अमेरिका के प्रसिद्ध येलोस्टोन नेशनल पार्क में लगभग छह वर्षों की शांति के बाद एक बार फिर इचिनस गीजर सक्रिय हो गया है। हाल ही में हुए विस्फोटों में इस गीजर से लगभग 30 फीट तक गर्म भाप और पानी के शक्तिशाली फव्वारे उठते देखे गए। इचिनस गीजर को दुनिया का सबसे बड़ा अम्लीय गीजर माना जाता है और इसकी दोबारा सक्रियता ने वैज्ञानिकों और पर्यटकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया है। साल 2017 के बाद यह पहली बार है जब इस गीजर में लगातार गतिविधि दर्ज की गई है। येलोस्टोन का भू-तापीय क्षेत्र अपने लगातार बदलते स्वरूप के लिए जाना जाता है, और इचिनस गीजर की वापसी भूमिगत जल-तापीय प्रणालियों की गतिशीलता को दर्शाती है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के येलोस्टोन राष्ट्रीय उद्यान के नॉरिस गीजर बेसिन क्षेत्र में स्थित इचिनस गीजर अपनी अनोखी अम्लीय जल-रसायन (Acidic Water Chemistry) के कारण अन्य गीजरों से अलग माना जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
गीजर एक भू-तापीय झरना (Geothermal Spring) होता है जो पृथ्वी के भीतर की गर्मी के कारण समय-समय पर फूटता है।
प्रक्रिया इस प्रकार होती है:
हाल के वर्षों में इसकी गतिविधि अनियमित हो गई:
हालिया विस्फोट लगभग 3 मिनट तक चले और पानी करीब 30 फीट तक उठा।
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों के अनुसार गीजर अक्सर कुछ समय के लिए सक्रिय होते हैं और फिर दोबारा शांत हो जाते हैं।
संभावना है कि इचिनस गीजर कुछ सप्ताह या महीनों तक सक्रिय रहने के बाद फिर से निष्क्रिय हो सकता है। फरवरी के अंत तक किए गए अवलोकनों से यह भी संकेत मिला है कि इसकी गतिविधि धीरे-धीरे कम हो सकती है।
[wp-faq-schema title="FAQs" accordion=1]
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को गौतमबुद्ध नगर के जेवर में 'नोएडा इंटरनेशनल…
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के फॉरवर्ड गुरजंत सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया…
भारत ने सतत परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए देश की पहली…
जापान ने अपनी प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन को केवल माल ढुलाई (फ्रेट) के लिए उपयोग करके…
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के…
एक नया COVID-19 वैरिएंट BA.3.2, जिसे ‘सिकाडा वैरिएंट’ के नाम से जाना जा रहा है,…