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देवेंद्र फडणवीस ने पहले मुंबई क्लाइमेट वीक का भव्य शुभारंभ किया

मुंबई ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बांद्रा स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में पहले मुंबई क्लाइमेट वीक का उद्घाटन किया। यह तीन दिवसीय वैश्विक सम्मेलन जलवायु चर्चा को व्यावहारिक और क्रियान्वित किए जा सकने वाले समाधानों की दिशा में ले जाने का उद्देश्य रखता है।

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रोजेक्ट मुंबई ने महाराष्ट्र सरकार के साथ साझेदारी में और बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के समर्थन से किया है। सम्मेलन में वैश्विक, राष्ट्रीय और स्थानीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। फोकस विशेष रूप से ग्लोबल साउथ की चुनौतियों, शहरी लचीलापन, नवीकरणीय ऊर्जा और समावेशी जलवायु परिवर्तन रणनीतियों पर है।

मुंबई क्लाइमेट वीक – कार्यक्रम का अवलोकन एवं उद्देश्य

  • अवधि: तीन दिवसीय सम्मेलन (समापन 19 फरवरी 2026)
  • आयोजक: प्रोजेक्ट मुंबई
  • साझेदार: महाराष्ट्र सरकार, बीएमसी
  • मुख्य विषय: क्रियान्वित किए जा सकने वाले जलवायु समाधान
  • विशेष फोकस: ग्लोबल साउथ की चुनौतियाँ

यह कार्यक्रम नीति संवाद के साथ-साथ मुंबई भर में सामुदायिक और कैंपस आधारित गतिविधियों को भी शामिल करता है।

पीएम कुसुम के तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि:

  • महाराष्ट्र के लिए 1 लाख अतिरिक्त सोलर पंप दिए जाएंगे
  • यह योजना PM Kusum Scheme के तहत लागू होगी
  • इससे कृषि क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी

उन्होंने कहा कि भारत ने आर्थिक विकास को उत्सर्जन से अलग करने में प्रगति की है और पिछले दशक में उत्सर्जन तीव्रता में कमी आई है।

महाराष्ट्र की जलवायु रणनीति पर फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बढ़ती हीटवेव, असमय वर्षा और जलवायु संबंधी चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने शासन-आधारित जलवायु प्रतिक्रिया की आवश्यकता पर जोर दिया और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संतुलन की प्रतिबद्धता दोहराई।

गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति और शहरव्यापी भागीदारी

उद्घाटन समारोह में कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रह्लाद जोशी
  • पंकजा मुंडे
  • मुंबई की मेयर रितु तावड़े
  • एमएमआरडीए आयुक्त संजय मुखर्जी

कार्यक्रम केवल कन्वेंशन सेंटर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक और सांस्कृतिक स्थलों तक भी विस्तारित किया गया है, जिससे पूरे शहर में जलवायु जागरूकता को बढ़ावा मिल रहा है।

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