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MSDE ने व्यावसायिक शिक्षा और कौशल को बढ़ावा देने के लिए WEF के साथ ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए

भारत ने भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कौशल विकास में वैश्विक सहयोग को मजबूत करते हुए, भारत ने व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को उद्योग तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाने की पहल की है। इस पहल का उद्देश्य रोजगार-योग्यता बढ़ाना, आजीवन सीखने (lifelong learning) को बढ़ावा देना और भारत को कुशल मानव संसाधन का वैश्विक केंद्र बनाना है।

क्यों खबर में?

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत India Skills Accelerator की शुरुआत की गई है, जिसका लक्ष्य व्यावसायिक शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास में गहरा वैश्विक सहयोग स्थापित करना है।

MSDE–WEF MoU के बारे में

यह MoU भारत के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक सहयोग के माध्यम से मजबूत करने के लिए है।
इस समझौते के तहत:

  • कौशल अंतराल (skill gaps) की पहचान
  • नवाचार को बढ़ावा
  • सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) को विस्तार पर संयुक्त रूप से काम किया जाएगा।

यह साझेदारी सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों को एक साथ लाकर भारत की स्किलिंग व्यवस्था को उभरती श्रम-बाज़ार आवश्यकताओं और वैश्विक मानकों से जोड़ती है। यह परिणाम-आधारित और उद्योग-संबद्ध कौशल विकास की दिशा में एक अहम बदलाव है।

इंडिया स्किल्स एक्सेलेरेटर: प्रमुख उद्देश्य

इस MoU का एक प्रमुख परिणाम India Skills Accelerator का शुभारंभ है, जो एक बहु-हितधारक मंच है।
कौशल विकास राज्य मंत्री जयंत चौधरी के अनुसार, यह एक्सेलेरेटर:

  • वर्तमान और भविष्य के कौशल अंतराल को संबोधित करेगा
  • आजीवन सीखने, अपस्किलिंग और रिस्किलिंग को बढ़ावा देगा

यह पहल नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और विजन इंडिया@2047 के अनुरूप है, जिससे कौशल विकास को समावेशी विकास और राष्ट्रीय परिवर्तन का मुख्य स्तंभ बनाया गया है।

उभरती तकनीकों और भविष्य की नौकरियों पर फोकस

इस साझेदारी में भविष्य के कार्यक्षेत्र (Future of Work) पर विशेष जोर दिया गया है, जैसे:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • रोबोटिक्स
  • हरित ऊर्जा
  • साइबर सुरक्षा
  • उन्नत विनिर्माण

इसके अंतर्गत:

  • लचीले पाठ्यक्रम
  • व्यावसायिक और उच्च शिक्षा का एकीकरण
  • योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता को बढ़ावा दिया जाएगा।

हैकाथॉन और संरचित कार्य योजनाओं जैसी नवाचारी गतिविधियाँ वैश्विक कार्यबल आवश्यकताओं को व्यावहारिक कौशल में बदलने में मदद करेंगी, जिससे भारतीय युवाओं की अंतरराष्ट्रीय रोजगार-योग्यता बढ़ेगी।

संस्थागत समर्थन और शासन ढांचा

MoU के क्रियान्वयन के लिए एक संरचित गवर्नेंस फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र के सह-अध्यक्ष होंगे और WEF सहयोग प्रदान करेगा।
AICTE और UGC जैसे संस्थान MSDE के साथ मिलकर इस पहल की जागरूकता और विस्तार में सहयोग करेंगे।

उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं जैसे संजीव बजाज और शोभना कामिनेनी ने कहा है कि कौशल विकास ही भारत की जनसांख्यिकीय बढ़त को दीर्घकालिक आर्थिक नेतृत्व में बदलने की कुंजी है।

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