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भारत ने दुबई में गल्फूड 2026 में पार्टनर देश के तौर पर ऐतिहासिक शुरुआत की

वैश्विक कृषि-व्यापार के क्षेत्र में भारत ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। दुबई में आयोजित गुलफूड 2026 में भारत पहली बार पार्टनर कंट्री (साझेदार देश) के रूप में भाग ले रहा है। यह उपलब्धि इस प्रदर्शनी के 31 वर्षों के इतिहास में पहली बार हुई है। यह कदम वैश्विक खाद्य एवं पेय बाजार में भारत की बढ़ती उपस्थिति और खाड़ी क्षेत्र के साथ गहराते आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।

क्यों चर्चा में है?

भारत गुलफूड 2026—दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक खाद्य एवं पेय सोर्सिंग इवेंट—में पार्टनर कंट्री के रूप में भाग ले रहा है। यह प्रदर्शनी की शुरुआत के बाद भारत की पहली साझेदार भूमिका है।

गुलफूड 2026 में भारत की भागीदारी

भारत की भागीदारी का नेतृत्व कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) कर रहा है, जो वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।

गुलफूड 2026 पहली बार दो स्थानों पर आयोजित हो रहा है:

  • दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
  • दुबई एग्ज़ीबिशन सेंटर, एक्सपो सिटी दुबई

1,434 वर्ग मीटर में फैला भारतीय पवेलियन भारत की कृषि विविधता और निर्यात क्षमता को प्रदर्शित करता है।

भारतीय पवेलियन का उद्घाटन अविनाश जोशी, सचिव, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने दीपक मित्तल, भारत के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में राजदूत की उपस्थिति में किया।

यह पहल भारत को एक विश्वसनीय वैश्विक खाद्य आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने की मजबूत संस्थागत कोशिश को दर्शाती है।

भारतीय राज्यों और क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी

  • भारतीय पवेलियन में भारत के कृषि-खाद्य पारिस्थितिकी तंत्र का व्यापक और समावेशी प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है।
  • 25 भारतीय राज्यों और क्षेत्रों से 161 प्रदर्शक इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।

इनमें शामिल हैं:

  • निर्यातक
  • किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
  • सहकारी संस्थाएँ
  • स्टार्टअप
  • राज्य सरकार की एजेंसियाँ
  • राष्ट्रीय संस्थान

यह विविधता ताज़ा कृषि उत्पादों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, अनाज, मसालों और मूल्य-वर्धित उत्पादों में भारत की ताकत को दर्शाती है।

यह मंच छोटे उत्पादकों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं तक पहुँच प्रदान करता है।

FIEO की भूमिका और प्रमुख निर्यात पर फोकस

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस (FIEO) भी गुलफूड 2026 में भाग ले रहा है।

इस आयोजन में FIEO के 11 प्रदर्शक शामिल हैं।

मुख्य फोकस बासमती चावल और अन्य अनाज उत्पादों पर है, जो भारत के प्रमुख निर्यात वस्तुएँ हैं।

भारतीय कंपनियाँ इस मंच का उपयोग:

  • दीर्घकालिक निर्यात अनुबंध तलाशने,
  • ब्रांड पहचान बढ़ाने,
  • और पश्चिम एशिया, अफ्रीका एवं यूरोप में नए बाज़ार खोजने के लिए कर रही हैं।

इससे भारत की स्थिति एक प्रमुख खाद्य निर्यातक राष्ट्र के रूप में और सुदृढ़ होती है।

खाद्य प्रसंस्करण और निवेश को बढ़ावा

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल गुलफूड 2026 का दौरा कर रहा है।

मंत्रालय, इन्वेस्ट इंडिया के साथ मिलकर निम्न क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर रहा है:

  • खाद्य प्रसंस्करण
  • कोल्ड चेन
  • लॉजिस्टिक्स
  • संबद्ध कृषि अवसंरचना

उद्देश्य भारत के तेज़ी से बढ़ते खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वैश्विक निवेश आकर्षित करना है।

यह पहल खाद्य अपव्यय को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप है।

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