संसद में जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक (संशोधन) विधेयक, 2019 पारित हो गया। इसका उद्देश्य जलियांवाला बाग राष्ट्रीय स्मारक अधिनियम, 1951 विधेयक में संशोधन करना है। इस विधेयक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष को न्यास का स्थायी सदस्य बनाए जाने से संबंधित धारा को हटाने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अथवा जहां विपक्ष का ऐसा कोई नेता नहीं हो, तो ऐसे में सदन में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को न्यास का ट्रस्टी बनाया जाना शामिल हैं। साथ ही विधेयक में यह संशोधन भी किया गया है कि नामित न्यासी को पांच साल की अवधि समाप्त होने से पहले भी केंद्र सरकार द्वारा बिना कारण बताये हटाया जा सकता है।
स्रोत: द न्यूज ओन AIR



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