यमन के नेतृत्व में 5 मई, 2025 को एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला, जब देश की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने वित्त मंत्री सलीम सालेह बिन ब्रिक को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया। यह बदलाव अहमद अवद बिन मुबारक के इस्तीफे के बाद हुआ, जिन्होंने गंभीर संवैधानिक सीमाओं का हवाला देते हुए पद छोड़ दिया था।
एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद (पीएलसी) ने देश के लंबे समय से वित्त मंत्री रहे सलीम सालेह बिन ब्रिक को 5 मई, 2025 को नया प्रधान मंत्री नियुक्त किया। यह निर्णय अहमद अवद बिन मुबारक के अचानक इस्तीफे के बाद लिया गया है, जिन्होंने पद छोड़ने के कारणों के रूप में संवैधानिक सीमाओं और प्रमुख सुधारों को लागू करने के लिए अधिकार की कमी का हवाला दिया था।
सलीम बिन ब्रिक की नए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्ति गृह युद्ध और आर्थिक पतन से तबाह हुए देश में एक महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन को दर्शाती है। निवर्तमान प्रधानमंत्री अहमद बिन मुबारक ने संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करने और कैबिनेट में फेरबदल करने में अपनी असमर्थता को उजागर किया, जिससे बहुत जरूरी सुधारों में बाधा उत्पन्न हुई।
| सारांश/स्थैतिक | विवरण |
| चर्चा में क्यों? | यमन ने वित्त मंत्री सलीम बिन ब्रिक को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया |
| पिछले पीएम | अहमद अवाद बिन मुबारक |
| इस्तीफ़े का कारण | संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करने और सुधारों को लागू करने में असमर्थता |
| नये प्रधानमंत्री की पृष्ठभूमि | 2019 से वित्त मंत्री, प्रशासनिक एवं वित्तीय अनुभव |
| गृह युद्ध प्रारंभ वर्ष | 2014 (हौथी विद्रोहियों ने सना पर कब्ज़ा कर लिया) |
| आर्थिक मुद्दा | यमनी रियाल का पतन, अक्टूबर 2022 से तेल निर्यात पर रोक |
| हौथी मांगें | तेल निर्यात पुनः आरंभ करने से पहले राजस्व-साझाकरण समझौता |
| सरकारी सीट | अदन (सना अब हौथी नियंत्रण में है) |
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