Categories: Miscellaneous

फेम इंडिया फेज II योजना के तहत दिल्ली में 50 इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च की गईं

सरकार द्वारा 3 जनवरी 2022 को भारी उद्योग मंत्रालय की फ़ेम इंडिया चरण II योजना के तहत समर्थन के साथ दिल्ली में 50 इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च की गईं। साल 2019 में, सरकार ने तीन साल की अवधि के लिए 10,000 करोड़ रुपये मंजूर किए। कुल बजटीय सहायता में से लगभग 86 प्रतिशत धन प्रोत्साहन के लिए आवंटित किया गया है ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पैदा की जा सके। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने कहा कि सरकार ने 3,538 इलेक्ट्रिक बसों के लिए ऑर्डर दिया है। इनमें से अब तक कुल 1,716 बसों को तैनात किया जा चुका है।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली 400 इलेक्ट्रिक बसें – 300 दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) को इंट्रा-सिटी संचालन के लिए और 100 दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) को अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए – अगस्त 2019 में स्वीकृत की गई थी। डीटीसी द्वारा कुल 250 बसें पहले ही तैनात की जा चुकी हैं और अब डीटीसी को 300 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने की एमएचआई की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए शेष 50 बसों को लॉन्च किया गया है।

 

फेम इंडिया योजना के बारे में

 

इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े पैमाने पर उपयोग के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए, सरकार ने 2015 में FAME India (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) नामक एक योजना तैयार की। इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक देशभर में 60-70 लाख हाइब्रिड और इलेक्ट्रिकल वाहन सडकों पर उतारने का लक्ष्य है। इससे लगभग 950 करोड़ लीटर पेट्रोल एवं डीजल की खपत में कमी आएगी, जिससे इस पर खर्च होने वाले 62 हज़ार करोड़ रुपए की भी बचत होगी।

 

इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करना और ग्रीनहाउस गैस उत्‍सर्जन में कमी लाना है। फेम-इंडिया योजना के दूसरे चरण को 1 अप्रैल 2019 से 3 साल की अवधि के लिए लागू किया जा रहा है। इस योजना का पहला चरण 1 अप्रैल 2015 से 2 साल की अवधि के लिए शुरू किया गया था, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया था और अंतिम विस्तार 31 मार्च 2019 तक की अनुमति दी गई थी।

 

इलेक्ट्रिक वाहन क्या हैं?

 

इलेक्ट्रिक वाहन वे वाहन हैं जो या तो आंशिक रूप से या पूरी तरह से विद्युत शक्ति से संचालित होते हैं। इनकी चलने की लागत कम होती है और ये पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं क्योंकि ये जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल या डीजल) का बहुत कम या बिल्कुल उपयोग नहीं करते हैं। ये वाहन बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग, घटते प्राकृतिक संसाधन आदि समस्याओं को हल कर सकते हैं।

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

20 hours ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

2 days ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

2 days ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 days ago

भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल बैंकिंग अपनाने वाला राज्य कौन-सा है? जानिए कैसे बदली बैंकिंग की तस्वीर

भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति ने बैंकिंग सेक्टर की तस्वीर पूरी तरह…

3 days ago

World Red Cross Day 2026: क्यों मनाया जाता है रेड क्रॉस डे? जानें इतिहास, थीम, महत्व

प्रत्येक वर्ष 8 मई को दुनिया-भर में World Red Cross Day के रूम में मनाया जाता…

6 days ago