भारत सरकार ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) में ऋण वसूली आवेदन दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमा को दोगुना कर 20 लाख रुपये तक कर दिया है.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस कदम का लक्ष्य DRT में मामलों की लापरवाही को कम करने में मदद करना है. देश में 39 DRT हैं. न्यायाधिकरण को और अधिक प्रभावी बनाने और ऋण वसूली के मामलों के त्वरित निपटान की सुविधा के लिए, सरकार ने सरफेसी अधिनियम सहित विभिन्न कानूनों में कई संशोधन किए हैं.
स्रोत-दि टाइम्स ऑफ इंडिया
उपरोक्त समाचार से Indian Bank PO Exam 2018 के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
- वित्तीय संपत्तियों की सुरक्षा और पुनर्निर्माण और प्रतिभूति ब्याज के प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (जिसे SARFAESI अधिनियम के रूप में भी जाना जाता है) एक भारतीय कानून है
- यह बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को ऋण वसूलने के लिए आवासीय या व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करने की अनुमति देता है.



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