सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना(PMFBY) के अंतर्गत बीमा दावों के निपटान में विलंब करने वाले राज्यों और बीमा कंपनियों पर जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को शामिल किया है. नये दिशा-निर्देशों के अनुसार बीमा कंपनियों को दो महीने की समय सीमा समाप्त होने के बाद दावे के निपटान में विलंब के लिए किसानों को 12 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा.
राज्य सरकारों को तीन महीने की समय सीमा समाप्त होने पर राज्यों को मिलने वाली सब्सिडी का 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा. सरकार ने पायलट आधार पर PMFBY के दायरे में बारहमासी बागवानी फसलों को शामिल करने का भी निर्णय लिया है.
प्रधान मंत्री फासल बीमा योजना की मुख्य विशेषताएं:
1. इसमें खरीफ की फसल के लिये कुल बीमित राशि का 2% तक का बीमा प्रभार, रबी का 1.5% तक तथा वाणिज्यिक व बागवानी फसलों के लिये बीमित राशि का 5% तक का बीमा प्रभार निश्चित किया गया है।
2.सरकारी सब्सिडी पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है. भले ही शेष प्रीमियम 90% है, यह सरकार द्वारा उठाया जाएगा.
स्रोत- एयर वर्ल्ड सर्विस



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