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पेरिस में संपन्न हुई 20वीं भारत-फ्रांस संयुक्त स्टाफ़ वार्ता

 

भारत-फ्रांस संयुक्त स्टाफ़ वार्ता (India-France Joint Staff Talks)

भारत-फ्रांस संयुक्त स्टाफ़ वार्ता के 20वें संस्करण का आयोजन किया गया। जिसमें मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग तंत्र के ढांचे के भीतर नई पहलों पर ध्यान केंद्रित किया गया, इसके साथ ही मौजूदा रक्षा संबंधों में सुधार किया गया। दो दिवसीय वार्ता पेरिस में एक अच्छे, गर्मजोशी भरे और विनम्र माहौल में हुई। भारत और फ्रांस के बीच जॉइंट स्टाफ़ कान्सल्टेशन एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जिसका उद्देश्य ऑपरेशन और रणनीतिक स्तरों पर लगातार बातचीत के माध्यम से दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग में सुधार करना है।

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भारत-फ्रांस संयुक्त स्टाफ़ वार्ता के प्रमुख बिंदु (Key Points of India-France Joint Staff Talks):
  • भारत और फ्रांस के बीच संयुक्त वार्ता का 20वां संस्करण सक्रिय रूप से रक्षा सहयोग बढ़ाने के लक्ष्य के साथ समाप्त हुआ।
  • दो दिवसीय बैठक में नई परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया जो मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के अंतर्गत आती हैं, साथ ही दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा संबंधों को बढ़ाने पर भी केंद्रित हैं।
  • भारत-फ्रांस संयुक्त स्टाफ़ मंच की स्थापना दोनों देशों के बीच रणनीतिक और ऑपरेशनल रक्षा सहयोग में सुधार के लक्ष्य के साथ की गई थी।
  • यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के मुख्य स्तंभों में से एक रक्षा और सुरक्षा सहयोग है।
  • भारत और फ्रांस ने ब्लू इकॉनमी और ओशन गवर्नेंस के ब्लूप्रिंट पर सहमति जताई है।
  • भारत-फ्रांस संयुक्त वार्ता का 20वां संस्करण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ब्लू इकॉनमी के आदान-प्रदान में सुधार, क़ानून के शासन के आधार पर ओशन गवर्नेंस तथा टिकाऊ और लचीला तटीय व जलमार्ग बुनियादी ढांचे प्रदान करने में सहयोग पर केंद्रित था।
  • समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए पक्ष विशेष रूप से प्रासंगिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों में समन्वय के माध्यम से ओशन गवर्नेंस की दिशा में प्रयास करेंगे।
  • भारत और फ्रांस ब्लू इकॉनमी और तटीय लचीलेपन में परस्पर हित साझा करते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important Takeaways for Competitive exams):
  • भारत के विदेश मंत्री: डॉ. एस जयशंकर;
  • थल सेनाध्यक्ष: मनोज मुकुंद नरवणे।

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