Categories: Schemes

केंद्र सरकार ने डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून पर समिति का गठन किया

केंद्र सरकार ने एक पैनल गठित करने का आदेश दिया है जो यह समीक्षा करेगी कि क्या देश में मौजूदा एंटीट्रस्ट कानून डिजिटल अर्थव्यवस्था से उभरी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं या नहीं। इसके साथ ही यह सरकार को तीन महीने के भीतर डिजिटल प्रतिस्पर्धा अधिनियम का मसौदा प्रस्तुत करेगा।

Buy Prime Test Series for all Banking, SSC, Insurance & other exams

यह कदम वित्त पर संसदीय स्थायी समिति द्वारा एकाधिकार के गठन को रोकने के लिए डिजिटल बाजारों में प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश के बाद उठाया गया है। बता दें कि पैनल ने देश में एक निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी डिजिटल इकोसिस्टम सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून का भी सुझाव दिया।

 

यह कदम कब उठाय गया

 

यह कदम Google जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों पर रेगुलेटरी अविश्वास संबंधी जांच के बीच उठाय गया है, जिस पर पिछले साल भारत के प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा एंड्रॉयड मोबाइल डिवाइस इकोसिस्टम और ऐप स्टोर बाजार में अपने बाजार प्रभुत्व का दुरुपयोग करने के लिए दो अलग-अलग मामलों में जुर्माना लगाया गया था। . इसके अलावा, एक संसदीय पैनल ने पिछले साल जारी एक रिपोर्ट में बड़ी तकनीकी कंपनियों के बाजार प्रभुत्व को रोकने के लिए ‘ex-ante’ नियमों को तैयार करने का भी प्रस्ताव दिया है।

कौन है पैनल के अध्यक्ष

समिति की अध्यक्षता कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के सचिव मनोज गोविल करेंगे।बता दें कि इसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष सहित आठ अन्य सदस्य शामिल होंगे। एमसीए में प्रतियोगिता के संयुक्त सचिव सदस्य सचिव के रूप में समिति में शामिल होंगे।

समिति के अन्य सदस्यों में नैसकॉम के सह-संस्थापक और इंडियन एंजेल नेटवर्क के अध्यक्ष सौरभ श्रीवास्तव, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर आदित्य भट्टाचार्य, खेतान एंड कंपनी के हैग्रेव खेतान, IKDHVAJ सलाहकार LLP के हर्षवर्धन सिंह, शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी की पल्लवी शार्दुल श्रॉफ, पी एंड ए लॉ ऑफिस के आनंद एस पाठक, एक्सिओम 5 लॉ चैंबर के राहुल राय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के संयुक्त सचिव शामिल हैं।

 

इन आयोगों के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल

 

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY), नीति आयोग, वाणिज्य विभाग, आर्थिक मामलों के विभाग, उपभोक्ता मामलों के विभाग और उद्योग और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने के लिए विभाग (DPIIT) को भी समिति में अपने प्रतिनिधियों को नामित करना होगा।

Find More News Related to Schemes & Committees

[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
vikash

Recent Posts

दुनिया का सबसे जहरीला बिच्छू कौन सा है?, जानें कहाँ पाए जाते हैं सबसे ज्यादा बिच्छू

धरती पर मौजूद सबसे डरावने जीवों में बिच्छू (Scorpion) का नाम जरूर लिया जाता है।…

3 weeks ago

भारत में कहाँ है एशियाई शेरों का असली घर? दुनिया की इकलौती जगह जहाँ जंगल में आज़ादी से घूमते हैं Asiatic Lions

शेरों का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में अफ्रीका के विशाल जंगलों की तस्वीर…

3 weeks ago

भारत का कौन-सा राज्य कहलाता है “Spice Garden of India”? जिसके मसालें दुनिया-भर में है मशहूर

भारत अपने मसालों के लिए सदियों से पूरी दुनिया में प्रसिद्ध रहा है। भारतीय मसालों…

3 weeks ago

भारत का सबसे अमीर गांव कौन-सा है? यहां हर घर में करोड़ों की संपत्ति, बैंक में जमा हैं हजारों करोड़

भारत गांवों का देश कहा जाता है। यहां लाखों गांव हैं, जिनमें से कई आज…

3 weeks ago

क्या आप जानते हैं भारत का Tea Capital कौन-सा राज्य है? यहां उगती है सबसे ज्यादा चाय

रेलवे स्टेशन हो, ऑफिस हो या गांव की चौपाल — चाय हर जगह लोगों की…

3 weeks ago

भारत का कौन-सा शहर कहलाता है “Mini India”? जानिए क्यों मिली यह खास पहचान

भारत अपनी विविधता, संस्कृति, भाषाओं और परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।…

3 weeks ago