लोकसभा ने गुरुवार को मातृत्व लाभ (संशोधन) विधेयक, 2016 पारित कर दिया, जिसमें प्रारंभ के दो बच्चों के लिए वैतनिक मातृत्व अवकाश की अवधि 12 हफ्ते से बढ़ाकर 26 हफ्ते करने का प्रावधान है. विधेयक में बच्चा ‘गोद’ लेने वाली महिलाओं को भी 12 हफ्तों के वैतनिक अवकाश (पेड लीव) का प्रावधान किया गया है.
इन सुविधाओं का लाभ खान, फैक्टरी, बागानों, दुकानों आदि में काम करने वाली महिलाओं को मिलेगा जहां 10 या इससे अधिक कर्मचारी काम करते हैं. उच्च सदन राज्यसभा से यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है और अब कानून बनने के लिए इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंज़ूरी चाहिए.
विधेयक में दो बच्चों के बाद प्रसूति अवस्था में मातृत्व लाभ 12 सप्ताह रहने की बात कही गई है. इसमें यह भी प्रस्ताव किया गया है कि नियोक्ता एवं कर्मचारी की सहमति से गर्भवर्ती महिला घर से भी काम संपादित कर सकती हैं. इसमें कुछ खास श्रेणी की फर्म में छोटे बच्चों के लिए क्रेच स्थापित करने की बात भी कही गई है.
स्रोत – पीटीआई



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