प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति ने साहेबगंज–अरेराज–बेतिया (NH-139W) खंड पर 4-लेन ग्रीनफ़ील्ड हाईवे निर्माण को मंज़ूरी दी है। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) पर लागू होगी और इसकी कुल लंबाई 78.942 किमी तथा अनुमानित लागत ₹3,822.31 करोड़ होगी। यह कदम पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान के अधीन क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा।
प्रकार: ग्रीनफ़ील्ड कॉरिडोर (नई संरेखण पर निर्माण)
कनेक्टिविटी:
पटना (राजधानी) से बेतिया तक तेज़ यात्रा
वैशाली, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण जिलों को जोड़ना
भारत-नेपाल सीमा से संपर्क बढ़ाना और सीमा पार व्यापार सुगम करना
1. कनेक्टिविटी सुधार
पटना–बेतिया यात्रा समय 2.5 घंटे से घटकर 1 घंटा
औसत गति: 80 किमी/घं. (डिज़ाइन गति 100 किमी/घं.)
2. व्यापार और उद्योग
कृषि क्षेत्र, औद्योगिक क्लस्टर और नेपाल सीमा व्यापार को बढ़ावा
लॉजिस्टिक्स और फ्रेट मूवमेंट सुगम
3. गति शक्ति मास्टर प्लान समर्थन
7 आर्थिक नोड, 6 सामाजिक अवसंरचना नोड और 8 लॉजिस्टिक नोड को जोड़ेगा
4. पर्यटन संवर्धन
प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुँच:
केसरीया बुद्ध स्तूप (साहेबगंज)
सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज)
जैन मंदिर एवं विश्व शांति स्तूप (वैशाली)
महावीर मंदिर (पटना)
बौद्ध सर्किट और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
प्रत्यक्ष रोज़गार: 14.22 लाख मानव-दिवस
अप्रत्यक्ष रोज़गार: 17.69 लाख मानव-दिवस
निर्माण, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स और परिवहन सेवाओं से अतिरिक्त रोज़गार
40% लागत – सरकार द्वारा निर्माण अवधि में वहन
60% लागत – निजी डेवलपर को एन्युइटी भुगतान से समय के साथ
जोखिम साझा, समय पर कार्यान्वयन और न्यूनतम प्रारंभिक निजी पूंजी निवेश
परियोजना पूरी होने पर यह हाईवे कई राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगा:
NH-31, NH-722, NH-727, NH-27, NH-227A
→ भीड़भाड़ वाले शहरों से डिटूर घटेंगे, सड़क सुरक्षा और यात्रा समय में सुधार होगा।
परियोजना: 4-लेन साहेबगंज–अरेराज–बेतिया (NH-139W)
लंबाई: 78.942 किमी
लागत: ₹3,822.31 करोड़
मॉडल: हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM)
समय लाभ: 2.5 घंटे → 1 घंटा
पर्यटन केंद्र: केसरीया स्तूप, वैशाली, महावीर मंदिर
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