दुनिया का पहला हरित ऊर्जा द्वीप लागत के तूफान में फंस गया

उत्तर सागर के बीचों-बीच एक महत्वाकांक्षी हरित ऊर्जा परियोजना आकार ले रही है। बेल्जियम की राजकुमारी एलिजाबेथ के नाम पर रखे गए इस अभूतपूर्व ऊर्जा द्वीप का निर्माण नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में एक साहसिक कदम है। उत्तर सागर के किनारे स्थित एक व्यस्त शिपयार्ड में, श्रमिक विशालकाय कंक्रीट संरचनाओं का निर्माण कर रहे हैं, जो इस विश्व-प्रथम पहल की नींव बनाएँगी।

नींव चरण

  • विशाल खोखले कंक्रीट पत्थर, जिनमें से प्रत्येक का आकार एक अपार्टमेंट ब्लॉक के बराबर है।
  • इन्हें समुद्र में तैराया जाएगा और डूबाया जाएगा।
  • ये बेल्जियम के क्रांतिकारी हरित ऊर्जा हब के आधार के रूप में काम करेंगे।

परियोजना की उत्पत्ति और उद्देश्य

प्रारंभिक दृष्टिकोण (2021)
यह परियोजना निम्नलिखित प्रमुख लक्ष्यों के साथ परिकल्पित की गई थी:

  • पवन ऊर्जा उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि
  • जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी
  • बेल्जियम की नवीकरणीय ऊर्जा संक्रमण को समर्थन देना
  • यूरोपीय संघ के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति

वर्तमान ऊर्जा परिदृश्य

  • बेल्जियम की ऊर्जा मिश्रण में सिर्फ 10% से थोड़ा अधिक नवीकरणीय स्रोतों से आता है।
  • मुख्यतः परमाणु, गैस और तेल पर निर्भरता।
  • EU आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक बड़ा अंतर।

यूरोपीय संघ के लक्ष्य और बेल्जियम की प्रतिबद्धताएँ

  • 2030 तक EU सदस्य देशों के लिए 42.5% नवीकरणीय ऊर्जा का लक्ष्य।
  • बेल्जियम की योजना: 3.5 गीगावॉट अपतटीय पवन ऊर्जा।
  • राष्ट्रीय ऊर्जा आवश्यकताओं का 30% कवर करने का अनुमान।

तकनीकी नवाचार और डिजाइन

रणनीतिक स्थान और विशेषताएँ

  • समुद्र के किनारे से 45 किलोमीटर दूर स्थित।
  • पावर वितरण का केंद्रीय हब।
  • ट्रांसफार्मर और समुद्र के नीचे केबल नेटवर्क का घर।
  • अंतरराष्ट्रीय ग्रिड कनेक्शन में सक्षम, जैसे:
    • ब्रिटेन
    • डेनमार्क
    • अन्य उत्तरी सागर पड़ोसी देश

पर्यावरणीय विचार

  • परियोजना में कई पर्यावरण-अनुकूल विशेषताएं शामिल हैं:
    • समुद्री पक्षियों के लिए प्रजनन स्थल।
    • समुद्री जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम रीफ प्रणाली।
    • पर्यावरण संगठनों द्वारा स्वीकृत डिजाइन।
    • तटीय समुदायों पर न्यूनतम प्रभाव।

आर्थिक चुनौतियाँ और लागत वृद्धि

वित्तीय प्रभाव

  • मूल बजट: €2.2 बिलियन
  • वर्तमान अनुमान: €7 बिलियन से अधिक

लागत वृद्धि में योगदान देने वाले कारक

  • आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान
    • रूस-यूक्रेन संघर्ष का प्रभाव
    • ऊर्जा स्वतंत्रता के लिए यूरोप का जोर
    • उपकरणों की कमी और उच्च मांग
  • अवसंरचना सीमाएँ
    • अपर्याप्त विनिर्माण क्षमता
    • उद्योग-व्यापी बाधाएँ
    • संसाधनों के लिए प्रतिस्पर्धा

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

वर्तमान बहसें

  • औद्योगिक ऊर्जा उपभोक्ता परियोजना निलंबन की माँग कर रहे हैं।
  • महत्वाकांक्षी हरित लक्ष्यों के प्रति बढ़ता राजनीतिक विरोध।
  • उपभोक्ता लागत बोझ के बारे में चिंताएँ।
  • EU जलवायु महत्वाकांक्षा के पैमाने को कम करने पर बहस।

सरकार की प्रतिक्रिया

  • ऊर्जा मंत्री टिन वैन डेर स्ट्रैटन की स्थिति:
    • लागत चिंताओं को मान्यता दी।
    • अतिरिक्त वित्तपोषण विकल्प तलाशने की वकालत की।
    • यूरोपीय संघ के वित्तीय समर्थन में वृद्धि की मांग।
    • हाल ही में यूरोपीय निवेश बैंक से €650 मिलियन का क्रेडिट सुविधा हासिल की।

यूरोपीय ऊर्जा परिवर्तन के लिए महत्व

राजकुमारी एलिजाबेथ ऊर्जा द्वीप केवल एक राष्ट्रीय परियोजना नहीं है; यह यूरोप के हरित ऊर्जा परिवर्तन के जटिल चुनौतियों का प्रतीक है:

  • नवाचार बनाम आर्थिक वास्तविकता
  • जलवायु महत्वाकांक्षा बनाम राजनीतिक व्यवहार्यता
  • पर्यावरण संरक्षण बनाम औद्योगिक चिंताएँ

यह परियोजना तकनीकी, वित्तीय और राजनीतिक चुनौतियों के बीच अपनी मुख्य मंशा को बनाए रखते हुए बेल्जियम और यूरोप की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

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vikash

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