कानूनों को कवर करेगा।

मुख्य बातें ये हैं:

  • अलग-अलग बिलों के 784 प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा
  • कुल 79 केंद्रीय कानून इसमें शामिल हैं
  • इसके तहत 23 मंत्रालय आते हैं
  • लगभग 717 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटाया जाएगा
  • सरलीकरण के लिए 67 प्रावधानों में संशोधन किया गया है
  • 1,000 से ज़्यादा अपराधों को तर्कसंगत बनाया जाएगा

अपराध-मुक्ति पर ज़ोर: इसका क्या मतलब है?

यह बिल छोटे और तकनीकी अपराधों के लिए आपराधिक दंडों को समाप्त करता है, और इसके स्थान पर निम्नलिखित को लागू करेगा:

  • आर्थिक दंड
  • दीवानी दायित्व

अपराध-मुक्त करना इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि अनावश्यक आपराधिक मुकदमों को रोका जा सके और साथ ही अदालतों तथा न्यायपालिका पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके। इसके अलावा, यह व्यवसायों को बिना किसी डर के नियमों का पालन करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

इससे विशेष रूप से छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को लाभ मिलेगा, जिन्हें अक्सर जटिल कानूनी आवश्यकताओं का पालन करने में संघर्ष करना पड़ता है।

‘जन विश्वास पहल’ क्या है?

‘जन विश्वास पहल’ का मुख्य उद्देश्य विश्वास-आधारित शासन व्यवस्था का निर्माण करना, अत्यधिक नियमों-कानूनों को कम करना और लोगों के जीवन तथा व्यापार करने में सुगमता को बढ़ावा देना है।

इसका कार्यान्वयन भारत के उन व्यापक सुधारों के अनुरूप है, जिनका लक्ष्य वैश्विक व्यापार रैंकिंग और निवेश के माहौल में सुधार लाना है।

 

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