
वर्ल्डलाइन ईपेमेंट्स इंडिया ने भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से मंजूरी प्राप्त करने की घोषणा की है। यह मंजूरी भारतीय बाजार के प्रति कंपनी के समर्पण को रेखांकित करती है और एक अच्छी तरह से विनियमित भुगतान परिदृश्य के भीतर अनुपालन के प्रति इसकी प्रतिबद्धता पर जोर देती है।
आरबीआई ने कड़ी की जांच
आरबीआई ने हाल ही में भुगतान क्षेत्र की जांच तेज कर दी है और ऑनलाइन भुगतान कंपनियों से अपने प्लेटफॉर्म पर व्यापारियों की लेनदेन-संबंधी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखने का आग्रह किया है। इस कदम का उद्देश्य अद्यतन दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करना और नियामक निरीक्षण को मजबूत करना है।
सीईओ का बयान
वर्ल्डलाइन ईपेमेंट्स इंडिया के सीईओ रमेश नरसिम्हन ने भारतीय बाजार के अनुपालन और समर्पण पर कंपनी के फोकस पर प्रकाश डालते हुए आरबीआई के प्राधिकरण के लिए आभार व्यक्त किया। यह मंजूरी आरबीआई द्वारा प्रोसस समर्थित पेयू को भुगतान एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी देने के मद्देनजर दी गई है।


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