उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ 2025 के लिए नए बहु-रंगी लोगो का अनावरण किया। कुंभ मेला, जिसे यूनेस्को ने ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में मान्यता दी है, इसे दुनिया की सबसे बड़ी शांतिपूर्ण तीर्थयात्रियों की सभा माना जाता है।
डिज़ाइन तत्व:
आध्यात्मिक महत्व:
भागीदारी:
धार्मिक स्थल:
अमृत कलश का प्रतीक:
भौगोलिक महत्व:
महाकुंभ 2025 एक महत्वपूर्ण हिंदू कार्यक्रम है जो दुनिया भर के लाखों भक्तों को आकर्षित करता है। कुंभ मेला 2025 का आयोजन 14 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में होगा, जहाँ दुनिया भर के भक्त विश्वास, परंपरा, और सांस्कृतिक धरोहर का जश्न मनाएंगे।
यह भव्य उत्सव हर बार बारह वर्षों में मनाया जाता है और इसमें पवित्र नदियों में अनुष्ठानिक स्नान की श्रृंखला होती है, विशेष रूप से गंगा, यमुना, और पौराणिक सरस्वती के संगम पर।
प्राचीन इतिहास में, कुंभ मेले का पहला प्रलेखित संदर्भ छठी शताब्दी का है, जब चीनी यात्री ज़ुआनज़ांग (हुआन-त्सांग) ने गंगा के किनारे लोगों की एक विशाल सभा का उल्लेख किया था।
World Wetlands Day 2026: विश्व आर्द्रभूमि दिवस या विश्व वेटलैंड्स डे (World Wetlands Day) पूरे…
रूमेटॉइड आर्थराइटिस को अक्सर केवल जोड़ों के दर्द के रूप में समझ लिया जाता है,…
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026–27…
ग्रैमी अवॉर्ड्स 2026 ने एक बार फिर संगीत की उत्कृष्टता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रभाव को…
केंद्रीय बजट 2026-27 में भारतीय रेलवे को अब तक का सबसे अधिक वित्तीय समर्थन मिला…
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर दिया…