केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को बसाए जाने की निगरानी के लिए नौ सदस्यीय कार्यबल का गठन किया है। पिछले महीने अपने मासिक रेडियो प्रसारण ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कार्यबल तय करेगा कि लोग राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को कब देख सकते हैं।
Bank Maha Pack includes Live Batches, Test Series, Video Lectures & eBooks
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) “चीता कार्य बल” के कामकाज को सुविधाजनक बनाएगा और सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा। दो साल की अवधि के लिए गठित कार्यबल नियमित रूप से चीतों के क्षेत्र का दौरा करने के लिए एक उपसमिति बना सकता है।
कार्यबल के सदस्यों में मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव (वन), मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव (पर्यटन), मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, मध्य प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन, मध्य प्रदेश के सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन आलोक कुमार, राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिरीक्षक डॉ. अमित मलिक, देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान की वैज्ञानिक डॉ. विष्णु प्रिया, मध्य प्रदेश के नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ (एनबीडब्ल्यूएल) के सदस्य अभिलाष खांडेकर और अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एपीसीसीएफ) के सुभरंजन सेन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नामीबिया से लाए गए आठ चीतों के पहले समूह को 17 सितंबर को अपने जन्मदिन पर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। साल 1952 में भारत में चीतों को विलुप्त घोषित किए जाने के 70 साल बाद देश में इनकी वापसी हुई है।
Find More News Related to Schemes & Committees
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
भारत ने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक…
भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा अन्वेषण कंपनी ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) ने अपने…
असम राज्य ने अपने चाय बागान समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी कदम उठाते हुए…
उत्तराखंड, जो अपनी पहाड़ियों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है, ने नागरिक…
एक ऐतिहासिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील निर्णय में यूरोपीय संघ (EU) ने औपचारिक…
भारत एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक आयोजन की मेज़बानी करने जा रहा है, जो अरब दुनिया के…