अदानी पावर ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश करते हुए एक नई सहायक कंपनी Adani Atomic Energy Ltd के गठन की घोषणा की है। यह कदम भारत के निजी बिजली उत्पादकों द्वारा हाल ही में खोले गए परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश की दिशा में एक बड़ा और स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
कंपनी के अनुसार, नई इकाई का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा स्रोतों से बिजली का उत्पादन, संचरण (Transmission) और वितरण (Distribution) करना होगा। हालांकि, अभी तक परियोजनाओं की समयसीमा या संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
नीतिगत बदलाव: परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी को अनुमति
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब भारत सरकार परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस नीति परिवर्तन के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- बढ़ती बिजली मांग को पूरा करना
- कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना
- स्वच्छ ऊर्जा क्षमता का विस्तार करना
- दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना
भारत ने आने वाले दशकों में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो देश की व्यापक ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) रणनीति का हिस्सा है।
भारत में वर्तमान परमाणु ऊर्जा परिदृश्य
वर्तमान में भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन मुख्य रूप से न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) के नियंत्रण में है, जो एक सरकारी उपक्रम है।
- कुल स्थापित परमाणु क्षमता: लगभग 8.8 गीगावाट (GW)
- सभी संचालित परमाणु संयंत्र NPCIL के स्वामित्व और प्रबंधन में हैं
निजी क्षेत्र के लिए इस क्षेत्र का खुलना भारत की ऊर्जा नीति में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है।
निजी कंपनियों की बढ़ती रुचि
अदानी पावर की घोषणा से पहले टाटा पावर के नेतृत्व ने भी संकेत दिया था कि कंपनी संभावित परमाणु परियोजनाओं के लिए स्थानों का मूल्यांकन कर रही है।
बड़ी निजी कंपनियों के प्रवेश से निम्न क्षेत्रों में तेजी आ सकती है:
- नई तकनीकों का अपनाना
- बुनियादी ढांचे का विकास
- निवेश में वृद्धि
- उत्पादन क्षमता का विस्तार
रणनीतिक महत्व
परमाणु ऊर्जा को एक स्थिर और कम-कार्बन बेसलोड पावर स्रोत माना जाता है। जब भारत सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार कर रहा है, तब परमाणु ऊर्जा निरंतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकती है और ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में सहायक होती है।
Adani Atomic Energy Ltd का गठन इस बात का संकेत है कि निजी कंपनियां भारत के उभरते स्वच्छ ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र में बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रही हैं।
परीक्षा उन्मुख बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
प्रश्न 1. अदानी पावर ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्रवेश के लिए किस सहायक कंपनी का गठन किया है?
(a) Adani Nuclear Systems Ltd
(b) Adani Atomic Energy Ltd
(c) Adani Clean Energy Ltd
(d) Adani Uranium Power Ltd
(e) Adani Energy Infrastructure Ltd
सही उत्तर: (b) Adani Atomic Energy Ltd
प्रश्न 2. अदानी पावर का यह कदम भारत सरकार के किस निर्णय के बाद सामने आया?
(a) सभी परमाणु संयंत्रों का निजीकरण
(b) परमाणु सुविधाओं को बंद करना
(c) परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना
(d) परमाणु और ताप विद्युत संयंत्रों का विलय
(e) कोयला आधारित उत्पादन बढ़ाना
सही उत्तर: (c) परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलना
प्रश्न 3. वर्तमान में भारत के परिचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का स्वामित्व और संचालन किसके पास है?
(a) NTPC Limited
(b) Power Grid Corporation of India
(c) Nuclear Power Corporation of India Limited
(d) Tata Power
(e) Ministry of Power
सही उत्तर: (c) Nuclear Power Corporation of India Limited
प्रश्न 4. भारत की वर्तमान कुल स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता लगभग कितनी है?
(a) 5.5 GW
(b) 6.8 GW
(c) 7.5 GW
(d) 8.8 GW
(e) 10.2 GW
सही उत्तर: (d) 8.8 GW
प्रश्न 5. भारत में परमाणु ऊर्जा क्षमता बढ़ाने का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
(a) कोयला आयात बढ़ाना
(b) बिजली मांग कम करना
(c) कार्बन उत्सर्जन कम करना और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को समर्थन देना
(d) जलविद्युत को बदलना
(e) डीजल आधारित उत्पादन को बढ़ावा देना
सही उत्तर: (c) कार्बन उत्सर्जन कम करना और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को समर्थन देना


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