Johannes Høsflot Klæbo ने 15 फरवरी 2026 को Milano Cortina 2026 Winter Olympics में पुरुषों की 4×7.5 किमी रिले स्पर्धा में नॉर्वे को स्वर्ण पदक दिलाते हुए अपना रिकॉर्ड नौवाँ शीतकालीन ओलंपिक पदक जीता। 29 वर्षीय नॉर्वेजियन स्टार इस जीत के साथ शीतकालीन ओलंपिक इतिहास के सबसे सफल (सबसे अधिक पदक जीतने वाले) खिलाड़ी बन गए। इटली के टेसरो में आयोजित रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे ने फ्रांस और इटली को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। क्लेबो ने इस ऐतिहासिक जीत को ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ने और अपनी टीम के साथ जश्न मनाने का “परफेक्ट तरीका” बताया।
Johannes Høsflot Klæbo का 9वाँ शीतकालीन ओलंपिक पदक
Milano Cortina 2026 Winter Olympics में जोहान्स क्लेबो ने अपना नौवाँ शीतकालीन ओलंपिक पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि तब मिली जब नॉर्वे ने पुरुषों की 4×7.5 किमी रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ क्लेबो ने सभी पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए शीतकालीन ओलंपिक इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया। मिलानो-कोर्तिना 2026 में ही वे अब तक चार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, जो क्रॉस-कंट्री स्कीइंग में उनकी अद्भुत निरंतरता को दर्शाता है। उनका नौवाँ पदक केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि वैश्विक खेल मंच पर नॉर्वे के लिए गर्व का क्षण भी है।
पुरुषों की 4×7.5 किमी रिले में नॉर्वे का स्वर्ण: पूरी रेस का विवरण
- नॉर्वे की टीम—जोहान्स क्लेबो, एमिल इवर्सेन, मार्टिन लोवस्ट्रोएम नयेनगेट और एइनार हेडेगार्ट—ने शानदार सामूहिक प्रदर्शन करते हुए 1 घंटा 4 मिनट 24.5 सेकंड में रेस पूरी की। नॉर्वे ने रजत पदक विजेता फ्रांस को 22.2 सेकंड से पीछे छोड़ा, जबकि इटली 47.9 सेकंड पीछे रहकर कांस्य पदक पर रहा।
- यह स्वर्ण इसलिए भी खास था क्योंकि पिछले बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक में नॉर्वे को इसी स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। क्लेबो ने कहा कि रिले जीतना नॉर्वेजियन स्कीयरों के लिए लगभग “जिम्मेदारी” जैसा है, जो देश की मजबूत क्रॉस-कंट्री परंपरा को दर्शाता है।
बीजिंग रजत के बाद क्लेबो की दमदार वापसी
- क्लेबो ने मिलानो-कोर्तिना 2026 की इस रिले जीत को भावनात्मक और अविस्मरणीय बताया। बीजिंग में रजत पदक के बाद टीम निराश थी, लेकिन इस बार उन्होंने शानदार वापसी करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।
- उनका नौवाँ शीतकालीन ओलंपिक पदक दृढ़ संकल्प और लचीलापन (resilience) का प्रतीक है। क्लेबो ने कहा कि टीम के साथ मिलकर ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ना इस क्षण को और भी विशेष बना देता है। यह जीत शीतकालीन ओलंपिक खेलों में क्रॉस-कंट्री स्कीइंग पर नॉर्वे के वर्चस्व को और मजबूत करती है।
क्या 9 पदकों के बाद भी रुकेंगे नहीं क्लेबो?
- क्लेबो का सफर यहीं थमने वाला नहीं लगता। वे आगामी पुरुष टीम स्प्रिंट और 50 किमी क्लासिक रेस में भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। यदि वे इन स्पर्धाओं में भी स्वर्ण जीतते हैं, तो उनका ओलंपिक रिकॉर्ड और मजबूत हो सकता है।
- क्लेबो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके पास सर्वोच्च स्तर पर फिर से प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा बची है। रिले स्वर्ण ने उनका आत्मविश्वास और बढ़ा दिया है। अब खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों की नजर इस पर टिकी है कि क्या जोहान्स क्लेबो अपने शीतकालीन ओलंपिक पदकों की संख्या को और आगे बढ़ा पाएंगे।


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