रक्षा मंत्रालय द्वारा यंत्र इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न कैटेगरी-I का दर्जा दिया गया

रक्षा मंत्री ने 2 फरवरी 2026 को ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमितकरण के बाद गठित रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम यंत्रा इंडिया लिमिटेड को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने की मंज़ूरी दी। महज़ चार वर्षों में यह कंपनी पारंपरिक सरकारी ढांचे से निकलकर मज़बूत बिक्री और बढ़ते निर्यात के साथ एक लाभकारी उपक्रम बनकर उभरी है। इस निर्णय को भारत में आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को मज़बूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यंत्रा इंडिया लिमिटेड के बारे में

यंत्रा इंडिया लिमिटेड अक्टूबर 2021 में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के निगमितकरण के बाद गठित सात रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों में से एक है। यह रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत कार्यरत है और उच्च तकनीक वाले रक्षा विनिर्माण पर केंद्रित है। इसके प्रमुख उत्पादों में कार्बन फाइबर कंपोज़िट्स, तोपखाना गन असेंबली, गोला-बारूद के घटक, बख़्तरबंद वाहन प्रणालियाँ तथा मुख्य युद्धक टैंकों में उपयोग होने वाली सामग्री शामिल हैं। यह कंपनी भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मिनीरत्न श्रेणी-I दर्जा क्यों महत्वपूर्ण है

मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा मिलने से यंत्रा इंडिया लिमिटेड को अधिक वित्तीय और परिचालन स्वायत्तता प्राप्त होती है। इस दर्जे के तहत कंपनी का बोर्ड नए प्रोजेक्ट, आधुनिकीकरण और उपकरणों की खरीद के लिए ₹500 करोड़ तक के पूंजीगत व्यय को बिना सरकारी मंज़ूरी के स्वीकृत कर सकता है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज़ होती है, तकनीकी उन्नयन जल्दी संभव होता है और कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ती है। रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में यह स्वायत्तता अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पीएसयू सैन्य आवश्यकताओं और वैश्विक निर्यात अवसरों पर तेजी से प्रतिक्रिया दे सकते हैं।

जिस परफॉर्मेंस की वजह से पहचान मिली

  • यंत्र इंडिया लिमिटेड ने अपनी शुरुआत से ही ज़बरदस्त ग्रोथ दिखाई है।
  • इसकी बिक्री 2021-22 (H2) में ₹956.32 करोड़ से बढ़कर FY 2024-25 में ₹3,108.79 करोड़ हो गई।
  • इसी दौरान एक्सपोर्ट ज़ीरो से बढ़कर ₹321.77 करोड़ हो गया।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कम समय में टर्नओवर बढ़ाने, स्वदेशीकरण बढ़ाने और परफॉर्मेंस के मुख्य बेंचमार्क पूरे करने के लिए YIL के मैनेजमेंट की तारीफ़ की।

रक्षा सुधारों और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ाव

यह निर्णय भारत के व्यापक रक्षा सुधारों और आत्मनिर्भर भारत के विज़न के अनुरूप है। आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board) के निगमितकरण का उद्देश्य रक्षा पीएसयू में दक्षता, जवाबदेही और नवाचार को बढ़ावा देना था। इससे पहले, मई 2025 में तीन अन्य रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों को भी मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा दिया गया था। यंत्रा इंडिया लिमिटेड को यह दर्जा प्रदान किया जाना स्वदेशी रक्षा क्षमताओं के निर्माण, निर्यात को प्रोत्साहन देने और भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करता है।

यंत्रा इंडिया लिमिटेड : संक्षिप्त परिचय

  • प्रकार: सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (PSU)
  • उद्योग: रक्षा उत्पादन
  • स्थापना: 1 अक्टूबर 2021
  • पूर्ववर्ती संस्था: आयुध निर्माणी बोर्ड (Ordnance Factory Board – OFB)
  • स्वामित्व: भारत सरकार

मुख्यालय

  • स्थान: ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी, नागपुर, महाराष्ट्र, भारत

प्रमुख नेतृत्व

  • अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक: गुरुदत्त राय, IOFS
  • निदेशक (परिचालन): शरद के. यादव, IOFS
  • निदेशक (वित्त): राकेश सिंह लाल, IOFS

मुख्य उत्पाद एवं क्षमताएँ

  • फोर्जिंग्स
  • कास्टिंग्स
  • धातु एवं इस्पात घटक
  • रक्षा-ग्रेड औद्योगिक सामग्री

यह कंपनी भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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vikash

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