Wednesday, 1 June 2022

भारतीय मूल की स्वाति ढींगरा बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक समिति में नियुक्त

भारतीय मूल की स्वाति ढींगरा बैंक ऑफ इंग्लैंड की मौद्रिक समिति में नियुक्त

 


यूके स्थित अग्रणी अकादमिक, डॉ स्वाति ढींगरा (Dr Swati Dhingra) को बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दर-निर्धारण समिति के बाहरी सदस्य के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय मूल की महिला के रूप में नामित किया गया है। ढींगरा वर्तमान बाहरी सदस्य माइकल सॉन्डर्स की जगह लेंगी, जो अगस्त 2016 से एमपीसी में हैं।


RBI बुलेटिन - जनवरी से अप्रैल 2022, पढ़ें रिज़र्व बैंक द्वारा जनवरी से अप्रैल 2022 में ज़ारी की गई महत्वपूर्ण सूचनाएँ



 हिन्दू रिव्यू अप्रैल 2022, डाउनलोड करें मंथली हिंदू रिव्यू PDF  (Download Hindu Review PDF in Hindi)


यूके सरकार के ट्रेजरी विभाग के अनुसार, एमपीसी में बाहरी सदस्यों की नियुक्ति को यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि समिति को बैंक के अंदर प्राप्त होने वाली सोच और विशेषज्ञता से लाभ मिले।


कौन हैं डॉ स्वाति ढींगरा?


ढींगरा, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से परास्नातक किया, नौ अगस्त को तीन साल के कार्यकाल के लिए मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में शामिल होंगी। ढीगरा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) में अर्थशास्त्र की एसोसिएट प्रोफेसर हैं, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र और अनुप्रयुक्त सूक्ष्मअर्थशास्त्र में विशेषज्ञता प्राप्त है।


बैंक ऑफ इंग्लैंड के बारे में:


बैंक ऑफ इंग्लैंड का स्वतंत्र एमपीसी यूके की मौद्रिक नीति के संचालन के बारे में निर्णय लेता है। इसमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर, इसके तीन डिप्टी गवर्नर, बैंक के एक सदस्य के साथ मौद्रिक नीति की जिम्मेदारी और चार बाहरी सदस्य शामिल हैं जिन्हें चांसलर द्वारा नियुक्त किया जाता है।


सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण टेकअवे:


  • बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर: एंड्रयू बेली।



Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams


Find More Appointments Here

Lokpal chairperson: Justice Mohanty gets additional charge of Lokpal chairperson_90.1

Post a Comment

Whatsapp Button works on Mobile Device only

Start typing and press Enter to search