भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने फरवरी 2026 में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA) के उल्लंघन के मामले में वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड (OCL) पर ₹18.76 लाख का कंपाउंडिंग शुल्क लगाया। वन 97 कम्युनिकेशंस, पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड की मूल (पैरेंट) कंपनी है। यह दंड उसकी एक सहायक कंपनी से जुड़े विदेशी निवेश लेन-देन में हुई अनियमितताओं से संबंधित है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा और निवेश नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने पर RBI के निरंतर फोकस को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि: FEMA और RBI की नियामक भूमिका
1999 में लागू FEMA भारत में विदेशी मुद्रा लेन-देन और सीमा-पार निवेशों को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य बाह्य व्यापार को सुगम बनाना और विदेशी मुद्रा बाजार का सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। RBI FEMA के प्रावधानों को लागू करने वाली प्रमुख प्राधिकरण है, जो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह की निगरानी करती है।
FEMA के तहत उल्लंघनों का कंपाउंडिंग तंत्र मौजूद है, जिसके अंतर्गत संस्थाएं स्वेच्छा से उल्लंघन स्वीकार कर निर्धारित शुल्क का भुगतान कर सकती हैं। कंपाउंडिंग के बाद उस मामले में आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होती।
कंपाउंडिंग आदेश का विवरण
RBI के आदेश के अनुसार, उल्लंघन मार्च 2016 से जून 2017 की अवधि में किए गए विदेशी निवेश लेन-देन से जुड़ा है। इस दौरान:
- लिटिल इंटरनेट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग ₹33 करोड़ का निवेश लिटिल इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड (LIPL) में किया, जो वन 97 कम्युनिकेशंस से संबद्ध एक सहायक कंपनी है।
- यह लेन-देन FEMA अधिसूचना संख्या 120/RB-2004 के विनियम 5(1) तथा विनियम 13 के प्रावधानों के उल्लंघन में पाया गया, जो कुछ विदेशी निवेश मानदंडों को नियंत्रित करते हैं।
- मामले की जांच के बाद RBI ने वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड पर ₹18.76 लाख का कंपाउंडिंग शुल्क लगाया।
प्रकटीकरण और अनुपालन
वन 97 कम्युनिकेशंस ने इस कंपाउंडिंग आदेश का खुलासा SEBI (लिस्टिंग दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएं) विनियम, 2015 के विनियम 30 के तहत किया। यह विनियम सूचीबद्ध कंपनियों को निवेशकों की पारदर्शिता के लिए महत्वपूर्ण घटनाओं का समय पर प्रकटीकरण अनिवार्य करता है।
कंपनी ने कंपाउंडिंग का विकल्प चुना, जो FEMA के अंतर्गत स्वैच्छिक निपटान प्रक्रिया है। निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के साथ ही यह मामला निपट गया और इस विशेष उल्लंघन पर आगे कोई प्रवर्तन कार्रवाई नहीं की जाएगी।
अन्य संबंधित घटनाक्रम
- इस मामले के अतिरिक्त, RBI ने वन 97 कम्युनिकेशंस की एक अन्य सहायक कंपनी Nearby India Private Limited से जुड़े FEMA उल्लंघन को भी कंपाउंड किया। इस पर वित्त वर्ष 2025–26 (FY26) की तीसरी तिमाही (Q3) में ₹4.28 लाख का कंपाउंडिंग शुल्क लगाया गया।
- ये कार्रवाइयां डिजिटल भुगतान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सक्रिय कॉरपोरेट समूहों के विदेशी निवेश लेन-देन पर बढ़ती नियामक निगरानी को दर्शाती हैं।
RBI की कार्रवाई का महत्व
- RBI का यह निर्णय FEMA अनुपालन के महत्व को रेखांकित करता है, विशेष रूप से सीमा-पार निवेश और सहायक कंपनियों से जुड़े मामलों में। जटिल कॉरपोरेट संरचनाओं और अंतरराष्ट्रीय संचालन वाली बड़ी टेक और फिनटेक कंपनियों के लिए विदेशी मुद्रा नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है।
- ऐसी प्रवर्तन कार्रवाइयां सूचीबद्ध कंपनियों को मजबूत अनुपालन प्रणालियां बनाए रखने और SEBI मानदंडों के तहत समय पर प्रकटीकरण सुनिश्चित करने की याद दिलाती हैं।


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