Wednesday, 10 January 2018

कैबिनेट ने एफडीआई नीति में संशोधनों को मंजूरी दी, नीति और अधिक उदार की गई

कैबिनेट ने एफडीआई नीति में संशोधनों को मंजूरी दी, नीति और अधिक उदार की गई



वित्तीय वर्ष 2016-17 में 60.08 बिलियन अमरीकी डॉलर का एफडीआई प्राप्त हुआ है, जो कि अब तक का उच्चतम स्तर है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने एफडीआई नीति में संशोधन को मंजूरी दे दी है और एफडीआई की कुछ नीतियों को और उदार बनाया है.
मुख्य बिंदु-
  1.  एकल ब्रांड खुदरा कारोबार के लिए स्‍वत: रूट के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई
  2. निर्माण क्षेत्र के विकास में स्‍वत: रूट के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई
  3. विदेशी एयरलाइनों को एयर इंडिया में मंजूरी रूट के तहत 49 प्रतिशत तक निवेश करने की अनुमति
  4. एफआईआई/एफपीआई को प्राथमिक बाजार के जरिए पावर एक्‍सचेंजों में निवेश करने की अनुमति
  5.  एफडीआई नीति में ‘चिकित्‍सा उपकरणों’ की परिभाषा संशोधित की गई.
एकल ब्रांड खुदरा कारोबार (एसबीआरटी) में एफडीआई के लिए सरकारी मंजूरी की अब कोई आवश्‍यकता नहीं है
एसबीआरटी से संबंधित वर्तमान एफडीआई नीति के तहत स्‍वत: रूट के जरिए 49 प्रतिशत एफडीआई और सरकारी मंजूरी रूट के जरिए 49 प्रतिशत से ज्‍यादा और 100 प्रतिशत तक एफडीआई की अनुमति दी गई है.

नागरिक उड्डयन
वर्तमान नीति के अनुसार, विदेशी एयरलाइनों को अनुसूचित और गैर-अनुसूचित हवाई परिवहन सेवाओं का संचालन करने वाली भारतीय कंपनियों की पूंजी में सरकारी मंजूरी रूट के तहत निवेश करने की अनुमति दी गई है. यह निवेश इन कंपनियों की चूकता पूंजी के 49 प्रतिशत की सीमा तक की जा सकती है. हालांकि, यह प्रावधान वर्तमान में एयर इंडिया के लिए मान्‍य नहीं था,इसलिए इसका अर्थ यही था कि विदेशी एयरलाइंस इस स्थिति‍ में एयर इंडिया में निवेश नहीं कर सकती थीं. अब इस पाबंदी को समाप्‍त करने और विदेशी एयरलाइनों को एयर इंडिया में मंजूरी रूट के तहत 49 प्रतिशत तक निवेश करने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है.

निर्माण क्षेत्र का विकास : टाउनशिप, आवास, निर्मित बुनियादी ढांचा और रियल एस्‍टेट ब्रोकिंग सेवाएं
यह स्‍पष्‍ट करने का निर्णय लिया गया है कि रियल एस्‍टेट ब्रोकिंग सेवा का वास्‍ता अचल परिसंपत्ति (रियल एस्‍टेट) व्‍यवसाय से नहीं है, इसलिए इसमें स्‍वत: रूट के तहत 100 प्रतिशत एफडीआई संभव है.


पावर एक्‍सचेंज
विस्‍तृत नीति में केन्‍द्रीय विद्युत नियामक आयोग (विद्युत बाजार) नियमन, 2010 के तहत पंजीकृत पावर एक्‍सचेंजों में स्‍वत: रूट के जरिए 49 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है. हालांकि, एफआईआई/एफपीआई के निवेश को केवल द्वितीयक बाजार तक सीमित रखा गया था.

स्रोत- प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी)


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