7वाँ फ़्यूचर फ़ूड फ़ोरम 2025 दुबई में आधिकारिक रूप से प्रारंभ हुआ, जहाँ सरकारों, व्यवसायों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख हितधारकों ने वैश्विक खाद्य प्रणाली से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श किया। खाद्य सुरक्षा, स्थिरता और व्यापार पर केंद्रित यह आयोजन विशेषकर ग्लोबल साउथ देशों के बीच साझेदारी मज़बूत करने का प्रयास है ताकि नवाचार और नीतिगत सुधारों के ज़रिए खाद्य प्रणाली को मज़बूत बनाया जा सके।
इस वर्ष का विषय “लचीले खाद्य तंत्र का निर्माण” है, जिसके तहत चर्चा निम्न मुद्दों पर हुई –
कृषि और खाद्य प्रसंस्करण में तकनीकी एकीकरण
आपूर्ति श्रृंखला में सतत (Sustainable) प्रथाएँ
सीईपीए (CEPA) समझौतों के माध्यम से सीमा-पार व्यापार सहयोग
लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) को वैश्विक खाद्य निर्यात में शामिल करना
वैश्विक एग्रो-टेक (Agri-tech) और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़े श्रेष्ठ अभ्यास
यूएई ने खाद्य क्षेत्र का योगदान 8.1 अरब डॉलर से 10.9 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
फ़ोरम का जोर सिर्फ यूएई तक सीमित नहीं रहा बल्कि अफ़्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों पर भी रहा, जहाँ खाद्य प्रणाली जलवायु परिवर्तन और व्यापार व्यवधानों से अधिक प्रभावित होती है।
1. सीईपीए (CEPA) का प्रभाव
नए बाज़ारों तक पहुँच
शुल्क और नियामकीय बाधाओं में कमी
SMEs की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी
क्षेत्रीय फूड कॉरिडोर का विकास
2. सतत प्रोटीन और उपभोक्ता प्रवृत्तियाँ
पौध-आधारित, कीट-आधारित और प्रयोगशाला में विकसित प्रोटीन का बढ़ता उपयोग
उपभोक्ताओं की मांग –
पोषक और कम-कार्बन खाद्य
फार्म-टू-फोर्क ट्रैसेबिलिटी
नैतिक स्त्रोत और पशु कल्याण
3. एग्री-टेक और खाद्य नवाचार
प्रिसीजन फार्मिंग टूल्स
एआई-आधारित फसल पूर्वानुमान
स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
वर्टिकल और शहरी खेती मॉडल
→ इन तकनीकों से अपव्यय में कमी, उत्पादन में वृद्धि और जलवायु चुनौतियों से निपटने में मदद मिल रही है।
फ़ोरम का नाम: फ़्यूचर फ़ूड फ़ोरम
7वाँ संस्करण: दुबई, 2025
पहली बार आयोजित: 2019, यूएई
आयोजक: यूएई फ़ूड एंड बेवरेज बिज़नेस ग्रुप (F&B Group)
CEPA का पूरा नाम: Comprehensive Economic Partnership Agreement
यूएई का खाद्य क्षेत्र लक्ष्य: 8.1 अरब डॉलर → 10.9 अरब डॉलर
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